Diabetes Workout Tips : आजकल डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी बहुत आम हो गई है. जब किसी को डायबिटीज होती है, तो डॉक्टर सबसे पहले यही कहते हैं कि अपनी डाइट सुधारे और थोड़ा चलना-फिरना शुरू करें. लेकिन अक्सर मन में सवाल आता है, क्या वाकई सिर्फ वर्कआउट या एक्सरसाइज़ करने से ब्लड शुगर कंट्रोल हो सकता है? और अगर हाँ, तो कौन-सी एक्सरसाइज़ करनी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है? आइए समझते हैं.
जी हाँ, बिल्कुल! यूके की वेबसाइट डायबिटीज के मुताबिक, जब आप थोड़ा-बहुत चलते-फिरते हैं या कोई कसरत करते हैं, तो आपकी मसल्स यानी मांसपेशियां खून में मौजूद एक्स्ट्रा शुगर को एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करने लगती हैं. इससे खून में शुगर का स्तर अपने आप कम होने लगता है.
वर्कआउट करने से शरीर में इंसुलिन का काम करना आसान हो जाता है. Image: Canva
इसके अलावा, वर्कआउट करने से शरीर में इंसुलिन का काम करना आसान हो जाता है, जिसे डॉक्टरी भाषा में ‘इंसुलिन सेंसिटिविटी’ बढ़ना कहते हैं. यानी आप जो इंसुलिन लेते हैं या जो शरीर खुद बना रहा है, वह सही से काम करने लगता है. साथ ही, इससे वजन भी काबू में रहता है, बीपी और कोलेस्ट्रॉल सुधरता है और मन भी एकदम तरोताजा और टेंशन-फ्री रहता है.
डायबिटीज में एक्सरसाइज़ करने का सही तरीका-
(Canva)
अगर आप अबतक कभी भी कसरत नहीं किये हैं, तो घबराने या तुरंत जिम भागने की कोई जरूरत नहीं है. आप एकदम आसान तरीकों से शुरुआत कर सकते हैं:
धीमी और छोटी शुरुआत करें: अगर आप पहली बार शुरुआत कर रहे हैं, तो 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक ही काफी है. सुबह या शाम को टहलने की आदत डालें. धीरे-धीरे जब आदत पड़ जाए, तो समय बढ़ा सकते हैं.
वही करें जिसमें मजा आए: जरूरी नहीं कि आप भारी-भरकम वजन उठाएं. आप अपनी पसंद का काम चुन सकते हैं—जैसे थोड़ी तेज वॉक, पार्क में घूमना, साइकिल चलाना, स्विमिंग या घर पर ही हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग.
घर के कामों में छुपी है फिटनेस: अगर बाहर जाने का समय नहीं मिलता या मौसम खराब है, तो घर के अंदर ही वॉक कर लें. टीवी में एड ब्रेक आते ही खड़े होकर एक जगह टहलें, चाय उबलने का इंतजार करते हुए थोड़े कदम बढ़ाएं या पसंदीदा गाना चलाकर थोड़ा डांस कर लें.
हल्की-फुल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: बॉडी को मजबूत बनाने के लिए जिम की मशीनों की जरूरत नहीं है. घर में पानी की भरी बोतलें या कोई छोटा डिब्बा उठाकर हाथों की हल्की-फुल्की एक्सरसाइज (जैसे बाइसेप्स) की जा सकती है.
वर्कआउट के दौरान किन बातों का सबसे ज्यादा ध्यान रखें?
एक्सरसाइज़ करना तो बहुत फायदेमंद है, लेकिन डायबिटीज में कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बरतना भी उतना ही जरूरी है ताकि कोई परेशानी न हो:
शुगर लेवल जरूर चेक करें: अगर आप इंसुलिन या शुगर कम करने वाली दवाएं लेते हैं, तो वर्कआउट शुरू करने से पहले और बाद में अपनी शुगर जरूर माप लें. कई बार कसरत करते-करते शुगर अचानक काफी कम (हाइपोग्लाइसीमिया) हो सकती है. इसलिए जेब में टॉफी या ग्लूकोज का पैकेट हमेशा रखें.
अगर कोई बीमारी या दिक्कत है तो संभलकर: अगर डायबिटीज के कारण आपकी आंखों, किडनी या दिल में कोई समस्या है, तो भारी वजन उठाने या बहुत तेज दौड़ने (HIIT) से बचें. ऐसी स्थिति में हल्की वॉक, स्विमिंग या कुर्सी पर बैठकर की जाने वाली कसरत ही सबसे सेफ रहती है.
पैरों का खास ख्याल रखें: अगर पैरों में सुन्नपन रहता है, कोई छाला या घाव है, तो पैरों पर ज्यादा दबाव डालने वाली एक्टिविटी (जैसे जॉगिंग) न करें. हमेशा अच्छे, नरम और आरामदायक जूते पहनकर ही टहलें.
शरीर पर जबरदस्ती न दबाव न डालें: जिस दिन थकान, सुस्ती या कमजोरी लगे, उस दिन खुद के साथ जबरदस्ती न करें. शरीर को थोड़ा आराम दें और जब बेहतर महसूस हो, तब हल्की-फुल्की मूवमेंट कर लें.
ये बातें भी जरूरी –
शुरुआत धीरे करें (Start Slow): यदि आप लंबे समय से निष्क्रिय रहे हैं, तो तुरंत बड़े लक्ष्य न बनाएं. 10 मिनट की वॉक से शुरुआत करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं.
ये आदतें (Habits) आएंगी काम: लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें या फोन पर बात करते समय कमरे में टहलने की आदत डालें.
सही समय और मोटिवेशन जरूरी: अगर सुबह थकान लगे, तो दोपहर या शाम को थोड़ा टहल लें. खुद पर दबाव न डालें और अपनी छोटी-छोटी सफलताओं का जश्न मनाएं.
शुगर चेक कराते रहें: इंसुलिन या दवा लेने वालों के लिए एक्सरसाइज से पहले और बाद में ब्लड शुगर लेवल मापना सुरक्षित रहने का सबसे अच्छा तरीका है.
कब्ज और मूड में सुधार: शारीरिक सक्रियता न केवल शुगर कंट्रोल करती है, बल्कि यह तनाव को दूर कर मूड को फ्रेश रखती है और पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती है.
डायबिटीज में एक्टिव रहने का मतलब खुद को थकाना नहीं, बल्कि शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखना है. छोटी-छोटी आदतें जैसे लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चुनना या खाने के बाद थोड़ा टहलना भी आपकी सेहत में बहुत बड़ा सुधार ला सकता है. बस बिना तनाव लिए रोज थोड़ा-थोड़ा मूव करते रहें!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: क्या खाने के तुरंत बाद वॉक कर सकते हैं?
उत्तर: खाने के तुरंत बाद बहुत तेज दौड़ना या भारी कसरत नहीं करनी चाहिए, लेकिन 10-15 मिनट की हल्की वॉक (टहलना) करना शुगर कंट्रोल के लिए बहुत फायदेमंद होता है.
प्रश्न 2: क्या घर के कामकाज करने से भी एक्सरसाइज़ हो जाती है?
उत्तर: हाँ, घर में झाड़ू-पोछा लगाना, पौधे सींचना या सीढ़ियां चढ़ना-उतरना भी फिजिकल एक्टिविटी में ही आता है और इससे कैलोरी बर्न होती है.
प्रश्न 3: कसरत के दौरान चक्कर आएं तो क्या करें?
उत्तर: अगर वर्कआउट करते समय चक्कर आए या पसीना ज्यादा छूटे, तो तुरंत रुक जाएं, अपनी शुगर चेक करें और कुछ मीठा (जैसे फ्रूट जूस या टॉफी) लें.
डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है. यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice), निदान (Diagnosis) या उपचार का विकल्प नहीं है. डायबिटीज (मधुमेह) या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कोई भी नई एक्सरसाइज, वर्कआउट या जीवनशैली में बदलाव शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.