NEET PG Counselling 2026: नीट पीजी काउंसलिंग में सीट मिलने के बाद भी बेहतर मेडिकल कॉलेज या पसंदीदा सीट का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए राहत की खबर है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET PG 2026 के तहत आवंटित सीटों के लिए पहले साल की कोर्स फीस जमा करने के नियमों में बदलाव किया है. नए नियमों के मुताबिक जो उम्मीदवार अपनी आवंटित सीट को अपग्रेड कराना चाहते हैं उन्हें अगले काउंसलिंग राउंड के नतीजे आने तक पहले साल की फीस जमा नहीं करनी होगी वहीं जो उम्मीदवार अपनी मौजूदा सीट पर ही एडमिशन लेना चाहते हैं उन्हें फीस सीधे संबंधित अस्पताल में जमा करनी होगी. यह बदलाव ऐसे समय किया गया है जब 26 अक्टूबर से NEET PG 2026 के पहले राउंड की रिपोर्टिंग और जॉइनिंग प्रक्रिया शुरू हो रही है.
NEET PG 2026 में पहले साल की फीस को लेकर क्या बदला?
NEET PG 2026 काउंसलिंग में NBEMS ने पहले साल की कोर्स फीस जमा करने की व्यवस्था में बदलाव किया है.पहले उम्मीदवारों को काउंसलिंग के दौरान फीस NBEMS के खाते में जमा करनी होती थी. अब नए नियमों के तहत फीस सीधे उस NBEMS से मान्यता प्राप्त अस्पताल में जमा करनी होगी जहां उम्मीदवार एडमिशन ले रहा है.यह नियम उन उम्मीदवारों पर लागू होगा जो अपनी आवंटित सीट को स्वीकार करके उसी पर एडमिशन लेना चाहते हैं.जिन उम्मीदवारों ने सीट अपग्रेडेशन का विकल्प चुना है उन्हें अगले राउंड के नतीजे आने तक पहले साल की कोर्स फीस जमा करने की जरूरत नहीं होगी.यह एडवाइजरी NEET PG 2026 की ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग के जरिए NBEMS की सीटें पाने वाले उम्मीदवारों के लिए जारी की गई है.मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) पहले राउंड का फाइनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी कर चुकी है.
अगले राउंड में जाना है तो अभी फीस नहीं देनी होगी
NEET PG काउंसलिंग में कई उम्मीदवारों को पहले राउंड में सीट तो मिल जाती है लेकिन वे अपनी पसंद के बेहतर कॉलेज या सीट के लिए अगले राउंड में शामिल होना चाहते हैं.ऐसे उम्मीदवारों के लिए नए नियम राहत देने वाले हैं.NBEMS के मुताबिक अगर किसी उम्मीदवार ने सीट अपग्रेडेशन के लिए Float विकल्प चुना है तो उसे अगले काउंसलिंग राउंड के नतीजे का इंतजार करते समय पहले साल की कोर्स फीस जमा नहीं करनी होगी.अगर अगले राउंड में उसकी सीट अपग्रेड हो जाती है तो उसे उस नए संस्थान में फीस जमा करनी होगी जहां वह आखिरकार एडमिशन लेने का फैसला करता है.इस तरह उम्मीदवार को सीट अपग्रेडेशन का नतीजा आने से पहले कोर्स फीस जमा नहीं करनी पड़ेगी.इस छूट के बावजूद उम्मीदवार को MCC के काउंसलिंग, रिपोर्टिंग और जॉइनिंग से जुड़े सभी लागू नियमों का पालन करना होगा.
Freeze विकल्प चुनने वालों को जमा करनी होगी फीस
NBEMS ने उन उम्मीदवारों के लिए भी स्थिति स्पष्ट कर दी है जो अपनी आवंटित सीट से संतुष्ट हैं और आगे किसी दूसरे कॉलेज या सीट के लिए अपग्रेडेशन नहीं चाहते.ऐसे उम्मीदवारों को Freeze विकल्प चुनना होगा.Freeze का मतलब है कि उम्मीदवार अपनी मौजूदा सीट को ही अंतिम रूप से स्वीकार कर रहा है और अगले राउंड में सीट अपग्रेड कराने की कोशिश नहीं करेगा.ऐसे उम्मीदवारों को पहले साल की सालाना कोर्स फीस सीधे उस NBEMS से मान्यता प्राप्त अस्पताल में जमा करनी होगी जहां उन्हें सीट आवंटित हुई है.इसके साथ ही उम्मीदवार को संबंधित काउंसलिंग राउंड के लिए तय समयसीमा के भीतर अस्पताल में रिपोर्ट करना और जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा.
Freeze और Float में क्या है अंतर?
NEET PG 2026 काउंसलिंग में उम्मीदवारों के लिए Freeze और Float के बीच अंतर समझना जरूरी है.
Freeze विकल्प: अगर उम्मीदवार अपनी आवंटित सीट को स्वीकार करके उसी संस्थान में एडमिशन लेना चाहता है, तो उसे Freeze विकल्प चुनना होगा. ऐसे उम्मीदवार को पहले साल की कोर्स फीस सीधे संबंधित NBEMS मान्यता प्राप्त अस्पताल में जमा करनी होगी. उसे निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्टिंग और जॉइनिंग भी पूरी करनी होगी.
Float विकल्प: अगर उम्मीदवार मौजूदा सीट से बेहतर विकल्प चाहता है और अगले काउंसलिंग राउंड में अपग्रेडेशन के लिए शामिल होना चाहता है, तो वह Float विकल्प चुन सकता है. ऐसे उम्मीदवार को अपग्रेडेशन का नतीजा आने तक पहले साल की कोर्स फीस जमा नहीं करनी होगी.Float विकल्प चुनने का मतलब यह नहीं है कि उम्मीदवार को रिपोर्टिंग और जॉइनिंग से जुड़े सभी नियमों से छूट मिल गई है.उसे MCC की निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा का पालन करना होगा.
26 अक्टूबर से शुरू हुई पहले राउंड की रिपोर्टिंग
NEET PG 2026 काउंसलिंग के पहले राउंड का फाइनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों की रिपोर्टिंग और जॉइनिंग प्रक्रिया शुरू हो रही है.MCC के जारी शेड्यूल के मुताबिक पहले राउंड में सीट पाने वाले उम्मीदवार 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक रिपोर्टिंग और जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.NBEMS ने स्पष्ट किया है कि फीस जमा करने के नियमों में बदलाव होने से रिपोर्टिंग या जॉइनिंग की समयसीमा नहीं बदलेगी जो उम्मीदवार अपनी आवंटित सीट पर एडमिशन लेना चाहते हैं उन्हें संबंधित राउंड के लिए निर्धारित तारीखों के भीतर ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी.सामान्य प्रक्रिया के तहत रिपोर्टिंग और जॉइनिंग की अंतिम तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी.
NEET PG 2026 काउंसलिंग का पूरा शेड्यूल
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने NEET PG 2026 एडमिशन के लिए काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी किया है. इसके तहत चार प्रमुख चरणों में सीट अलॉटमेंट और एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
पहला राउंड: पहले राउंड के लिए रिपोर्टिंग और जॉइनिंग 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक होगी.
दूसरा राउंड: दूसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 14 नवंबर 2026 को जारी किया जाएगा. इसके बाद 16 नवंबर से 23 नवंबर 2026 तक उम्मीदवारों को रिपोर्टिंग और जॉइनिंग का मौका मिलेगा.
तीसरा राउंड: तीसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 4 दिसंबर 2026 को जारी होगा. इस राउंड में सीट पाने वाले उम्मीदवार 5 दिसंबर से 12 दिसंबर 2026 तक रिपोर्टिंग और जॉइनिंग कर सकेंगे.
ऑनलाइन स्ट्रे वैकेंसी राउंड: इस राउंड का रिजल्ट 24 दिसंबर 2026 को जारी किया जाएगा. इसके बाद 24 दिसंबर से 31 दिसंबर 2026 तक रिपोर्टिंग और जॉइनिंग की प्रक्रिया चलेगी.
उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि ये तारीखें MCC के प्रकाशित काउंसलिंग शेड्यूल के अनुसार हैं. अगर बाद में कार्यक्रम में कोई बदलाव होता है तो उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नई सूचना के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
सीट अपग्रेड हो गई तो कब से शुरू मानी जाएगी ट्रेनिंग?
NBEMS ने सीट अपग्रेडेशन के बाद ट्रेनिंग शुरू होने की तारीख को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है.अगर किसी उम्मीदवार को अगले काउंसलिंग राउंड में बेहतर सीट मिल जाती है तो उसकी ट्रेनिंग की अवधि उस तारीख से गिनी जाएगी जिस दिन वह अपग्रेड हुई सीट पर रिपोर्ट करके जॉइन करेगा यानी सीट अपग्रेड होने की स्थिति में नई सीट पर जॉइनिंग की तारीख महत्वपूर्ण होगी.वहीं अगर उम्मीदवार की सीट अपग्रेड नहीं होती है, तो उसे पहले से आवंटित सीट पर निर्धारित रिपोर्टिंग समयसीमा के भीतर जॉइन करना होगा.ऐसी स्थिति में उसकी ट्रेनिंग की अवधि उसी सीट पर जॉइन करने की तारीख से गिनी जाएगी इसलिए उम्मीदवारों को केवल सीट अपग्रेडेशन के नतीजे का इंतजार नहीं करना चाहिए बल्कि संबंधित राउंड की रिपोर्टिंग और जॉइनिंग की अंतिम तारीखों का भी ध्यान रखना चाहिए.
अस्पतालों को अपडेट करनी होगी जॉइनिंग
NEET PG 2026 काउंसलिंग में केवल उम्मीदवारों को ही नहीं बल्कि संबंधित अस्पतालों को भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी.NBEMS के निर्देशों के मुताबिक अस्पतालों को उम्मीदवारों की रिपोर्टिंग और जॉइनिंग की स्थिति Intra-MCC पोर्टल पर निर्धारित समयसीमा के भीतर अपडेट करनी होगी.अगर किसी उम्मीदवार ने अस्पताल में रिपोर्टिंग और जॉइनिंग कर ली है लेकिन अस्पताल की ओर से पोर्टल पर उसकी स्थिति अपडेट नहीं की जाती है तो परेशानी हो सकती है.ऐसी स्थिति में संबंधित सीट को खाली माना जा सकता है और उसे अगले काउंसलिंग राउंड में शामिल किया जा सकता है इसलिए उम्मीदवारों के लिए यह भी जरूरी है कि वे संबंधित अस्पताल से अपनी जॉइनिंग की स्थिति पोर्टल पर अपडेट होने की पुष्टि कर लें.
अभी बंद रहेगा NBEMS का OPJR पोर्टल
NBEMS ने अपने ऑनलाइन पोर्टल फॉर जॉइनिंग एंड रजिस्ट्रेशन (OPJR) को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है.बोर्ड के मुताबिक जब तक MCC की ओर से NEET PG 2026 काउंसलिंग के सभी राउंड पूरे नहीं हो जाते, तब तक OPJR पोर्टल सक्रिय नहीं किया जाएगा.सभी काउंसलिंग राउंड पूरे होने के बाद यह पोर्टल उम्मीदवारों और अस्पतालों के लिए खोला जाएगा.इसके बाद उम्मीदवार और अस्पताल जॉइनिंग से जुड़ी जानकारी और जरूरी दस्तावेज NBEMS को ऑनलाइन जमा कर सकेंगे.इस प्रक्रिया के बारे में बोर्ड की ओर से अलग से नोटिस जारी किया जाएगा.
OPJR पोर्टल बंद है तो क्या करना होगा ?
इस सवाल को लेकर उम्मीदवारों को किसी तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए. OPJR पोर्टल का अभी बंद रहना और MCC काउंसलिंग के तहत अस्पताल में रिपोर्टिंग करना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. उम्मीदवार को अपने संबंधित काउंसलिंग राउंड के लिए निर्धारित समयसीमा के भीतर आवंटित संस्थान में रिपोर्टिंग और जॉइनिंग से जुड़े लागू नियमों का पालन करना होगा. OPJR पोर्टल पर जॉइनिंग की जानकारी और दस्तावेज बाद में जमा किए जाएंगे इसलिए उम्मीदवार यह सोचकर रिपोर्टिंग में देरी न करें कि NBEMS का OPJR पोर्टल अभी सक्रिय नहीं है.
NEET PG 2026 के उम्मीदवारों को क्या फायदा होगा?
NBEMS के नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा उन उम्मीदवारों को होगा जो पहले राउंड में मिली सीट से संतुष्ट नहीं हैं और अगले राउंड में बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद कर रहे हैं.ऐसे उम्मीदवारों को अब अपग्रेडेशन का इंतजार करते समय पहले साल की कोर्स फीस जमा नहीं करनी होगी.इससे उन्हें पहले से फीस जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे अगले राउंड के नतीजे के आधार पर अपना फैसला ले सकेंगे वहीं जो उम्मीदवार अपनी मौजूदा सीट पर ही एडमिशन लेना चाहते हैं, उन्हें फीस सीधे संबंधित NBEMS मान्यता प्राप्त अस्पताल में जमा करनी होगी.उम्मीदवारों को यह जरूर समझना चाहिए कि फीस जमा करने में मिली छूट का मतलब रिपोर्टिंग और जॉइनिंग की समयसीमा से छूट नहीं है. MCC के नियमों के अनुसार जरूरी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य रहेगा.उम्मीदवार काउंसलिंग से जुड़ी नई जानकारी और किसी भी संशोधित शेड्यूल के लिए MCC की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें.