मल्लिकार्जुन खरगे के गढ़ में BJP का कब्जा, कौन हैं शशिल नमोशी? कलबुर्गी में लगातार पांचवीं जीत से रचा इतिहास

मल्लिकार्जुन खरगे के गढ़ में BJP का कब्जा, कौन हैं शशिल नमोशी? कलबुर्गी में लगातार पांचवीं जीत से रचा इतिहास


shashil namoshi kalaburagi mlc election win: कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस आलाकमान को गहरा जख्म दे दिया है. जिसकी सबसे अधिक चोट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को खुद ही मिली होगी. खरगे के गढ़ कहे जाने वाले कलबुर्गी में कांग्रेस हार गई है. बीजेपी और जेडीएस गठबंधन (NDA) के कद्दावर नेता शशिल जी. नमोशी ने उत्तर-पूर्वी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. इस शानदार जीत के साथ ही शशिल नमोशी ने लगातार पांचवीं बार विधान परिषद सदस्य (MLC) बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. जानें पूरी बात.

खरगे के गढ़ में सेंधमारी

मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था. क्योंकि यह क्षेत्र सीधे तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके मंत्री बेटे प्रियांक खरगे के प्रभाव वाला कलबुर्गी (गुलबर्गा) जिला है. इस महत्वपूर्ण चुनाव में बीजेपी के शशिल जी. नमोशी ने कांग्रेस के दिग्गज प्रत्याशी शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया है. इस करारी हार से राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के भीतर हड़कंप मच गया है, क्योंकि खुद मुख्यमंत्री और सीनियर नेताओं ने इस क्षेत्र में पूरी ताकत झोंक रखी थी.

पहली ही गिनती में कमाल

इस सीट पर जीत का गणित बेहद दिलचस्प रहा. चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सीट पर जीत दर्ज करने के लिए निर्धारित कोटा 14,191 वोटों का तय किया गया था. बीजेपी के शशिल नमोशी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहली वरीयता के मतों की गिनती के दौरान ही इस जादुई आंकड़े को आसानी से पार कर लिया. नमोशी को कुल 15,596 पहली वरीयता के वोट हासिल हुए, जबकि उनके करीबी प्रतिद्वंदी कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर महज 12,299 वोटों पर ही सिमट कर रह गए.

नमोशी का पांचवां रिकॉर्ड

यह जीत बीजेपी उम्मीदवार शशिल जी. नमोशी के राजनीतिक सफर में एक नया मील का पत्थर साबित हुई है. इस क्षेत्र के शिक्षक मतदाताओं ने नमोशी पर लगातार पांचवीं बार अपना पूरा भरोसा जताया है. इससे पहले वे साल 1996, 2002, 2008 और 2020 में भी इसी सीट से जीतकर विधान परिषद पहुंच चुके हैं. इस बार बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) के बीच जमीनी स्तर पर बेहतरीन तालमेल देखने को मिला, जिसका सीधा फायदा बीजेपी प्रत्याशी को वोट ट्रांसफर के रूप में मिला और उन्होंने एकतरफा जीत दर्ज की.

कलबुर्गी विश्वविद्यालय में जश्न

गुलबर्गा विश्वविद्यालय के गणित विभाग के भास्कर हॉल में वोटों की गिनती के लिए कुल 14 टेबल लगाई गई थीं. पहले दौर की गिनती से ही बीजेपी उम्मीदवार ने 1,529 वोटों की बढ़त बना ली थी. जो दूसरे दौर में बढ़कर 3,232 हो गई. अंतिम दौर की गिनती समाप्त होते ही बीजेपी  और एनडीए कार्यकर्ताओं ने मतगणना केंद्र के बाहर जमकर आतिशबाजी की और ढोल-नगाड़ों के साथ इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया. इस चुनाव में कुल 30,253 मतपत्र डाले गए थे, जिनमें से 28,380 मत पूरी तरह वैध पाए गए.

शैक्षणिक मोर्चे पर नाराजगी

अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शशिल नमोशी ने शिक्षक मतदाताओं का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह चुनावी नतीजा राज्य की वर्तमान सरकार के खिलाफ आम जनता और शिक्षकों के भारी असंतोष को दिखाता है. सरकार कलबुर्गी और कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को सुधारने में पूरी तरह नाकाम रही है. क्षेत्र में खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने में लगातार देरी की जा रही है, जिससे युवाओं और शिक्षकों के बीच भारी नाराजगी थी, जो इस परिणाम के रूप में सामने आई है.



Source link