लखनऊ: उत्तर प्रदेश की एटीएस ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर बेचने और इन आईडी का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में किए जाने के मामले में कानपुर से एक शख्स को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान अंकित संखवार के रूप में हुई है, जो कानपुर के घाटमपुर का रहने वाला है. एटीएस के मुताबिक, अंकित पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, मिस्र और अन्य देशों में बैठे लोगों के संपर्क में था और उन्हें फर्जी ईमेल आईडी बेचता था.
आरोपी साल 2021 से इस तरह की फर्जी ईमेल आईडी बना रहा था. वह वाई-फाई और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान से ईमेल आईडी तैयार करता था. इसके बाद फेसबुक पर ‘Buy & Sell’ ग्रुप के जरिए विदेशी लोगों से संपर्क कर उन्हें ईमेल आईडी बेचता था. इसके बदले में वह क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान हासिल करता था.
बम से उड़ाने की धमकी
मामले की जांच के दौरान एटीएस को एक संदिग्ध ईमेल आईडी simenbriones9265@gmail.com मिली थी. इसी ईमेल आईडी से नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम और उत्तर प्रदेश के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे मेल भेजे जा रहे थे. इन धमकियों में खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा का नाम भी सामने आया था.
इसी ईमेल आईडी से पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के दिल्ली-एनसीआर में प्रस्तावित शो में बम विस्फोट करने और बॉलीवुड अभिनेता के घर पर बम विस्फोट करने की धमकी भी दी गई थी. इसके अलावा, अंकित के लैपटॉप से smithjohnson6889@gmail.com ईमेल आईडी भी मिली. इस आईडी से 23 अक्टूबर को मुंबई मेयर के कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी.
कानपुर से मिला ईमेल आईडी का एक्सेस
ईमेल की तकनीकी जांच के दौरान ईमेल आईडी का एक्सेस कानपुर नगर में होने का पता चला. इसके बाद जांच में अंकित संखवार का नाम सामने आया. एटीएस ने आरोपी को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के लैपटॉप से कई एक्सेल फाइलें और क्रिप्टो वॉलेट मिले हैं. इन एक्सेल फाइलों में करीब पांच लाख ईमेल आईडी मिली हैं, जिन्हें प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल करके बनाया गया था. एटीएस के मुताबिक, अंकित लाखों फर्जी ईमेल आईडी बनाकर बेच चुका है.
बांग्लादेशी नागरिक के संपर्क में था आरोपी
जांच में सामने आया कि अंकित फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिए बांग्लादेशी नागरिक अलामीन इस्लाम उर्फ अलामिन के संपर्क में था. अलामिन ने अंकित से एक फर्जी ईमेल आईडी उपलब्ध कराने को कहा था. इसके बदले अंकित को 6000 USDT क्रिप्टोकरेंसी का भुगतान किया गया था. इस लेनदेन से जुड़े सबूत अंकित के मोबाइल से मिले हैं.
एटीएस के मुताबिक, आरोपी फेसबुक पर ‘Buy & Sell’ ग्रुप के जरिए पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, मिस्र समेत अन्य देशों के कई ग्रुपों और लोगों से जुड़ा था. वह ईमेल आईडी बेचने के बदले Binance क्रिप्टो वॉलेट के जरिए भुगतान हासिल करता था. ये वॉलेट आरोपी के मोबाइल में मिले हैं.
एटीएस नेटवर्क की जांच में जुटी
यूपी एटीएस ने आरोपी अंकित संखवार के खिलाफ लखनऊ के एटीएस थाने में एफआईआर दर्ज की है. अब एटीएस उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है. पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए एटीएस जल्द ही आरोपी को कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है.