नई दिल्ली. देश की सरहदों की हिफाजत करते हुए अपनी जान कुर्बान देने वाले आईटीबीपी के वीर जवानों के बलिदान को याद करना सिर्फ एक रस्म अदायगी नहीं, बल्कि वे सभी देश की जिम्मेदारी है. इस बात का आभास इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 73 शहीदों के परिवारों से मुलाकात के दौरान करा दिया.
दरअसल, देश के लिए प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जांबाजों को सलाम करने के लिए 28 अक्टूबर को दिल्ली के नेशनल पुलिस मेमोरियल में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया था. आईटीबीपी के इस कार्यक्रम में डायरेक्टर जनरल शत्रुजीत कपूर और हिमवीर वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (HWWA) की चेयरपर्सन भारती कपूर ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी.
शहीदों के सम्मान में सेरेमोनियल सैल्यूट और ‘शोक शस्त्र’ यानी रिवर्स आर्म्स ड्रिल की गई. आईटीबीपी के बैंड की प्रस्तुति ने माहौल को देशभक्ति और भावुकता से भर दिया.
नेशनल पुलिस मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर.
शहीदों के परिवारों से मिल DG ने सुनीं परेशानियां
कार्यक्रम की सबसे अहम कड़ी शहीदों के परिवारों से मुलाकात रही. महानिदेशक शत्रुजीत कपूर और HWWA चेयरपर्सन भारती कपूर ने सभी 73 शहीदों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की. इस दौरान, उन्होंने शहीदों के परिवारों की परेशानियां, शिकायतें और जरूरतें को पूरी संवेदना के साथ सुना.
उन्हें भरोसा दिया गया कि समस्याओं के जल्द समाधान के लिए हर संभव मदद की जाएगी. आईटीबीपी के अनुसार, यह महज श्रद्धांजलि का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन परिवारों की सुध लेने की पहल भी थी, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने घर का सदस्य खोया है. इन परिवारों को उनके असाधारण साहस, हौसले और बलिदान के सम्मान में सम्मानित भी किया गया.
शहीदों के परिवारों के साथ खड़ी रहेगी आईटीबीपी
आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने भरोसा दिलाया कि आईटीबीपी हर परिस्थिति में शहीदों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी. उनकी जरूरतों और समस्याओं पर हरसंभव सहायता जारी रखी जाएगी. कार्यक्रम में शामिल परिवारों को दिल्ली भ्रमण भी कराया गया.
बल के महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहीदों के परिजनों व अतिथियों ने नेशनल पुलिस मेमोरियल की ‘वॉल ऑफ वेलर’ पर पुष्प अर्पित कर वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया. कार्यक्रम से पहले आईटीबीपी जवानों ने ब्लड डोनेशन कैंप में हिस्सा लिया.
जवानों ने स्वेच्छा से करीब 100 यूनिट ब्लड डोनेट किया. इसके बाद एक खास वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिए आईटीबीपी के जवानों की बहादुरी, समर्पण और कठिन सीमाओं पर उनकी भूमिका को दिखाया गया.