ग्लालियर का ऐतिहासिक गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, जहां जमीन के भीतर विराजमान हैं भोलेनाथ, कीजिए भव्य दर्शन

ग्लालियर का ऐतिहासिक गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, जहां जमीन के भीतर विराजमान हैं भोलेनाथ, कीजिए भव्य दर्शन


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ग्लालियर का ऐतिहासिक गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, जहां जमीन के भीतर विराजमान हैं भ

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Gwalior Gupteeshwar Mandir : मध्य प्रदेश के ग्वालियर मध्यकालीन किलों और दुर्गों के लिए जाना जाता है लेकिन यहां का ऐतिहासिक गुप्तेश्वर मंदिर भी देश में काफी विख्यात है. यहां मनोरम दृश्य वाले आमला पहाड़ पर स्थित भगवान शिव विराजमान हैं. इन्हें स्वयंभू शिवलिंग कहा जाता है. यह गुफा के अंदर जमीन के भीतर छिपे हुए रूप में दर्शन होते हैं. इसलिए इन्हें गुप्तेश्वर महादेव कहा जाता है. हर दिन यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. वहीं इस मंदिर की ऐतिहासिकता और वैभव भी बेमिसाल है. आइए इस मंदिर के बारे में विस्तार से जानते हैं.

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ग्वालियर का गुप्तेश्वर महादेव मंदिर.

Gwalior Gupteeshwar Mandir : मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित ऐतिहासिक गुप्तेश्वर महादेव मंदिर अपनी आध्यात्मिक और पौराणिक महत्ता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है. ग्वालियर के आमला पहाड़ पर स्थित यह स्वयंभू शिवलिंग जमीन के भीतर छिपा हुआ है. इसलिए इन्हें गुप्तेश्वर महादेव कहा जाता है. यूं तो यहां हर दिन भक्तों की भीड़ लगी होती है लेकिन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. इसके साथ ही ग्वालियर का कोटेश्वर महादेव मंदिर भी अपनी भव्यता और प्राचीन इतिहास के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता है.

गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन का महत्व

श्री गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में स्वयंभू लिंग के रूप में भगवान शिव आदिकाल से भक्तों को दर्शन दे रहे हैं. शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है. इस पावन दिन मंदिर में दिनभर विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान चलते हैं, जिनका दृश्य अत्यंत मनमोहक होता है. महाशिवरात्रि के दिन यह पूरा परिसर शिवभक्तों से खचाखच भर जाता है. श्रद्धालु न केवल गुप्तेश्वर महादेव के इस महिमामंडित शिवलिंग का भक्तिभाव से पूजन करते हैं, बल्कि अपनी मनोवांछित इच्छाओं की पूर्ति के लिए चार महीनों तक विशेष रुद्राभिषेक भी करते हैं. यहाँ आने वाले हर भक्त की मुरादें भोलेनाथ पूरी करते हैं.

यात्रा और आवागमन की सुगम व्यवस्था

आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित श्री गुप्तेश्वर मंदिर तक पहुंचना बेहद आसान है. देश के किसी भी हिस्से से दिल्ली, झांसी, भोपाल या मुंबई के रास्ते ग्वालियर आसानी से पहुंचा जा सकता है. ग्वालियर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या विमान मार्ग से शहर में उतरने के बाद उत्तरी दिशा में स्थित इस तीर्थ तक पहुंचने के लिए ऑटो, बस और टैक्सियों की प्रचुर सुविधा मिलती है. कई श्रद्धालु भक्ति भाव के साथ शहर से मंदिर तक पैदल यात्रा भी करते हैं. यात्रियों के ठहरने के लिए ग्वालियर में बेहतरीन होटल, अतिथि गृह, रेलवे विश्रांति गृह और सर्किट हाउस उपलब्ध हैं, जिससे दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती.

कोटेश्वर महादेव मंदिर और ग्वालियर का ऐतिहासिक वैभव

ग्वालियर शहर में गुप्तेश्वर महादेव के साथ-साथ कोटेश्वर महादेव का मंदिर भी अत्यंत भव्य और विशाल है. रेलवे स्टेशन से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस मंदिर के मार्ग में नगर की सुंदरता और ग्वालियर राजवंश के कई ऐतिहासिक प्रतीक देखने को मिलते हैं, जिसमें प्रसिद्ध जय विलास पैलेस भी शामिल है. कोटेश्वर मंदिर के मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चे पूजा सामग्री खरीदते हुए दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इस संपूर्ण आध्यात्मिक और ऐतिहासिक यात्रा को पूरा करने के बाद हर श्रद्धालु का मन शिव भक्ति से सराबोर हो जाता है.



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