अगर आपका सेविंग्स अकाउंट ICICI बैंक में है, तो दिसंबर की शुरुआत से आपको कुछ बैंकिंग सर्विसेस के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. बैंक 1 दिसंबर 2026 से बचत खातों पर लगने वाले कुछ सर्विस चार्ज में बदलाव करने जा रहा है. इसका असर खासतौर पर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जो बैंक की ब्रांच या कैश रिसाइक्लर मशीन से बार-बार नकदी जमा करते हैं या निकालते हैं. इसके अलावा, जिनके खाते से हर महीने लोन की EMI या दूसरे पेमेंट अपने आप कटते हैं, उन्हें भी सावधान रहने की जरूरत है.
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अब हर नकदी लेनदेन पर चार्ज लगेगा. बैंक ने हर महीने कुछ मुफ्त लेनदेन की सुविधा जारी रखी है. लेकिन तय लीमिट पार होने पर ग्राहकों को पहले के मुकाबले ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है. वहीं, खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के कारण ऑटोमैटिक भुगतान फेल होने पर भी जुर्माना लगेगा. ऐसे में ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे अपने खाते के नए चार्ज समझ लें, ताकि बिना वजह बैंकिंग खर्च न बढ़े.
नकदी जमा और निकालना होगा महंगा
ICICI बैंक के नए चार्ज के मुताबिक, ब्रांच या कैश रिसाइक्लर मशीन के जरिए नकदी जमा करने और निकालने पर लगने वाला वैल्यू बेस्ड चार्ज बढ़ जाएगा. अभी तक हर 1,000 रुपये पर 3.50 रुपये चार्ज लगता है, जिसे बढ़ाकर 4 रुपये किया जा रहा है. हालांकि, यह चार्ज तभी लगेगा, जब ग्राहक महीने की तय मुफ्त लीमिट पार करेगा.
| अभी के चार्ज | 1 दिसंबर 2026 से | |
|---|---|---|
| फ्री कैश डिपॉजिट ट्रांजैक्शन | महीने में 3 बार | महीने में 3 बार |
| फ्री कैश विड्रॉल ट्रांजैक्शन | महीने में 3 बार | महीने में 3 बार |
| कॉम्प्लिमेंट्री मंथली कैश डिपॉजिट वैल्यू | 1 लाख रुपये तक | 1 लाख रुपये तक |
| कॉम्प्लिमेंट्री मंथली कैश विड्रॉल ट्रांजैक्शन | 1 लाख रुपये तक | 1 लाख रुपये तक |
बैंक ग्राहकों को हर महीने तीन नकदी लेनदेन मुफ्त करने की सुविधा देगा. इसके बाद हर अतिरिक्त लेनदेन पर 150 रुपये का चार्ज लगेगा. इसके अलावा, एक महीने में 1 लाख रुपये तक के नकदी लेनदेन पर वैल्यू बेस्ड चार्ज नहीं लगेगा. इस लीमिट से ज्यादा नकदी जमा करने या निकालने पर हर 1,000 रुपये पर 4 रुपये या 150 रुपये, दोनों में से जो रकम ज्यादा होगी, वह वसूली जाएगी. अगर कोई ग्राहक महीने में मुफ्त लेनदेन की संख्या और नकदी की कुल रकम, दोनों की लीमिट पार कर जाता है, तो लागू होने वाले दोनों चार्ज में से ज्यादा चार्ज देना होगा.
EMI या ऑटो डेबिट फेल होने पर लगेगा जुर्माना
बैंक ने ECS और NACH के जरिए होने वाले ऑटोमैटिक भुगतान के रिटर्न चार्ज में भी बदलाव किया है. ECS और NACH के माध्यम से आमतौर पर लोन की EMI, बीमा प्रीमियम और दूसरे नियमित भुगतान अपने आप खाते से कटते हैं. अगर भुगतान की तारीख पर खाते में पर्याप्त पैसे नहीं होते और ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है, तो बैंक जुर्माना वसूलता है.
1 दिसंबर से पहली बार भुगतान फेल होने पर 500 रुपये का चार्ज लगेगा. वहीं, उसी मैंडेट के तहत दूसरी और तीसरी बार भुगतान फेल होने पर 550-550 रुपये देने होंगे. एक महीने में एक ही मैंडेट के लिए अधिकतम तीन बार यह चार्ज वसूला जा सकेगा. इसलिए जिन ग्राहकों के खाते से हर महीने EMI या दूसरे ऑटोमैटिक भुगतान होते हैं, उन्हें तय तारीख से पहले खाते में पर्याप्त बैलेंस रखना चाहिए. इससे अतिरिक्त जुर्माने से बचा जा सकता है.
जन धन और बेसिक सेविंग्स अकाउंट पर क्या असर होगा?
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खुले खातों और बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBDA) रखने वाले ग्राहकों को नकदी लेनदेन के मामले में राहत जारी रहेगी. बैंक के मुताबिक, इन खातों पर नकदी जमा करने और निकालने का चार्ज शून्य रहेगा. हालांकि, इन खातों के ग्राहकों को भी ECS और NACH के जरिए होने वाले भुगतान फेल होने पर नया जुर्माना देना पड़ सकता है. यानी बेसिक या जन धन खाता होने का मतलब यह नहीं है कि हर तरह के बैंकिंग चार्ज से छूट मिलेगी.
नए चार्ज लागू होने से पहले ग्राहकों को अपने सेविंग अकाउंट की कैटेगरी और उससे जुड़े चार्ज की जानकारी ले लेनी चाहिए. ICICI बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर अलग-अलग खातों के लिए सर्विस चार्ज की लिस्ट उपलब्ध है. जरूरत पड़ने पर ग्राहक बैंक की शाखा या कस्टमर केयर से भी जानकारी ले सकते हैं.