फेसबुक पर पोस्ट की सूर्यास्त की तस्वीर, फिर भाजपा के पूर्व सासंद धर्मेंद्र कश्यप ने थाम लिया सपा का दामन


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Dharmendra Kashyap : अगले साल की शुरुआत में यूपी में विधानसभा चुनाव होना है. ऐसे में नेताओं का पार्टी बदलना जारी है. हर कोई अपने दल को मजबूत करने में लगा है. अब पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप सपा में शामिल हो गए हैं.

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पहले लिखा 'टाटा बाय-बाय', फिर BJP के पूर्व सांसद ने थाम लिया सपा का दामन Zoom

धर्मेंद्र कश्यप सपा में शामिल.

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है. मगर, उससे पहले ही सियासी हलचल तेज हो गई है. नेताओं का इधर-उधर जाना बना हुआ है. अब आवंला (बरेली) लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो बार सांसद रहे धर्मेंद्र कुमार कश्यप ने दल बदल लिया है. उन्होंने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है.

उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री कश्यप ने लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में आधिकारिक रूप से सपा की सदस्यता ली. कश्यप अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आते हैं. सूत्रों ने बताया कि कश्यप को राज्यसभा का टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उनका नाम सूची में शामिल नहीं किया गया. भाजपा ने बरेली जिले से ही पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री व झारखंड के पूर्व राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया, जो राज्यसभा में निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं.

अखिलेश यादव की मौजूदगी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कश्यप ने कहा कि राज्य में खराब कानून-व्यवस्था के कारण लोग भाजपा सरकार से तंग आ चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘बुलडोजर’ उनकी अपनी जाति के लोगों पर नहीं चलता, बल्कि गरीबों को निशाना बनाया जाता है. सपा मुखिया ने कश्यप का सपा में स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी मजबूत होगी.

उत्तर प्रदेश के लिए भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद, सात अक्टूबर को कश्यप ने फेसबुक पर समुद्र किनारे सूर्यास्त की एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिस पर ‘टाटा बाय-बाय’ लिखा था. इसके बाद उनके समाजवादी पार्टी में वापस लौटने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं.

कश्यप को रुहेलखंड (उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में कश्यप समुदाय के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में से एक माना जाता है. वह मई 2013 में सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. वह 2014 तथा 2019 में लोकसभा में आंवला निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें आंवला सीट से बहुत कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था.



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