BLS Polymers IPO: पहले दिन निवेशकों की टूट पड़ी भीड़, 9.62 गुना भरा इश्यू, क‍ितने में लगा सकते हैं बोली

BLS Polymers IPO: पहले दिन निवेशकों की टूट पड़ी भीड़, 9.62 गुना भरा इश्यू, क‍ितने में लगा सकते हैं बोली


शेयर बाजार में निवेश के लिए नए मौके तलाश रहे लोगों की नजर बीएलएस पॉलिमर्स के आईपीओ पर है. कंपनी के इश्यू को खुलते ही निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला. मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को बोली लगाने की शुरुआत हुई और पहले ही दिन आईपीओ कुल 9.62 गुना सब्सक्राइब हो गया. यानी कंपनी ने जितने शेयर बिक्री के लिए रखे हैं, उनके मुकाबले निवेशकों ने कई गुना ज्यादा शेयरों के लिए आवेदन किया है. हालांकि, पहले दिन की मांग को देखकर ही लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं मानी जा सकती.

इस आईपीओ में संस्थागत निवेशकों से लेकर खुदरा निवेशकों तक ने दिलचस्पी दिखाई है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की श्रेणी में 13.01 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की श्रेणी में 12.03 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज हुआ. रिटेल निवेशकों की तरफ से भी अच्छी मांग रही और उनकी श्रेणी 6.78 गुना भर गई. कंपनी का लक्ष्य इस इश्यू के जरिए 255 करोड़ रुपये जुटाना है.

एक लॉट के लिए चाहिए 15,000

अगर आप बीएलएस पॉलिमर्स के आईपीओ में पैसा लगाने की योजना बना रहे हैं, तो इसका प्राइस बैंड समझना जरूरी है. कंपनी ने प्रति शेयर कीमत 142 से 150 रुपये तय की है. ऊपरी कीमत पर आवेदन करने वाले निवेशकों को 100 शेयरों के एक लॉट के लिए 15,000 रुपये लगाने होंगे. आवेदन की अंतिम तारीख 29 अक्टूबर है. इसके बाद शेयरों की लिस्टिंग 3 नवंबर को बीएसई और एनएसई पर होने की संभावित तारीख तय की गई है.

आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी पूंजी जुटाई. इस माध्यम से 76.5 करोड़ रुपये हासिल किए गए. इसके तहत छह संस्थागत निवेशकों को 150 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 51 लाख शेयर आवंटित किए गए.

ग्रे मार्केट में ₹43 का प्रीमियम, क्या मिलेगा लिस्टिंग गेन?

आईपीओ को लेकर एक और चर्चा ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बीएलएस पॉलिमर्स के शेयर का अनौपचारिक बाजार में प्रीमियम 43 रुपये बताया गया है. इसका मतलब यह है कि ग्रे मार्केट में शेयर के इश्यू प्राइस से ऊपर भाव मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

लेकिन यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है. ग्रे मार्केट का भाव आधिकारिक एक्सचेंज पर शेयर की लिस्टिंग कीमत नहीं होता. इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है और इसका अनुमान गलत भी साबित हो सकता है. इसलिए केवल प्रीमियम देखकर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है.

जुटाए गए पैसे से क्या करेगी कंपनी?

बीएलएस पॉलिमर्स आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कारोबार की जरूरतों के लिए करेगी. कंपनी गोवा स्थित अपनी उत्पादन इकाई की क्षमता बढ़ाने पर 77.56 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है. इसके अलावा, रोजमर्रा के व्यावसायिक खर्चों और कामकाज के लिए जरूरी पूंजी जुटाने पर 89.5 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे. शेष रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल होगी.

बिजली के तार से पाइपलाइन तक फैला है कारोबार

नई दिल्ली स्थित बीएलएस पॉलिमर्स औद्योगिक इस्तेमाल के लिए पॉलिमर कंपाउंड बनाती है. इन सामग्रियों का इस्तेमाल बिजली और टेलीकॉम केबलों की सुरक्षा परत तैयार करने के साथ-साथ रेलवे और पाइपलाइन जैसे क्षेत्रों में भी होता है. तेल, गैस और पानी की भूमिगत पाइपलाइनों को जंग तथा बाहरी नुकसान से बचाने में भी ऐसे कंपाउंड काम आते हैं.

कंपनी गोवा में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट संचालित करती है, जहां 11 उत्पादन मशीनें लगी हैं. उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना का मकसद कारोबार को आगे बढ़ाना और संबंधित उत्पादों की मांग पूरी करने की तैयारी करना है. निवेशकों के लिए अब आईपीओ की अंतिम तारीख तक मिलने वाला सब्सक्रिप्शन, कंपनी की कारोबारी स्थिति और लिस्टिंग से जुड़े जोखिम अहम रहेंगे.



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