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Amit Shah and UP Chunav: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने बीजेपी का एजेंडा तय कर दिया है. चुनाव तैयारियों को लेकर अपनी पहली औपचारिक बैठक में अमित शाह ने राम-राम शब्द से अपनी बात शुरू की. इसके बाद मुलायम सिंह सरकार में अयोध्या में कारसेवकों पर चलाई गई गोलियों का जिक्र किया. साथ ही यूपी में बीजेपी को अंगद का पैरा बताकर अगली सरकार बनने पर यूसीसी लागू करने की भी बात की. यानी अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जिस तरह से आक्रामक हैं उसको लेकर अमित शाह ने स्टैंड क्लियर कर दिया है. बता दिया कि भगवान राम पर बीजेपी कतई बैकफुट पर नहीं जाएगी.
गृहमंत्री अमित शाह ने लखनऊ में बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति का उद्घाटन किया.
उत्तर प्रदेश विधानसभा की तैयारी में गृहमंत्री अमित शाह की औपचारिक एंट्री हो गई है. गृहमंत्री ने 30 अक्टूबर को लखनऊ में अपने तीन घंटे के दौरे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट रूप से मैसेज दे दिया है कि 2027 के रण में भी भगवान राम के सहारे ही लड़ाई लड़ी जाएगी. अमित शाह ने लखनऊ पहुंचकर बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का उ़दघाटन किया. शाह ने यहां डॉक्टर राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की शुरुआत की.
प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में शुरू हुई कार्यसमिति की बैठक में सीएम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख नेता मौजूद हैं. शाह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण किया. इस दौरान वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे गूंजते रहे. बैठक में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे.
अमित शाह ने सेट किया यूपी चुनाव में भगवान ‘राम’ का एजेंडा
गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में यूपी चुनाव 2027 को लेकर बीजेपी का एजेंडा सेट कर दिया है. अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत ही कहा- ‘भाजपा के मालिक (कार्यकर्ताओं) को राम राम’. उसके बाद संबोधन में कहा- ‘आज ही के दिन मुलायम सिंह यादव ने अयोध्या में अंधाधुंध गोलियां चलाकर कारसेवकों का नरसंहार किया था. यूपी में 30 अक्टूबर का बड़ा योगदान है आज के दिन 1990 अयोध्या में राम भक्तों पर गोलिया चलाई थी.’
अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए शाह ने कहा- ‘मैं पूछना चाहता हूं कि आप किस मुंह से सरकार बनाने की बात करते हैं. आपने राम भक्तों पर गोलियां चलाई, हमने राम मंदिर बना दिया. आपकी तीसरी पीढ़ी को भी जनता माफ नहीं करेगी. कल्याण सिंह ने सरकार की चिंता किए बिना विवादित ढांचे को ध्वस्त कराया.’
‘अबकी यूपी में सरकार बनी तो यूसीसी लागू करेंगे’
गृहमंत्री ने आगे कहा कि यूपी में बीजेपी सरकार अंगद का पैर है उसे कोई नहीं हटा सकता है फिर से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है कोई दुविधा नहीं है. चुनाव प्रक्रिया और एसआईआर पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर अमित शाह ने कहा- ‘मैच हारने के बाद अब अंपायर पर आरोप लगाया जा रहा है कि वोट चोरी हुई. बीजेपी संसद में चर्चा के लिए तैयार है. एक बार आइए, विशेष सत्र बुलाते हैं. हम एक एक बात का जवाब देने को तैयार हैं. संसद में चर्चा कीजिए.’
शाह ने कहा- ‘2014 में हमारे केवल 44 विधायक थे. बहुत निराशा थी. मैं तहसील तक गया. एक बार संगठन ठीक हो गया तो 2014 में यूपी में 41 प्रतिशत वोट के साथ 73 सीट जीतीं. 2017 में नोटबंदी हुई थी तो अखिलेश को रात भर नींद नहीं आई थी. हमने 40 प्रतिशत वोट लेकर 312 सीट जीती थीं. उसी प्रदर्शन को दोहराने का समय आ गया है. उन्होंने यह कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि यूपी में तीसरी बार सरकार बना दो यहां भी यूसीसी लागू करेंगे.
अखिलेश यादव को शाह ने भेज दिया अपना संदेश
2027 के रण में अमित शाह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को क्लियर मैसेज दे दिया है. अखिलेश यादव अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मुद्दे को उछालकर लगातार बीजेपी को सनातन विरोधी बताने में लगे हैं. लोकसभा चुनाव में अयोध्या की सीट, एमएलसी चुनाव में वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा और लखनऊ में सपा प्रत्याशी को मिली जीत को भी सपा खूब उछाल रही है. अखिलेश यादव नैरेटिव गढ़ने में जुटे हैं कि तमाम बड़े धार्मिक जगह के लोगों ने बीजेपी को नकार दिया है. इसी दौरान वह यह भी कहने लगे हैं कि समाजवादी ही असली सनातन हैं. यानी कुल मिलाकर अखिलेश यादव 2027 के चुनाव में बीजेपी को घेरने के लिए पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के साथ सॉफ्ट हिंदुत्व के मुद्दे पर लड़ाई की तैयारी में जुटे हैं.
अब अमित शाह ने भगवान राम का नाम लेकर और मुलायम सिंह यादव की सरकार में कार सेवकों पर चलाई गई गालियों का जिक्र कर अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है. शाह ने बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ तौर से बता दिया है कि भगवान राम के मुद्दे पर कतई पीछे हटने की जरूरत नहीं है. भगवान राम का नाम लेकर आज पार्टी यहां तक पहुंची है और आगे भी इसी तरह बढ़ती रहेगी. यहां यह भी बता दूं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर कभी भी बैकफुट पर नहीं दिखे, वो लगातार अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को सनातन विरोधी ही बताने में जुटे दिखते हैं.