‘तुम्हारा सपना सच करने के लिए कुछ भी करूंगा’, संजय गुप्ता के निधन पर संजय दत्त का इमोशनल बयान, दिया आखिरी वचन


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फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन से एक्टर संजय दत्त काफी दुखी हैं. दोनों सितारों ने साथ में न सिर्फ कई फिल्में कीं, बल्कि अच्छी दोस्ती भी साझा की. संजय दत्त ने इमोशनल पोस्ट में संजय गुप्ता को भाई बताते हुए उनके अधूरे सपने को पूरा करने का वचन दिया.

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'सपना सच करने के लिए कुछ भी करूंगा', दोस्त के निधन पर संजय दत्त हुए इमोशनलZoom

संजय गुप्ता का 57 साल की आयु में निधन.

नई दिल्ली: संजय गुप्ता के निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में मातम पसरा हुआ है. उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिये हिंदी सिनेमा में खास पहचान बनाई और कहानियों से दर्शकों के मन की गहराई को छुआ. संजय दत्त के साथ उनका खास याराना था. दोनों ने साथ मिलकर काफी काम किया था और साथ मिलकर इंडस्ट्री को कुछ यादगार फिल्में दीं. आज 31 अक्टूबर को संजय गुप्ता के निधन के बाद एक्टर ने अपने एक्स अकाउंट पर दिवंगत फिल्ममेकर के साथ कुछ तस्वीरें साझा कीं और एक लंबा, दिल छू लेने वाला पोस्ट लिखा. संजय गुप्ता के लिए एक इमोशनल नोट लिखते हुए संजय दत्त ने कहा, ‘मेरे भाई. मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि तुम अब हमारे बीच नहीं रहे. हमने साथ में बहुत कुछ साझा किया है, इतनी सारी यादें और दोस्ती के इतने सारे साल.’

संजय दत्त ने डायरेक्टर को अपना भाई बताते हुए ‘कांटे 2’ को लेकर हुई उनसे पिछली बातचीत का जिक्र किया. वे आगे लिखते हैं, ‘तुम हमेशा मेरे परिवार की तरह रहे हो और यह कभी नहीं बदलेगा. मैं तुम्हें, हमारी बातचीत को और साथ बिताए उन सभी पलों को बहुत याद करूंगा. हमने हाल में ‘कांटे 2’ के बारे में बात की थी. मेरे भाई, तुम्हारी याद में मैं ‘कांटे 2′ जरूर बनाऊंगा. तुम्हारे इस सपने को सच करने के लिए मैं सब कुछ करूंगा. हमेशा तुम्हें प्यार करता रहूंगा. तुम्हारे बिना जिंदगी अब वैसी नहीं रहेगी भाई. भगवान तुम्हारी आत्मा को शांति दे.’

(फोटो साभार: Instagram@duttsanjay)

संजय गुप्ता की फिल्मों में संजय दत्त ने किया खूब काम
संजय दत्त के साथ संजय गुप्ता का काम उनके करियर का एक अहम हिस्सा बन गया. दोनों ने साल 2002 की ‘कांटे’, 2004 की ‘मुसाफिर’, 2006 की ‘जिंदा’ और 2007 की ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया. ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ को संजय गुप्ता ने प्रोड्यूस भी किया था और इसके सह-लेखक भी थे. यह फिल्म 1991 के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स शूटआउट की घटना पर आधारित थी. इसके बाद, उन्होंने ‘शूटआउट एट वडाला’ का निर्देशन किया, जो असल घटनाओं से प्रेरित एक और क्राइम ड्रामा थी. उन्होंने ऐश्वर्या राय बच्चन की ‘जज्बा’ और ऋतिक रोशन की ‘काबिल’ जैसी फिल्मों के जरिए अलग-अलग कहानियों पर भी काम किया.

फिल्ममेकिंग की अलग शैली की विकसित
संजय गुप्ता के निर्देशन में बनी अन्य फिल्मों में ‘दस कहानियां’, ‘एसिड फैक्ट्री’ और ‘मुंबई सागा’ शामिल हैं, जिसमें जॉन अब्राहम और इमरान हाशमी ने काम किया था. संजय गुप्ता ने अपने प्रोडक्शन बैनर ‘व्हाइट फेदर फिल्म्स’ के जरिए एक प्रोड्यूसर के तौर पर भी कई प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट किया. समय के साथ, संजय गुप्ता ने फिल्ममेकिंग की अपनी एक अलग शैली डेवल्प की, जिसमें स्टाइलिश एक्शन सीक्वेंस, क्राइम पर आधारित कहानियां और शहरी परिवेश की झलक देखने को मिलती है. उन्होंने मैनस्ट्रीम सिनेमा में अपनी एक खास पहचान बनाई.



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