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Jio IPO Listing : आज सुबह 10 बजे BSE और NSE पर ट्रेडिंग की घंटी बजने के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि जियो प्लेटफॉर्म्स बाजार में किस स्तर पर शुरुआत करती है. ग्रे मार्केट से तो ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि जियो शेयर की बाजार में धांसू एंट्री होगी और यह लिस्ट होने के साथ ही देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन सकती है.
जियो प्लेटफॉर्म का आईपीओ 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्ट होगा.
नई दिल्ली. शेयर बाजार में आज, 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) के शेयरों की लिस्टिंग होगी. दलाल स्ट्रीट पर कदम रखते ही कंपनी एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर सकती है. ग्रे मार्केट से मिल रहे मजबूत संकेतों के अनुसार, लिस्टिंग के पहले ही दिन जियो देश की दूसरी सबसे मूल्यवान (Highest Market Cap) लिस्टेड कंपनी बन सकती है. जियो आईपीओ में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया था और यह 22 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था.
ग्रे मार्केट के मौजूदा प्रीमियम के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹12.61 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है. ऐसा होने पर यह भारती एयरटेल को पीछे छोड़ देगी. मंगलवार को NSE पर भारती एयरटेल का शेयर ₹1,978.80 पर बंद हुआ था और कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹12.35 लाख करोड़ था. जियो को एयरटेल से आगे निकलने के लिए ₹1,342 या उससे अधिक के भाव पर लिस्ट होना होगा. मौजूदा संकेत ₹12,610 अरब के वैल्यूएशन के साथ एयरटेल से करीब ₹25,700 करोड़ अधिक रहने की ओर इशारा कर रहे हैं.
जियो आईपीओ जीएमपी
जियो के आईपीओ का इश्यू प्राइस ₹1,119 प्रति शेयर तय था. लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में कंपनी का अनलिस्टेड शेयर शेयर ₹245 से ₹255 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है. यदि ₹250 का औसत प्रीमियम मानकर चलें तो जियो की संभावित लिस्टिंग ₹1,369 प्रति शेयर पर हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो निवेशकों को 22% लिस्टिंग गेन होगा. 1369 रुपये पर जियो के शेयर लिस्ट होने पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण ₹12.61 लाख करोड़ के पार चला जाएगा. हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल निवेशकों की धारणा का एक अनौपचारिक संकेतक होता है और यह वास्तविक लिस्टिंग भाव की गारंटी नहीं देता.
बदल सकती है टॉप-5 लिस्ट
यदि ग्रे मार्केट के अनुमान के मुताबिक ही जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग होती है तो देश की टॉप-5 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में फेरबदल हो जाएगा. ऐसा होने पर रिलायंस इंडस्ट्रीज लगभग ₹16.19 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ पहले स्थान पर काबिज रहेगी. लगभग ₹12.61 लाख करोड़ के बाजार पूंजीकरण के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे स्थान पर होगी. भारती एयरटेल तीसरे स्थान पर चली जाएगी. HDFC बैंक लगभग ₹10.49 लाख करोड़ मार्केट कैप के साथ चौथे और ICICI बैंक लगभग ₹9.96 लाख करोड़ बाजार पूंजीकरण के साथ पर पांचवें स्थान पर होगी.
टॉप-5 से बाहर हो सकती है TCS
इस फेरबदल का सबसे बड़ा असर टाटा समूह की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर पड़ सकता है. मंगलवार के बाजार भाव के आधार पर TCS का मार्केट कैप करीब ₹9.03 लाख करोड़ है. जियो की एंट्री होते ही TCS खिसककर छठे पायदान पर आ सकती है. इसके साथ ही देश की टॉप-5 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची से टाटा समूह पूरी तरह बाहर हो जाएगा, जबकि अडानी समूह की कोई भी कंपनी पहले से ही इस शीर्ष 5 की दौड़ में शामिल नहीं है.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)