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RIL Q2 Results : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने चालू वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में जमकर मुनाफा कमाया है. कंपनी ने शुक्रवार को तिमाही रिजल्ट घोषित किए. इसमें साफ दिख रहा है कि उसका शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 34 फीसदी बढ़ा है, जो अनुमान से भी कहीं ज्यादा है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज का रेवेन्यू भी दूसरी तिमाही में जमकर बढ़ा है.
नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने जुलाई-सितंबर तिमाही में तगड़ा मुनाफा हुआ है. कंपनी ने 30 अक्टूबर को तिमाही रिजल्ट में बताया कि उसे पिछले वित्तवर्ष की समान तिमाही में 22,092 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है. आरआईएल का रेवेन्यू भी दूसरी तिमाही में जमकर बढ़ा है और इसमें जियो प्लेटफॉर्म की बड़ी भूमिका रही है. दूसरी तिमाही में रिलायंस का रेवेन्यू भी बढ़ा है और यह 3.62 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है.
जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की टैक्स पूर्व कमाई यानी EBITDA भी 24 फीसदी बढ़ी है. यह 62,409 करोड़ रुपये के साथ आल टाइम हाई पर पहुंच गया है. कंपनी ने चालू वित्तवर्ष की पहली छमाही में अब तक कुल 50 हजार करोड़ का मुनाफा कमा लिया है, जो कंपनी के इतिहास में पहली बार है. कंपनी ने अपने तिमाही रिजल्ट में बताया कि ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उठापटक के बावजूद सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है.
जियो और तेल कारोबार ने दिलाई सफलता
आआईएल की कमाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण जियो प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती कमाई और ऑयल-केमिकल कारोबार का रिकॉर्ड प्रदर्शन रहा है. यही वजह है कि रिलायंस का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.8 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है. कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू भी 27.8 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 3,62,268 करोड़ हो गया.
तेल कारोबार में तगड़ा उछाल
रिलायंस के इस प्रदर्शन में उसके ऑयल-केमिकल (O2C) कारोबार की बड़ी भूमिका रही. इस कारोबार का EBITDA पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 67.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 25,203 करोड़ पहुंच गया. O2C कारोबार का रेवेन्यू भी 44.2 फीसदी बढ़कर 2,31,601 करोड़ हो गया. परिवहन ईंधन के रिफाइनिंग मार्जिन में तेज बढ़ोतरी और पॉलिएस्टर कारोबार के मार्जिन का तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना इस प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में रहा.
तेल चुनौतियों का भी किया सामना
इस दौरान रिलायंस ने कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का भी सामना किया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान के बावजूद कंपनी ने लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका और भूमध्यसागरीय क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की और रिकॉर्ड मात्रा में क्रूड प्रोसेसिंग की. इससे घरेलू ईंधन की मांग पूरी करने में मदद मिली. रिलायंस के अन्य कारोबारों ने भी कंपनी के प्रदर्शन में योगदान दिया. जियो प्लेटफॉर्म्स के रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी हुई, जबकि रिलायंस रिटेल ने तिमाही के दौरान 303 नए स्टोर खोले और डिजिटल कॉमर्स को आगे बढ़ाया. जियोस्टार के रेवेन्यू में भी वृद्धि दर्ज की गई. वहीं, ऑयल एंड गैस कारोबार का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा, हालांकि CBM उत्पादन बढ़ा. इन सबके बीच रिलायंस का कंसोलिडेटेड EBITDA 23.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 62,409 करोड़ पहुंच गया.