वेदांता के निवेशकों के लिए सितंबर तिमाही के नतीजे कई अहम फैक्टर्स लेकर आए हैं. कंपनी की कमाई में बड़ा उछाल आया है. कंपनी ने न सिर्फ अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा दर्ज किया, बल्कि अपने कर्ज में भी अच्छी-खासी कटौती की है. इसके साथ ही शेयरधारकों को ₹5 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड देने का फैसला किया गया है. मजबूत नतीजों के पीछे कारोबार से हुई बेहतर कमाई और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस की अहम भूमिका रही.
लेकिन कंपनी के शानदार नतीजों के बाद भी निवेशकों के सामने सवाल है कि क्या वेदांता के शेयर में पैसा लगाने का सही समय आ गया है? बाजार में शेयर की चाल को लेकर विशेषज्ञों की राय अहम है. तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद शेयर में कुछ खरीदारी जरूर दिखी है, लेकिन तेजी का रुझान मजबूत होने के संकेत अभी बाकी हैं. ऐसे में कंपनी के मुनाफे और डिविडेंड के साथ शेयर के सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर भी नजर रखना जरूरी है.
वेदांता की कमाई में कितनी बढ़ोतरी हुई?
वेदांता ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में ₹6,202 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया. पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले यह 151% ज्यादा है. कंपनी की कुल आय भी 57% बढ़कर ₹25,812 करोड़ पर पहुंच गई. वहीं, EBITDA 106% की छलांग लगाकर ₹9,938 करोड़ रहा.
कंपनी की वित्तीय स्थिति में एक और बड़ा बदलाव कर्ज को लेकर आया. सितंबर तिमाही के दौरान उसका नेट डेट ₹4,624 करोड़ कम होकर ₹3,675 करोड़ रह गया. इस अवधि में कंपनी ने कैपिटल एक्सपेंडिचर से पहले ₹5,803 करोड़ का फ्री कैश फ्लो भी हासिल किया. तिमाही के अंत में उसके पास ₹26,622 करोड़ की नकदी और नकदी के बराबर संपत्तियां थीं. शेयरधारकों के लिए कंपनी ने ₹5 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है.
जिंक और चांदी के कारोबार से मिला सहारा
वेदांता के जिंक इंडिया कारोबार में उत्पादन बढ़ने के साथ लागत घटने का फायदा मिला. सितंबर तिमाही में यहां जिंक उत्पादन सालाना आधार पर 5% बढ़कर 2.71 लाख टन हो गया. चांदी का प्रोडक्शन भी 20% बढ़कर 173 टन पहुंच गया. खास बात यह रही कि जिंक उत्पादन की लागत घटकर 703 डॉलर प्रति टन रह गई.
हालांकि, कंपनी के सभी कारोबार में एक जैसी तेजी नहीं रही. अंतरराष्ट्रीय जिंक कारोबार का प्रोडक्शन 12% घटा. कॉपर कारोबार में भारत में बिक्री बढ़ी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई. कंपनी सऊदी अरब में अपने कॉपर रॉड प्लांट को शुरू करने की दिशा में भी काम कर रही है.
वेदांता के शेयर में अब क्या करें?
Shoonya के रिसर्च एनालिस्ट दीप हिमांशु शाह के एनालिसिस के मुताबिक, वेदांता का शेयर मई के अपने ऊंचे स्तर से काफी नीचे आ चुका है. हालिया कारोबार में ₹221.60 का निचला स्तर देखने के बाद इसमें कुछ सुधार हुआ. उनके अनुसार, ₹223–225 का दायरा शेयर के लिए अहम सपोर्ट है. यदि शेयर इस लेवल से नीचे वीकली क्लोज देता है, तो ₹196–200 तक गिरने की आशंका बन सकती है.
वहीं, ऊपर की ओर ₹253–262 का लेवल चुनौती बन सकता है, क्योंकि शेयर अभी अपने अहम वीकली मूविंग एवरेज से नीचे है. एक्सपर्ट की राय है कि केवल शेयर की कीमत गिरने के आधार पर खरीदारी का फैसला नहीं करना चाहिए. पहले यह देखना जरूरी है कि शेयर दोबारा मजबूती हासिल कर रहा है या नहीं.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)