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5 batsman most Hundreds in consecutive Test: टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में लगातार सबसे ज्यादा मैचों में शतक जड़ना एक दुर्लभ और असाधारण कारनामा है. सर डॉन ब्रैडमैन, जैक्स कैलिस, मोहम्मद यूसुफ और गौतम गंभीर जैसे महान बल्लेबाजों ने अपने दम पर इस रिकॉर्ड को अंजाम दिया है. इन खिलाड़ियों ने अपनी मानसिक दृढ़ता और शानदार तकनीक के बल पर दुनिया भर के गेंदबाजों के पसीने छुड़ाए. यह आंकड़े केवल स्कोरबोर्ड पर दर्ज संख्याएं नहीं हैं. बल्कि यह उनकी अटूट लगन की ऐसी कहानी हैं, जिन्होंने क्रिकेट जगत में नई इबारत लिखी.
टेस्ट में लगातार सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले 5 बल्लेबाज.
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर कुछ रिकॉर्ड ऐसे बनते हैं. जो समय की रेत पर अमिट छाप छोड़ जाते हैं. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में लगातार मैचों में सबसे शतक जड़ना एक ऐसा ही दुर्लभ और असाधारण कारनामा है. जिसे अंजाम देने वाले बल्लेबाज दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज करते हैं. इस लिस्ट में टॉप पर ऑस्ट्रेलिया के सर डॉन ब्रैडमैन हैं जिन्होंने टेस्ट में लगातार सबसे ज्यादा शतक जड़े. टॉप 5 की लिस्ट में साउथ अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक्स कैलिस, भारत के गौतम गंभीर और पाकिस्तान के मोहम्मद युसूफ शामिल हैं.
जब भी क्रिकेट में रनों के पहाड़ और असाधारण बल्लेबाजी की बात आती है. तो सबसे पहला नाम सर डोनाल्ड ब्रैडमैन (Donald Bradman) का आता है. ब्रैडमैन का नाम मात्र ही गेंदबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने के लिए काफी था. साल 1937 के शुरुआती महीनों में. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मुकाबलों में ब्रैडमैन ने अपनी बल्लेबाजी का ऐसा करिश्मा दिखाया. जो आज भी हैरान करता है. उन्होंने लगातार छह टेस्ट शतक जड़े. इस सिलसिले की शुरुआत 1 जनवरी 1937 को मेलबर्न में हुए टेस्ट से हुई. जहां उन्होंने पहली पारी में 270 रनों की मैराथन और ऐतिहासिक पारी खेली. इसके तुरंत बाद 29 जनवरी 1937 को एडिलेड में उन्होंने 212 रनों की एक और डबल सेंचुरी ठोक डाली. सिलसिला यहीं नहीं रुका. 26 फरवरी 1937 को मेलबर्न में उन्होंने 169 रन बनाए. इसके बाद जून 1938 में नॉटिंघम में नाबाद 144, लॉर्ड्स में नाबाद 102 और लीड्स में 103 रनों की पारियां खेलकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह इस खेल के असली सम्राट क्यों कहे जाते हैं.
ब्रैडमैन का यह शानदार फॉर्म सिर्फ एक बार नहीं. बल्कि उनके पूरे करियर में देखा गया. इससे पहले 1929 और 1930 के बीच भी उन्होंने लगातार चार मैचों में शतकीय पारियां खेली थीं. जिसमें मेलबर्न में 123, नॉटिंघम में 131, लॉर्ड्स में 254 और लीड्स में खेली गई उनकी 334 रनों की पारी शामिल है.
दक्षिण अफ्रीका के चट्टानी दीवार जैक्स कैलिस
क्रिकेट जगत में जब सबसे महान ऑलराउंडर्स की बात होती है तो जैक्स कैलिस (Jacques Kallis) का नाम सबसे ऊपर आता है. कैलिस की तकनीक और संयम किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को थका देने के लिए काफी थे. दिसंबर 2003 से मार्च 2004 के बीच कैलिस ने अपनी बल्लेबाजी के दम पर दक्षिण अफ्रीका को लगातार मुकाबलों में मजबूती प्रदान की. कैलिस ने लगातार पांच टेस्ट पारियों में शतक जड़े.
दिसंबर 2003 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 158 रन बनाए. इसके ठीक बाद डरबन में 177 रनों की नाबाद और शानदार पारी खेली. केपटाउन और सेंचुरियन में भी उनका बल्ला आग उगलता रहा. जहां उन्होंने क्रमशः नाबाद 130 और फिर एक और नाबाद 130 रनों की पारियां खेलीं. इसके बाद मार्च 2004 में न्यूजीलैंड के खिलाफ हेमिल्टन टेस्ट में नाबाद 150 रन बनाकर उन्होंने अपने इस शानदार शतकीय सिलसिले को और आगे बढ़ाया.
पाकिस्तान के कलात्मक उस्ताद मोहम्मद यूसुफ
अपनी खूबसूरत और शालीन कवर ड्राइव के लिए मशहूर मोहम्मद यूसुफ (Mohammad Yousuf) ने साल 2006 में टेस्ट क्रिकेट में रनों का सैलाब ला दिया था. अगस्त 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स और द ओवल में उन्होंने क्रमशः 192 और 128 रनों की पारियां खेलकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे. उन्होंने लगातार पांच टेस्ट शतक जड़े. असली तहलका तब मचा जब नवंबर 2006 में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज की मेजबानी की. लाहौर टेस्ट में 192 रन, मुल्तान में 191 रन और कराची टेस्ट की दोनों पारियों में 102 और 124 रन बनाकर यूसुफ ने विश्व क्रिकेट में तहलका मचा दिया. उनकी यह निरंतरता दिखाती है कि वह दबाव की स्थिति में अपनी टीम के लिए सबसे बड़े संकटमोचन थे.
भारत की जुझारू और अडिग दीवार गौतम गंभीर
भारतीय क्रिकेट इतिहास में साल 2009 और 2010 का दौर सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के सुनहरे दिनों के रूप में याद किया जाता है. गंभीर अपनी एकाग्रता और लंबी पारियां खेलने की क्षमता के लिए जाने जाते थे. मार्च 2009 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर और वेलिंगटन टेस्ट में उन्होंने क्रमशः 137 और 167 रनों की गजब की पारियां खेलकर विरोधी गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए. इसके बाद नवंबर 2009 में श्रीलंका के खिलाफ अहमदाबाद में 114 रन और कानपुर में 167 रनों की पारियों के साथ उन्होंने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को बेहद मजबूत किया. जनवरी 2010 में चट्टोग्राम (बांग्लादेश) के खिलाफ टेस्ट मैच में भी उन्होंने 116 रनों की एक और बेहतरीन शतकीय पारी खेली और लगातार मैचों में शतक जड़ने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों की लिस्ट में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया.
पांचवें नंबर पर भी ब्रैडमैन का नाम
क्रिकेट के मैदान पर सर डॉन ब्रैडमैन की बल्लेबाजी हमेशा से अजूबा रही है. साल 1931 और 1932 के बीच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज इसका एक बेहतरीन उदाहरण है. इस ऐतिहासिक सिलसिले की शुरुआत 27 नवंबर 1931 को ब्रिस्बेन टेस्ट से हुई. जहां उन्होंने पहली पारी में 226 रनों की शानदार दोहरी शतकीय पारी खेली. इसके बाद 18 दिसंबर 1931 को सिडनी टेस्ट में उन्होंने 112 रन बनाए. ब्रैडमैन का यह शानदार फॉर्म यहीं नहीं रुका. उन्होंने 31 दिसंबर 1931 को मेलबर्न टेस्ट की दूसरी पारी में 167 रनों की जबरदस्त पारी खेली और फिर 29 जनवरी 1932 को एडिलेड टेस्ट में नाबाद 299 रनों की मैराथन पारी खेलकर दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के होश उड़ा दिए. यह कहानी उस महान बल्लेबाज की है जिसने अपनी बेजोड़ निरंतरता से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया था. इस दौरान उन्होंने लगातार चार शतक जड़े.