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Maharshi Valmiki Jayanti in Pakistan: कट्टरपंथ के दौर को पीछे छोड़ते हुए स्वात में हिंदू समुदाय ने पहली बार पूरी आस्था और परंपरा के साथ महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई. जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में वाल्मीकि समाज के लोगों ने पूरे विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान किए.
स्वात घाटी में हिंदू समुदाय ने पहली बार मनाया वाल्मीकि जन्मोत्सव.
First Time Valmiki Jayanti in Pakistan: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम स्वात जिले में हिंदू समुदाय ने पहली बार वाल्मीकि जयंती मनाई. एक अधिकारी ने 27 अक्टूबर को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिला प्रशासन ने सोमवार को इस कार्यक्रम का आयोजन किया था. रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि के जन्म दिवस को वाल्मीकि जयंती के रूप में मनाया जाता है. हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक ग्रंथों में शामिल रामायण संस्कृत में रचित एक महाकाव्य है.
कार्यक्रम के दौरान वाल्मीकि समुदाय के सदस्यों ने धार्मिक अनुष्ठान किए और पाकिस्तान की प्रगति, समृद्धि एवं सुरक्षा के साथ-साथ विभिन्न धर्मों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए प्रार्थना की. अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त नेमतुल्लाह, सहायक आयुक्त अफनान रजा और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधि डॉ. सनी कुमार कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में शामिल हुए.
इस अवसर पर वाल्मीकि समुदाय के एक हिंदू पुजारी ने उपस्थित लोगों को त्योहार के धार्मिक महत्व के बारे में बताया. समुदाय के सदस्यों ने अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार अनुष्ठान भी किए. जिला प्रशासन ने बताया कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना, धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करना और विभिन्न धर्मों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है.
प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन को स्वात में धार्मिक विविधता को मान्यता देने, अल्पसंख्यक समुदायों की परंपराओं को स्वीकार करने और सहिष्णुता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया.