अघोरी बाबा बनकर दिखाया धन वर्षा का सपना, ऐसा तिलिस्म कि बुजुर्ग ने गंवा दिए 19.60 लाख, साइबर सेल ने 3 को दबोचा

अघोरी बाबा बनकर दिखाया धन वर्षा का सपना, ऐसा तिलिस्म कि बुजुर्ग ने गंवा दिए 19.60 लाख, साइबर सेल ने 3 को दबोचा


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Crime News in Hindi: गुजरात के वलसाड में 76 वर्षीय बुजुर्ग को अघोरी बाबा बनकर और पैसा दोगुना करने का लालच देकर 19.60 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की गई. बुजुर्ग को दैवीय आशीर्वाद का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई गई थी. वलसाड साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महीसागर के वीरपुर से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपी पकड़े जा चुके हैं.

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वलसाड में अघोरी बाबा बनकर 19.60 लाख की ठगी, तीन और आरोपी गिरफ्तार. (AI Generated Image)

गुजरात के वलसाड जिले में आस्था के नाम पर बुजुर्ग से लाखों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. साइबर ठगों ने खुद को अघोरी बाबा और गुरु बताकर 76 वर्षीय बुजुर्ग को जाल में फंसाया. आरोपियों ने दैवीय आशीर्वाद दिलाने और रुका हुआ धन दोगुना करने का लालच दिया था. इस झांसे में आकर बुजुर्ग ने अलग-अलग बैंक खातों में 19 लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए. ठगी का पता चलने पर पीड़ित परिवार ने वलसाड साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू की. साइबर सेल ने तकनीकी इनपुट के आधार पर महीसागर के वीरपुर से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

अघोरी बाबा बनकर बुजुर्ग को कैसे बनाया गया ठगी का शिकार?

ठगी की शुरुआत 29 अप्रैल को इंटरनेट के जरिए हुई थी. जालसाजों ने ऑनलाइन माध्यम से 76 वर्षीय बुजुर्ग से संपर्क साधा. आरोपियों ने खुद को अघोरी बाबा और चमत्कारी गुरु बताया. उन्होंने पूजा-पाठ के जरिए रुका धन निकलवाने और रकम दोगुनी करने का दावा किया. बुजुर्ग आरोपियों के अंधविश्वास भरे जाल में फंस गए. इसके बाद ठगों ने कई बैंक अकाउंट की डिटेल दी. अनुष्ठान के नाम पर बुजुर्ग से 19 लाख 60 हजार 500 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए. रकम मिलने के बाद सभी आरोपियों ने अपने फोन बंद कर दिए.

पुलिस ने फरार चल रहे शातिर आरोपियों को आखिर कैसे दबोचा?

मामला दर्ज होते ही साइबर सेल ने आरोपियों की तलाश में ऑपरेशन शुरू किया. पुलिस टीम ने आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक खातों की पड़ताल की. कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय खुफिया तंत्र से सुराग जुटाए गए. 26 अक्टूबर को सब इंस्पेक्टर डी.एस. पटेल को ठोस इनपुट मिला. आरोपी महबूब शेख बालासिनोर के देव चौक के पास देखा गया था. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घेराबंदी करके महबूब को पकड़ लिया. महबूब से पूछताछ के आधार पर वीरपुर में छापा मारा गया. वहां से सरफराज पठान और साहिलमियां शेख को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

गिरफ्तार आरोपियों की क्या है पहचान और क्या करते हैं काम?

पकड़े गए तीनों आरोपी महीसागर जिले के वीरपुर कस्बे के रहने वाले हैं. 23 वर्षीय महबूब शेख योगेश्वर पार्क सोसायटी के सामने रहता है और नौकरी करता है. दूसरा आरोपी 39 वर्षीय सरफराज पठान टिंबा फली में रहता है और पेशे से ड्राइवर है. तीसरा आरोपी 23 वर्षीय साहिलमियां शेख स्कूल के पास पान की दुकान चलाता है. यह गिरोह सामान्य काम की आड़ में साइबर ठगी चला रहा था. पुलिस अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है.

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस ने लोगों को क्या दी सलाह?

वलसाड पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी दी है. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तांत्रिक क्रियाओं से धन दोगुना करने का दावा पूरी तरह फर्जी है. किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में पैसे न भेजें. अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी कभी किसी अनजान से शेयर न करें. किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत बातचीत बंद कर दें. साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं.

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