देहरादून एलिवेटेड रोड विवाद: ‘मकान टूटा तो कहां जाएंगे?’ छिनती छत बचाने के लिए सड़क पर उतरीं 75 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मी देवी

देहरादून एलिवेटेड रोड विवाद: ‘मकान टूटा तो कहां जाएंगे?’ छिनती छत बचाने के लिए सड़क पर उतरीं 75 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मी देवी


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Dehradun Elevated Road Protest: मोहकमपुर-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड परियोजना के विरोध की गूंज अब देहरादून की सड़कों से लेकर विधानसभा की चौखट तक तेज हो गई है. विकास के पहियों के नीचे अपने आशियाने उजड़ने के खौफ से गरीब, मजदूर और बेबस परिवार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. इस आंदोलन का सबसे मार्मिक चेहरा बनी हैं 75 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मी देवी, जिनका दिव्यांग बेटा गुमटी चलाकर परिवार पालता है. एक तरफ छत छिनने का डर और दूसरी तरफ एनएचएआई के साथ बेनतीजा बैठकें-प्रभावितों ने साफ कर दिया है कि जब तक नोटिफिकेशन रद्द या संशोधित नहीं होता, यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा.

Dehradun Elevated Road Protest: मोहकमपुर-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड के निर्माण के विरोध में देहरादून में विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. इस प्रदर्शन में कई गरीब, मजदूर और असहाय परिवार शामिल हैं जो अपनी छत छिन जाने के डर से सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं. इन्हीं प्रदर्शनकारियों के बीच 75 वर्ष की बुजुर्ग महिला लक्ष्मी देवी भी बैठी हैं, जिनकी आंखें अपने परिवार के भविष्य को लेकर बेहद नम और भयभीत हैं.

लक्ष्मी देवी की जिंदगी पहले से ही दुखों से भरी हुई है. उन्होंने बताया कि उनके पति का साया सिर से उठ चुका है और वह खुद गंभीर बीमारियों से जूझ रही हैं. परिवार की आजीविका की जिम्मेदारी उनके बेटे पर है, लेकिन एक दर्दनाक हादसे में उसका एक हाथ कट गया था. अब उनका बेटा एक छोटा सा पान का खोखा चलाकर किसी तरह अपने परिवार का पेट पालता है.

पुश्तैनी जमीन पर बना आशियाना टूटा तो कहां जाएगा असहाय परिवार?
लक्ष्मी देवी का कहना है कि उनकी स्थिति ऐसी बिल्कुल नहीं है कि वे नया घर बना सकें. यह मकान उनकी सास द्वारा पुश्तैनी जमीन पर बनाया गया था, जिसकी बदौलत उन्हें सिर छुपाने के लिए छत नसीब हुई थी. उन्होंने रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई कि अगर इस एलिवेटेड रोड के कारण उनका यह इकलौता आशियाना भी टूट गया तो उनके बेटे के छोटे-छोटे बच्चे, उनका परिवार और वह खुद इस ढलती उम्र में कहां जाएंगे?

NHAI और प्रशासन से वार्ता के बाद भी नहीं निकला कोई हल
मोहकमपुर-आशारोड़ी एलिवेटेड रोड संघर्ष समिति के संयोजक सदस्य टी एस नेगी ने बताया कि समिति ने हाल ही में एनएचएआई के अधिकारियों के साथ वार्ता की थी. उन्होंने कहा कि समिति ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. टी एस नेगी बताते हैं कि एनएचएआई के अधिकारियों ने अपना प्रेजेंटेशन दर्शाते हुए कहा कि एलिवेटेड रोड के लिए नंबर-1 पर अजबपुर फ्लाईओवर के सोलिटेयर होटल के पास से रेलवे कॉलोनी होते हुए रेलवे लाइन के साथ-साथ आईआईपी के पीछे से मोहकमपुर फ्लाईओवर के बाद मेन हाईवे तक का प्रोजेक्ट होगा.

वहीं दूसरा विकल्प रिस्पना पुल-जोगीवाला-मोहकमपुर तक और तीसरा विकल्प मोहकमपुर से अजबपुर फ्लाईओवर तक रेलवे लाइन के साथ-साथ उसकी दाईं ओर. हमने विकल्प नंबर-2 पर जोर दिया क्योंकि उस रूट पर आवासीय भवन/कॉलोनी न होकर कमर्शियल लैंड है और कमर्शियल लैंड को किसी दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है, इसके अलावा मेन हाईवे की पहले से ही काफी चौड़ाई है.

वैकल्पिक मार्गों का सुझाव और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने निर्माण के दौरान ट्रैफिक की समस्या बताई जिस पर हमने सुझाव दिया कि ऋषिकेश का ट्रैफिक थानो रोड से और हरिद्वार का ट्रैफिक दूधली रोड से निकाला जा सकता है. इसके अलावा हमने एक विकल्प यह भी दिया कि आशारोड़ी से क्लेमेंट टाउन के पीछे जंगल से होते हुए कुआंवाला रोड निकाली जा सकती है. अपर जिलाधिकारी महोदया ने आश्वासन दिया कि वह हमारी समस्या और एनएचएआई की बात को आगे रिपोर्ट करेंगी. उन्होंने कहा कि समिति द्वारा बताया गया कि जब तक एलिवेटेड रोड का नोटिफिकेशन निरस्त या संशोधित नहीं हो जाता तब तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा.



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