पशुओं को ठंड से बचाने का देसी तरीका, एक्सपर्ट ने बताए सर्दियों के जरूरी इंतजाम
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सर्दियों का मौसम शुरू होने से पहले पशुपालकों को अपने पशुओं की देखभाल की तैयारी कर लेनी चाहिए. ठंडी हवा, गीली जमीन और खानपान में लापरवाही पशुओं की सेहत बिगाड़ सकती है. ऐसे में चित्रकूट के अपर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके सिंह ने पशुओं को ठंड से बचाने के कुछ जरूरी उपाय बताए हैं.
पशुशाला को ठंडी हवाओं से बचाकर रखें
सर्दियों में पशुओं को खुले में रखने से बचना चाहिए. उनके रहने की जगह को चारों तरफ से इस तरह ढकें कि ठंडी हवा सीधे अंदर न आए. हालांकि पशुशाला को पूरी तरह बंद न करें, क्योंकि पशुओं के लिए पर्याप्त हवा का आवागमन यानी वेंटिलेशन भी जरूरी है.
जमीन पर बिछाएं सूखा भूसा और पुआल
पशुओं को सीधे ठंडी और गीली जमीन पर न बांधें. उनके बैठने और लेटने वाली जगह पर सूखा भूसा, पुआल या दूसरी सूखी सामग्री बिछा दें. इससे ठंडे फर्श के संपर्क से होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिलेगी.
रात में पशुशाला के खुले हिस्से ढक दें
रात के समय तापमान काफी नीचे चला जाता है. ऐसे में पशुओं को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए पशुशाला के खुले हिस्सों को बोरी, टाट या दूसरे उपलब्ध साधनों से ढक दें. ध्यान रखें कि हवा का आवागमन पूरी तरह बंद न हो.
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पशुओं को दें हरा और सूखा चारा
सर्दियों में पशुओं को पर्याप्त और पौष्टिक आहार देना जरूरी है. उनके भोजन में हरा चारा, सूखा चारा और संतुलित आहार शामिल करें. इससे उन्हें जरूरी पोषण मिल सकेगा और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी.
ज्यादा ठंड पड़ने पर करें अलाव का इंतजाम
तापमान बहुत नीचे जाने पर पशुओं को ठंड से बचाने के लिए अलाव का इंतजाम किया जा सकता है. हालांकि आग को पशुओं से सुरक्षित दूरी पर रखें और धुएं को पशुशाला में जमा न होने दें.
ठंड शुरू होने से पहले कर लें पूरी तैयारी
पशुओं को ठंड से बचाने के लिए आखिरी समय का इंतजार न करें. पशुशाला की मरम्मत, सूखे बिछावन और ठंडी हवा रोकने के इंतजाम पहले ही कर लें. इससे सर्दियों में पशुओं को होने वाली परेशानियों से बचाने में मदद मिल सकती है.