तेलंगाना: सातवें निज़ाम के दौर की ऐतिहासिक इमारत क्यों है खास? जानें
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102 Year Old Town Hall Hanamkonda History: तेलंगाना के हनमकोंडा स्थित पब्लिक गार्डन में 102 साल पुराना टाउन हॉल आज भी मजबूती और शानदार वास्तुकला के साथ खड़ा है. वर्ष 1924 में आसफ़ जाही दौर के 200 वर्ष पूरे होने पर तत्कालीन ज़िला कलेक्टर मौलवी सैयद अहमद नईमुद्दीन साहिब की देखरेख में इसका निर्माण हुआ था. सीमेंट के बजाय पारंपरिक ढंगू सुन्नम (विशेष चूने व गारे) से निर्मित यह भवन आधुनिक निर्माण के लिए मिसाल है. इसके दरवाजों में सागौन की लकड़ी और गुंबदों पर आकाशीय बिजली से सुरक्षा के लिए धातु के कलश लगाए गए हैं.
तेलंगाना: तेलंगाना के ऐतिहासिक शहर हनमकोंडा के पब्लिक गार्डन में स्थित 102 साल पुराना टाउन हॉल आज भी अपनी मजबूती और शानदार वास्तुकला की गवाही दे रहा है. वर्ष 1924 में निज़ाम काल के दौरान निर्मित यह इमारत आधुनिक निर्माण तकनीकों के सामने एक मिसाल बनी हुई है. एक सदी से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह ऐतिहासिक संरचना वारंगल और हनमकोंडा की पहचान का अभिन्न हिस्सा है. स्थानीय निवासियों और इतिहासकारों के लिए यह भवन निज़ाम कालीन स्थापत्य कला की अनूठी मिसाल पेश करता है.
इतिहासकार मसरूफ अली पाशा के अनुसार इस ऐतिहासिक टाउन हॉल की नींव वर्ष 1924 में आसफ़ जाही दौर के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रखी गई थी. ऐतिहासिक अभिलेखों और परिसर में मौजूद शिलापट्ट के अनुसार, इस भवन का निर्माण तत्कालीन ज़िला कलेक्टर मौलवी सैयद अहमद नईमुद्दीन साहिब की देखरेख में कराया गया था. उस दौर में हनमकोंडा और वारंगल के प्रशासनिक व नागरिक विकास के तहत इसे सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों के मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया गया था.
बिना सीमेंट और कंक्रीट के भी 102 साल से मजबूती से खड़ा है भवन
टाउन हॉल के निर्माण में सीमेंट और कंक्रीट के बजाय उस दौर की पारंपरिक तकनीक ‘ढंगू सुन्नम’ यानी विशेष प्रकार के चूने, गारे और प्राकृतिक मिश्रण का इस्तेमाल किया गया था. यही वजह है कि 102 साल बाद भी इसकी मुख्य संरचना पूरी तरह अक्षुण्ण है. भवन के दरवाजों और खिड़कियों में उच्च गुणवत्ता वाली सागौन की लकड़ी का प्रयोग हुआ है जो आज भी सुरक्षित है. इमारत के गुंबदों पर धातु के कलश स्थापित किए गए हैं जो उस समय की इंजीनियरिंग के अनुसार आकाशीय बिजली से सुरक्षा का काम करते थे.
हनमकोंडा के दिल में स्थित धरोहर के संरक्षण की पहल
यह धरोहर हनमकोंडा शहर के मध्य में 23 एकड़ में फैले पब्लिक गार्डन के भीतर स्थित है. यह स्थल हैदराबाद, करीमनगर और हनमकोंडा चौराहे को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों के केंद्र में पड़ता है. सुबेदारी क्षेत्र स्थित पुराने कलेक्टर बंगले की तरह ही यह टाउन हॉल भी शहर की प्रमुख विरासतों में गिना जाता है. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में लगातार हुई बारिश और मौसम के प्रभाव के कारण इमारत की ऊपरी परतों से हल्का प्लास्टर झड़ने की समस्या सामने आई है. इस ऐतिहासिक धरोहर को भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रशासन इसके संरक्षण और परिसर के रख-रखाव के कार्यों पर ध्यान दे रहा है.