कौन है यह फ्रेंच रईस जो खरीद रहा वोडाफोन में हिस्सेदारी? 25 की उम्र में बनाई थी कंपनी, आज ₹1.33 लाख करोड़ का मालिक


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Xavier Niel Success Story : जेवियर नियल (Xavier Niel) फ्रांस के प्रमुख अरबपति उद्यमी, निवेशक और टेलीकॉम टाइकून हैं. उन्हें फ्रांस और यूरोप के टेलीकॉम सेक्टर में क्रांति लाने और कम लागत वाली इंटरनेट व मोबाइल सेवाएं शुरू करने के लिए जाना जाता है. अब वे वोडाफोन में 16.2 फीसदी हिस्‍सेदारी लेने जा रहे हैं.

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कौन है यह फ्रेंच रईस जो खरीद रहा वोडाफोन में हिस्सेदारी?Zoom

जेवियर नियल की कंपनी वेगा एसएएस की भारत में कोई सीधी कारोबारी मौजूदगी नहीं है. (Photo : @Xavier75/X)

नई दिल्‍ली. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने फ्रांस के उद्योगपति जेवियर नियल (Xavier Niel) को वोडाफोन समूह (Vodafone Group Plc) में 16.2 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दे दी है. जेवियर अपनी पारिवारिक निवेश कंपनी वेगा एसएएस (Vega SAS) के जरिए यह हिस्‍सेदार खरीद रहे हैं. जेवियर नियल की गिनती दुनिया के सबसे प्रभावशाली टेक्नोलॉजी उद्यमियों में होती है. वे दुनिया के 211वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं. 25 साल की उम्र में अपनी कंपनी बनाने वाले नियल अब ₹1.33 लाख करोड़ की संपत्ति के मालिक है. उन्‍हें फ्रांस के टेलीकॉम सेक्‍टर का कायाकल्‍प करने के लिए जाना जाता है. उनका कारोबार फ्रांस के अलावा इटली, पौलेंड और आयरलैंड सहित कई देशों में फैला है.

जेवियर नियल मुख्य रूप से फ्रांसीसी टेलीकॉम समूह इलियड (Iliad) के संस्थापक और प्रमुख शेयरधारक के रूप में जाने जाते हैं. जेवियर नियल की कंपनी वेगा एसएएस की भारत में कोई सीधी कारोबारी मौजूदगी नहीं है. वोडाफोन भारत में वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vi) के जरिए मोबाइल और फिक्स्ड-लाइन सेवाएं प्रदान करता है. वोडाफोन में हिस्‍सेदारी होने से नियल की भारत में भी एंट्री हो जाएगी.

25 की उम्र में शुरू किया था पहला स्टार्टअप

नियल ने महज 25 वर्ष की उम्र में 1993 में फ्रांस के पहले इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP) में से एक वर्ल्‍डनेट की स्थापना की थी. सात साल तक इसे सफलतापूर्वक चलाने के बाद उन्होंने साल 2000 में इसे लगभग 50 मिलियन डॉलर में बेच दिया. फिर उन्‍होंने टेलीकॉम समूह इलियड (Iliad) की स्‍थापना की. इलियड के तहत उन्होंने Free ब्रांड शुरू किया. 2002 में उन्होंने मशहूर ‘Freebox’ पेश किया, जिसने मल्टी-सर्विस ब्रॉडबैंड का चेहरा बदला.

2012 में उन्होंने फ्रांस में ‘फ्री मोबाइल’ लॉन्च किया. कंपनी ने बहुत कम दरों पर अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा देकर फ्रांस के मोबाइल बाजार को पूरी तरह बदल दिया.
इसके बाद जेवियर नियल ने अपने टेलीकॉम नेटवर्क का विस्तार इटली (Iliad Italia), पोलैंड और आयरलैंड तक किया. साल 2014 में उन्होंने 2.9 बिलियन डॉलर में ‘ऑरेंज स्विट्जरलैंड’ का अधिग्रहण कर उसका नाम बदलकर Salt किया. साथ ही उनके पास ‘मोनाको टेलीकॉम’ का भी मालिकाना हक है.

स्टार्टअप्स और शिक्षा को देते हैं बढावा

कारोबार के अलावा जेवियर नियल युवाओं और नए उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने पेरिस में Station F की नींव रखी, जिसे आज दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप इनक्यूबेटर परिसर माना जाता है, जहां एक छत के नीचे हजारों स्टार्टअप काम करते हैं. इसके अलावा उन्होंने कोडिंग और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग को हर वर्ग के लिए सुलभ बनाने के मकसद से ‘École 42’ नाम से एक ट्यूशन-मुक्त (Free) कोडिंग संस्थान शुरू किया. इस संस्थान की खासियत यह है कि यहां न कोई पारंपरिक शिक्षक होता है और न ही कोई फीस लगती है. छात्र पीयर-टू-पीयर लर्निंग के जरिए तकनीक सीखते हैं.

मीडिया से लेकर रियल एस्टेट तक लगाया है पैसा

जेवियर नियल का निवेश केवल टेलीकॉम तक सीमित नहीं है. वे फ्रांस के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली समाचार पत्रों में से एक ‘ले मोंडे’ (Le Monde) के प्रमुख शेयरधारकों में शामिल हैं. इसके अलावा, पेरिस स्थित दिग्गज वाणिज्यिक रियल एस्टेट फर्म यूनिबैल-रोडामको-वेस्टफील्ड (Unibail-Rodamco-Westfield) में भी उनका बड़ा निवेश है.



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