नई दिल्ली. वनडे ट्राई सीरीज के आखिरी लीग मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 55 रनों से करारी शिकस्त दी. इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने अपनी हार के सिलसिले को भी तोड़ दिया. मैच का आकर्षण इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज बेन डकेट रहे, जिन्होंने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ नाबाद पारी खेलते हुए 167 रनों की तूफानी पारी खेली. उनके इस रिकॉर्ड प्रदर्शन और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 387 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत थोड़ी संभली हुई रही. श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने अपने पहले ओवर में मेडन फेंका और शुरुआती ओवरों में इंग्लिश बल्लेबाजों को बांधकर रखा. हालांकि, इसके बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों ने शॉर्ट पिच गेंदें फेंकने की गलती की, जिसका फायदा उठाने में बेन डकेट (167) और टॉम बैंटन (74) ने कोई देर नहीं की. दोनों बल्लेबाजों ने शानदार सूझबूझ और आक्रामकता का परिचय देते हुए पहले विकेट के लिए मात्र कुछ ही ओवरों में 163 रनों की बेहतरीन साझेदारी कर डाली. इंग्लैंड ने पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में बिना किसी नुकसान के 62 रन जोड़ लिए थे. डकेट ने शानदार फॉर्म जारी रखते हुए मात्र 46 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. श्रीलंका के लिए इस खतरनाक होती साझेदारी को कप्तान दासुन शनाका ने तोड़ा, जब उनके धीमे गति के यानी स्लोअर बॉल पर टॉम बैंटन गच्चा खाकर अपना विकेट गंवा बैठे और बोल्ड हो गए. बैंटन ने 74 रनों की बहुमूल्य पारी खेली.
बेन डकेट ने रिकॉर्डतोड़ शतक से जीता इंग्लैंड.
डकेट का रिकॉर्डतोड़ शतक और मध्यक्रम का योगदान
पहला विकेट गिरने के बाद भी डकेट के तेवर ढीले नहीं पड़े. उन्होंने बेहतरीन लय बरकरार रखते हुए मात्र 89 गेंदों में अपने वनडे करियर का छठा शतक पूरा किया. इसके बाद डकेट ने दूसरे विकेट के लिए हैरी ब्रूक के साथ मिलकर मात्र 75 गेंदों में 107 रनों की तेज साझेदारी जोड़ी. हैरी ब्रूक ने भी 34 गेंदों में 44 रनों की आक्रामक पारी खेली, हालांकि वे फर्नांडो की गेंद पर स्कूप शॉट खेलने के चक्कर में अपना कैच उन्हीं को थमा बैठे. बेन डकेट यहीं नहीं रुके. उन्होंने अपने पिछले सर्वोच्च स्कोर (165 रन, जो उन्होंने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए थे) को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया. वे आखिरकार 42वें ओवर में इशान मलिंगा की गेंद पर शॉर्ट फाइन लेग पर कैच आउट हुए. अपनी 167 रनों की इस ऐतिहासिक पारी में उन्होंने शानदार 24 चौके जड़े.
पारी के अंतिम ओवरों में जॉर्डन कॉक्स ने 27 गेंदों पर 43 और सैम करन ने 12 गेंदों पर नाबाद 21 रनों की ताबड़तोड़ पारियां खेलकर इंग्लैंड का स्कोर 375 के पार पहुंचाया. हालांकि, डेथ ओवरों में असिथा फर्नांडो की बेहतरीन यॉर्कर गेंदों के चलते इंग्लैंड की टीम 400 का जादुई आंकड़ा छूने से मात्र 14 रन दूर रह गई. श्रीलंकाई गेंदबाज इशान मलिंगा ने अपने 10 ओवरों में 101 रन खर्च किए.
श्रीलंका की रोमांचक लेकिन संघर्षपूर्ण रन-चेज
विशालकाय 387 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. सलामी बल्लेबाज कमिंदु मेंडिस मैच के शुरुआती ओवरों में ही सोनी बेकर का शिकार बन गए. हालांकि, इसके बाद अविष्का फर्नांडो (जिन्हें पारी की शुरुआत में ही जीवनदान मिला था) और कप्तान कुसल मेंडिस ने पारी को संभाला और दूसरे विकेट के लिए 84 रन जोड़कर आवश्यक रन-रेट को बनाए रखा. लियाम डॉसने इस खतरनाक दिख रही साझेदारी का अंत किया, जब उन्होंने अविष्का को 48 के निजी स्कोर पर लॉन्ग-ऑफ पर कैच आउट कराया.
श्रीलंकाई कप्तान कुसल मेंडिस ने 71 गेंदों में 5 शानदार छक्कों की मदद से 89 रनों की कप्तानी पारी खेली. लेकिन जो रूट ने उन्हें विकेट के पीछे कैच कराकर श्रीलंका को बड़ा झटका दिया. इसके बाद लियाम डॉसन ने दासुन शनाका को भी एलपीडब्ल्यू आउट कर दिया, जिससे श्रीलंका का स्कोर 186 रनों पर 4 विकेट हो गया और टीम दबाव में आ गई.
पवन रथनायके का जुझारू शतक और इंग्लैंड की वापसी
संकट के इस समय में पवन रथनायके ने एक तरफ से मोर्चा संभाला और मैच में रोमांच जिंदा रखा. उन्होंने पांचवें विकेट के लिए जनिथ लियानजे के साथ मिलकर मात्र 38 गेंदों में 72 रनों की तेज साझेदारी की. लियानजे ने जो रूट के एक ही ओवर में लगातार दो छक्के जड़ते हुए 18 रन बटोरे. हालांकि, लियानजे जल्द ही सोनी बेकर की गेंद पर मिड-ऑफ पर कैच आउट हो गए, लेकिन रथनायके ने हार नहीं मानी और सहन अराच्चिगे के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी और जोड़ी.
मैदान पर ओस के असर के साथ जब श्रीलंका को जीत के लिए 78 गेंदों में 112 रनों की जरूरत थी, तब मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था. पवन रथनायके ने अपने करियर का शानदार प्रदर्शन करते हुए एक जुझारू और आक्रामक शतक (118 रन) जड़ा. मैच का रुख तब पलटा जब हेनरी क्रोबेक ने 43वें ओवर में अराच्चिगे को चलता किया और इसके तुरंत बाद आपसी तालमेल की कमी के कारण दुनिथ वेल्ललागे रन आउट हो गए.
मैच के 45वें ओवर में लियाम डॉसन ने दो बड़े झटके देकर श्रीलंका की उम्मीदों को पूरी तरह तोड़ दिया. उन्होंने पहले शानदार बल्लेबाजी कर रहे पवन रथनायके को टॉप-एज पर आउट किया और फिर उसी ओवर में असिथा फर्नांडो को भी डीप में कैच करा दिया. अंततः, 46वें ओवर में सैम करन ने मलिंगा को बोल्ड कर श्रीलंका की पूरी पारी को 331 रनों पर समेट दिया.