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Asaram FIR News: 20 दिन की पैरोल खत्म होने पर समय पर सरेंडर न करने के कारण आसाराम पर जोधपुर के रातानाड़ा थाने में FIR दर्ज की गई है. जेल प्रहरी बनवारीलाल की रिपोर्ट पर राजस्थान कारागार अधिनियम 58 ख के तहत केस दर्ज हुआ. देर रात 11 बजे एयर एंबुलेंस से जोधपुर जेल पहुंचे आसाराम को सूर्यास्त के नियम के चलते एंट्री नहीं मिली. इस गैर-जमानती धारा में 3 साल तक की अतिरिक्त सजा व जुर्माने का प्रावधान है. पुलिस अब उनकी कानूनी तलाश कर रही है और इसका असर उनकी आगामी अर्जियों पर पड़ेगा.
Asaram FIR Case Jodhpur: पैरोल खत्म होने के बाद लेट पहुंचे आसाराम, रातानाड़ा थाने में FIR दर्ज
Asaram FIR Case Jodhpur: नाबालिग गुरुकुल छात्रा से यौन शोषण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम पर कानूनी शिकंजा और कस गया है. 20 दिन की पैरोल अवधि समाप्त होने के बाद भी समय पर जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर न करने पर उनके खिलाफ औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है. जेल प्रशासन के निर्देश पर जेल प्रहरी बनवारीलाल की लिखित रिपोर्ट के आधार पर जोधपुर के रातानाड़ा थाना पुलिस ने राजस्थान कारागार अधिनियम की धारा 58 (ख) के तहत यह मामला दर्ज किया है. कानूनी दृष्टिकोण से तय सीमा में सरेंडर न करने के कारण अब वे कानूनी रूप से भगोड़ा घोषित किए जाने की श्रेणी में आ गए हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है.
पूरा मामला सोमवार देर रात का है, जब आसाराम की पैरोल अवधि समाप्त हो रही थी. आसाराम इंदौर से एयर एंबुलेंस के जरिए जोधपुर पहुंचे थे और वहां से उन्हें सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल ले जाया गया. हालांकि वे रात 11 बजे जेल पहुंचे, जबकि जेल अधीक्षक और जेल मैनुअल के नियमानुसार बंदियों का प्रवेश केवल सूर्यास्त से पहले ही संभव होता है. निर्धारित समय सीमा समाप्त हो जाने के कारण जेल प्रशासन ने दरवाजे बंद रखे और उन्हें प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया.
एंबुलेंस से बाहर निकले आसाराम, जेल के बाहर उमड़ी समर्थकों की भीड़
जेल में एंट्री न मिलने के बाद आसाराम देर रात ही एंबुलेंस में सवार होकर जेल परिसर से वापस लौट गए. इस दौरान जेल के मुख्य द्वार के बाहर उनके समर्थकों और भक्तों का भारी जमावड़ा लगा रहा. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए ताकि किसी भी तरह से कानून-व्यवस्था न बिगड़े.
3 साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान, याचिकाओं पर पड़ेगा भारी असर
रातानाड़ा थाने में दर्ज इस केस के तहत पुलिस के पास आरोपी को बिना वारंट गिरफ्तार करने का अधिकार है. कानून के अनुसार इस धारा में आरोपी को 3 वर्ष तक की अतिरिक्त जेल की सजा और 3000 रुपये तक के आर्थिक दंड की व्यवस्था है. समय पर सरेंडर न करने और नए मुकदमे के दर्ज होने का सीधा असर आसाराम द्वारा भविष्य में हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लगाई जाने वाली जमानत और पैरोल की याचिकाओं पर पड़ेगा, जिससे उनके लिए आगे की कानूनी राहत पाना और मुश्किल हो जाएगा.