Last Updated:
Karwa Chauth In Alwar : अलवर के तिजारा फाटक इलाके में घरों से चांद न दिखने पर महिलाएं परिवार के साथ पुलिया पर पहुंचीं और आसमान में चांद के दर्शन कर अपना करवा चौथ का व्रत खोला. महिलाएं घरों में बैठकर चंद्र दर्शन का इंतजार कर रही थीं, लेकिन चांद दिखाई नहीं देने पर परेशानी होने लगी. इसके बाद महिलाओं ने हार मानने के बजाय परिवार के सदस्यों के साथ तिजारा फाटक पुलिया का रुख किया. पुलिया पर पहुंचकर उन्हें आसमान में चांद के दर्शन हुए.
घर से नहीं दिखा चांद तो पुलिया पर इकट्ठा हो गईं महिलाएं
अलवर. करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं दिनभर अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और रात को चांद के दर्शन करने के बाद व्रत खोलती हैं. लेकिन अलवर शहर के तिजारा फाटक इलाके में इस बार कई महिलाओं को अपने घरों से चांद दिखाई नहीं दिया. काफी देर तक इंतजार करने के बाद महिलाओं ने ऐसा रास्ता निकाला कि उन्हें चंद्र दर्शन भी हो गए और व्रत खोलने की परंपरा भी पूरी हो गई. महिलाएं अपने परिवार के लोगों के साथ तिजारा फाटक पुलिया पर पहुंचीं और वहां से आसमान में चांद देखकर अपना व्रत खोला.
घरों से नहीं दिखा चांद, तो पुलिया पर पहुंचीं महिलाएं
अलवर शहर के तिजारा फाटक क्षेत्र में मकानों की बनावट और घरों के नीचे होने के कारण कई महिलाओं को अपने घरों से करवा चौथ का चांद नहीं दिख पाया. महिलाएं घरों में बैठकर चंद्र दर्शन का इंतजार कर रही थीं, लेकिन चांद दिखाई नहीं देने पर परेशानी होने लगी. इसके बाद महिलाओं ने हार मानने के बजाय परिवार के सदस्यों के साथ तिजारा फाटक पुलिया का रुख किया. पुलिया पर पहुंचकर उन्हें आसमान में चांद के दर्शन हुए. इसके बाद महिलाओं ने करवा चौथ की परंपरा के अनुसार अपना व्रत खोला.
परिवार के साथ पहुंचीं सुहागिनें
करवा चौथ पर चंद्र दर्शन का खास महत्व होता है. महिलाएं दिनभर व्रत रखने के बाद चांद देखकर ही व्रत खोलती हैं. ऐसे में जब घर की छतों से चांद नहीं दिखा, तो तिजारा फाटक इलाके की महिलाओं ने परिवार के साथ पुलिया पर पहुंचने का फैसला किया. इस दौरान परिवार के लोग भी उनके साथ रहे. घरों में चांद निकलने का इंतजार कर रही महिलाएं जब पुलिया पर पहुंचीं, तो वहां चंद्र दर्शन का अलग ही नजारा देखने को मिला. महिलाओं ने आसमान में चांद देखकर अपना व्रत पूरा किया.
चांद देखने के लिए बदली जगह
तिजारा फाटक इलाके में मकानों की बनावट के कारण चांद नहीं दिखने की परेशानी ने महिलाओं को अपनी जगह बदलने पर मजबूर कर दिया. घर की छत से चंद्र दर्शन नहीं हो पाए, तो उन्होंने पुलिया से चांद देखने का रास्ता चुना. परिवार के साथ वहां पहुंचकर महिलाओं ने चांद के दर्शन किए और करवा चौथ की रस्म पूरी की. अलवर में करवा चौथ की रात यह नजारा खास रहा. एक ओर महिलाएं घरों में चांद निकलने का इंतजार कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर तिजारा फाटक पुलिया पर पहुंची सुहागिनों ने चंद्र दर्शन कर अपना व्रत खोला. उनके लिए इस बार चांद देखने के लिए घर से बाहर निकलना पड़ा, लेकिन आखिरकार चंद्र दर्शन के साथ व्रत की परंपरा पूरी हो गई.