अर्नब तूफान का तांडव, समंदर से बहा लाया जहाज, 120KMpH की रफ्तार से चली हवाएं
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अर्नब तूफान समुद्र तट से टकराने के बाद से ही खूब तांडव दिखा रहा है. आंध्र प्रदेशी में भारी बारिश और तूफानी हवाओं की चपेट में आकर 5 लोगों की जान चली गई. वहीं दूसरी तरफ एक मालवाहक जहाज भी तूफानी लहरों में बहकर समुद्र किनारे फंस गया है. उधर मौसम विभाग ने 3 नवंबर आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है.
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नब (Cyclone Arnab) आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद से ही खूब तांडव दिखा रहा है. इस तूफान की वजह से आंध्र में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई. इस बीच समंदर में चल रही तेज हवाओं और ऊंची-ऊंची तूफानी लहरों में बहकर एक मालवाहक जहाज अंतरवेदी के पास फंस गया. यह जहाज विशाखापत्तनम से सल्फर यानी गंधक लादकर रवाना हुआ था, लेकिन कुछ ही देर में तूफान में फंस गया.
यह जहाज विशाखापत्तनम से सल्फर यानी गंधन लादकर रवाना हुआ था, लेकिन कुछ ही देर में तूफान में फंस गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस जहाज का इंजन खराब होने के बाद वह अपने निर्धारित रास्ते से भटक गया था. इसके बाद वह समुद्र में बहते हुए आंध्र प्रदेश के तट के नजदीक उथले पानी में फंस गया.
इस बीच अर्नब तूफान के मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चक्रवात चेतावनी केंद्र ने आंध्र प्रदेश के 13 जिलों और यानम के लिए फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ के खतरे की चेतावनी जारी की है. यह चेतावनी बुधवार रात से गुरुवार सुबह 5:30 बजे तक के लिए है.
अलर्ट वाले जिलों में बापटला, गुंटूर, एनटीआर, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनकापल्ली, पार्वतीपुरम मन्यम और पश्चिमी गोदावरी शामिल हैं.
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मौसम विभाग ने उत्तर आंध्र प्रदेश के तट और ओडिशा के बड़े हिस्से के लिए बुधवार सुबह 11:30 बजे से गुरुवार सुबह 5:30 बजे तक समुद्री तूफानी लहरों को लेकर भी चेतावनी दी है. इस दौरान तेज हवाओं की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया गया.
इस बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की है. उन्होंने इस तूफान से हुए नुकसान के बारे में जानकारी देते हुए केंद्र सरकार से मदद देने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा, ‘मैंने उन्हें चक्रवात से हुए भारी नुकसान के बारे में बताया, खासकर कृषि और बागवानी फसलों, बिजली के बुनियादी ढांचे, सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान के बारे में. मैंने उन्हें चक्रवात प्रभावित जिलों में हो रही भारी बारिश, वहां के मौजूदा हालात और राज्य सरकार की तरफ से चलाए जा रहे बड़े पैमाने पर राहत और बहाली कार्यों के बारे में भी अवगत कराया.’
मुख्यमंत्री ने अमित शाह को बताया कि शुरुआती आकलन के अनुसार, चक्रवात के कारण राज्य भर में 70,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें पानी में डूब गई हैं. उन्होंने बताया कि 10,500 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं. इसके अलावा, घरों, सड़कों और बिजली के खंभों को भी नुकसान पहुंचा है.
मौसम विभाग ने बुधवार से 3 नवंबर तक आंध्र प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है. गुरुवार, 29 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इन क्षेत्रों और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी बताई गई.