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धौलपुर पुलिस और खाद्य विभाग ने मिलावटखोरों पर जोरदार कार्रवाई की है. दीपावली से ठीक पहले मावा मंडी और प्लांट्स पर छापेमारी हुई. पुराना बस स्टैंड स्थित मावा मंडी में एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर डीएसटी प्रभारी मुकेश कुशवाहा की टीम पहुंची. मनियां क्षेत्र में लक्ष्मीधर मावा प्लांट से खराब मावा मिला है. खाद्य सुरक्षा दल ने मौके पर ही 600 किलो दूषित मावा और 45 किलो एक्सपायरी वनस्पति घी नष्ट करवा दिया. विभिन्न प्रतिष्ठानों से मावा, दूध, क्रीम और रिफाइंड पामोलीन तेल के नमूने लिए गए हैं. ये लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे.
धौलपुर. दीपावली से पहले धौलपुर में मिलावटी मावे के कारोबार पर पुलिस और खाद्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. पुराना बस स्टैंड स्थित मावा मंडी में पुलिस ने अचानक छापा मारा. वहीं मनियां क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा दल ने कार्रवाई करते हुए 600 किलो खराब मावा और 45 किलो एक्सपायरी वनस्पति घी नष्ट करवाया.
धौलपुर के पुराना बस स्टैंड स्थित मावा मंडी में मिलावटी मावे की सूचना मिलने पर एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर पुलिस ने छापा मारा. डीएसटी प्रभारी मुकेश कुशवाहा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. अचानक हुई कार्रवाई से मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
दुकानों और गोदामों में रखे मावे की जांच
डीएसटी के जवानों ने मंडी की एक-एक दुकान पर मोर्चा संभाला. पुलिस ने कार्रवाई की सूचना खाद्य विभाग को भी दी, जिसके बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची. अब पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम दुकानों और गोदामों में रखे मावे की जांच कर रही है.
दूसरी ओर, मनियां क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा दल ने मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की. टीम को लक्ष्मीधर मावा प्लांट में खराब मावा मिला. अधिकारियों ने मौके पर ही करीब 600 किलो मावा नष्ट करवा दिया. इसके अलावा 45 किलो एक्सपायरी वनस्पति घी भी नष्ट करवाया गया.
दूध, क्रीम और तेल के नमूने लिए
खाद्य सुरक्षा दल ने मुकेश दूध डेयरी एवं मावा प्रोडक्ट का भी निरीक्षण किया. इस दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों से मावा, दूध, क्रीम और रिफाइंड पामोलीन तेल के नमूने लिए गए. इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
दीपावली के त्योहार से पहले हुई इन कार्रवाइयों का मकसद बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है. अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से पता चलेगा कि लिए गए नमूनों में मिलावट की पुष्टि होती है या नहीं.