इंडिगो की लापरवाही से छूटा सुधीर मिश्रा का बैग, परेशान डायरेक्टर का छलका दर्द- ‘बैग में मेरी दवाइयां-जरूरी सामान था’

इंडिगो की लापरवाही से छूटा सुधीर मिश्रा का बैग, परेशान डायरेक्टर का छलका दर्द- ‘बैग में मेरी दवाइयां-जरूरी सामान था’


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फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा ने इंडिगो एयरलाइन की सेवा पर नाराजगी जताई है. दिल्ली से धर्मशाला यात्रा के दौरान उनका बैग दिल्ली में ही छूट गया था, जिसमें उनकी दवाइयां भी थीं. डायरेक्टर ने सोशल मीडिया के जरिये अपना तकलीफ बयां की, क्योंकि उनके बैग में दवाइयां और जरूरी सामान रह गया था.

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डायरेक्टर ने दिल्ली से धर्मशाली की फ्लाइट पकड़ी थी. (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा ने बुधवार 28 अक्टूबर को इंडिगो एयरलाइन की सेवा पर नाराजगी जाहिर की. वह दिल्ली से धर्मशाला जा रहे थे लेकिन धर्मशाला पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि उनका सामान दिल्ली में ही छूट गया है. सुधीर ने बताया कि उनके बैग में जरूरी सामान के साथ सभी दवाइयां भी थीं. बाद में उन्हें जानकारी दी गई कि उनका सामान चंडीगढ़ के रास्ते शाम तक पहुंचा दिया जाएगा. इस घटना से निराश सुधीर मिश्रा ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी जाहिर करते हुए एयरलाइन की सेवा पर सवाल उठाए.

सुधीर मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने लिखा, ‘मैं अगले कुछ दिनों के लिए धर्मशाला आया हूं. दिल्ली से इंडिगो की फ्लाइट से यहां पहुंचा. यहां आने पर मुझे बताया गया कि मेरा सामान दिल्ली में ही छूट गया है. अब मुझे बताया जा रहा है कि बुधवार 28 अक्टूबर शाम तक चंडीगढ़ के रास्ते मेरा सामान मुझ तक पहुंच जाएगा. मेरी सभी दवाइयां और जरूरी सामान उसी बैग में हैं.’ फिल्ममेकर ने आगे अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, ‘यह बेहद निराशाजनक और परेशान करने वाला है.’

1983 में की थी करियर की शुरुआत
सुधीर मिश्रा हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्ममेकर हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1983 में आई कुंदन शाह की कॉमेडी फिल्म ‘जाने भी दो यारों’ से की थी. इस फिल्म में उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर काम किया था. इसके बाद, उन्होंने सईद अख्तर मिर्जा की फिल्म ‘मोहन जोशी हाजिर हो!’ और विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म ‘खामोश’ में भी काम किया.

‘ये वो मंजिल तो नहीं’ से किया था डेब्यू
सुधीर मिश्रा ने 1987 में फिल्म ‘ये वो मंजिल तो नहीं’ से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा. फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू फिल्म के निर्देशक का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला था. उनकी अहम फिल्मों में ‘मैं जिंदा हूं’, ‘धारावी’, ‘इस रात की सुबह नहीं’, ‘चमेली’, ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’, ‘खोया खोया चांद’, ‘ये साली जिंदगी’ और ‘इंकार’ शामिल हैं. सुधीर मिश्रा ने राहुल भट्ट और ऋचा चड्ढा की फिल्म ‘दास देव’ का लेखन और निर्देशन भी किया. इसके बाद, उन्होंने इजरायली शो पर वेब सीरीज ‘होस्टेजेस’ का निर्देशन किया. उन्होंने मनु जोसेफ के अवॉर्ड विनिंग नॉवेल ‘सीरियस मेन’ पर आधारित फिल्म भी बनाई. इसमें, नवाजुद्दीन सिद्दीकी अहम भूमिका में नजर आए थे. फिल्म में अपने अभिनय के लिए नवाजुद्दीन सिद्दीकी को इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स में नॉमिनेशन मिला था.



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