Agniveer Retirement 2026 Career Options: 31 दिसंबर तक रिटायर हो जाएंगे 18 हजार से ज्यादा अग्निवीर, बिना लिखित परीक्षा के यहां मिलेगी सीधी एंट्री


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Agniveer Retirement 2026: अग्निपथ स्कीम के तहत 31 दिसंबर 2026 तक पहले बैच के 18,300 अग्निवीर सेवा मुक्त यानी रिटायर होंगे. 4 साल की देश सेवा के बाद इन एक्स-अग्निवीरों के लिए CAPF, राज्य पुलिस, रेलवे और अन्य सरकारी महकमों में करियर के बेहतरीन विकल्प और आरक्षण की व्यवस्था की गई है. जानिए उनके बारे में.

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जल्द रिटायर होंगे 18000 से ज्यादा अग्निवीर, बिना लिखित परीक्षा के मिलेगी नौकरीZoom

Agniveer Retirement 2026: चार साल की सर्विस के बाद अग्निवीरों का पहला बैच रिटायर हो रहा है

नई दिल्ली (Agniveer Retirement 2026). जून 2022 में शुरू की गई महत्वाकांक्षी ‘अग्निपथ योजना’ अब बेहद महत्वपूर्ण चरण में पहुंच रही है. इस योजना के तहत सशस्त्र बलों में शामिल हुए पहले बैच के 18,300 से ज्यादा अग्निवीर 31 दिसंबर 2026 तक अपनी 4 साल की सेवा पूरी करके रिटायर होने जा रहे हैं. नौसेना, वायुसेना और थल सेना की तरफ से 15 नवंबर के आस-पास पहले बैच के लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. यह प्रक्रिया कई फेज में चलेगी.

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि चार साल तक देश की सीमाओं और सैन्य बलों में अपना योगदान देने के बाद इन अग्निवीरों का भविष्य कैसा होगा? जो युवा इस साल रिटायर हो रहे हैं, उन्हें बिल्कुल भी चिंतित होने की जरूरत नहीं है. केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने इन अनुशासित और प्रशिक्षित जवानों को सिविलियन लाइफ में एडजस्ट करने और उनके लिए परमानेंट सरकारी नौकरी के रास्ते खोलने के लिए कई खास नीतियां और आरक्षण लागू किए हैं.

CAPF और असम राइफल्स में 50% आरक्षण

रिटायर होने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने सबसे बड़ा राहत भरा कदम सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस (CAPF) और असम राइफल्स की भर्तियों में उठाया है.
  • सीधा कोटा: पूर्व अग्निवीरों को कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाएगा.
  • परीक्षाओं से छूट: इन्हें लिखित परीक्षा, फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से पूरी छूट मिलेगी. सेना में ली गई ट्रेनिंग का सीधा फायदा यहां मिलेगा.

राज्य पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में एंट्री

केवल केंद्रीय बल ही नहीं, बल्कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भी अग्निवीरों को हाथों-हाथ लेने की तैयारी कर ली है:

  • चंडीगढ़ प्रशासन: चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल भर्ती, जेल विभाग (जेल वॉर्डर) और अग्निशमन सेवा और वन विभाग में पूर्व अग्निवीरों को 20% हॉरिजॉन्टल आरक्षण देने को मंजूरी दी गई है.
  • राज्य पुलिस और रेलवे: देश के कई प्रमुख राज्यों ने अपनी पुलिस बल भर्तियों में 10% से 20% तक का कोटा तय किया है. इसके साथ ही भारतीय रेलवे, इंडियन कोस्ट गार्ड और 16 डिफेंस पब्लिक सेक्टर (DPSUs) में भी इनके लिए कोटा आरक्षित रहेगा.

4 साल का अनुभव और सेवानिधि पैकेज

4 साल की सेवा पूरी होने के बाद जब अग्निवीर बाहर आएंगे तो इनके पास केवल अनुशासन नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूती भी होगी:

  • एकमुश्त वित्तीय मदद: अग्निवीरों को रिटायरमेंट के वक्त एकमुश्त ‘सेवानिधि पैकेज’ (लगभग 11.71 लाख रुपये + ब्याज) मिलेगा. इस पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा.
  • सेल्फ एंप्लॉयमेंट और स्टार्टअप: इस फंड का इस्तेमाल उच्च शिक्षा, खुद का बिजनेस शुरू करने या प्रोफेशनल स्किल्स सीखने में कर सकते हैं.

पूर्व अग्निवीरों के लिए कॉर्पोरेट सेक्टर में भी रास्ते

अगर पूर्व अग्निवीर सरकारी नौकरी नहीं करना चाहते हैं तो कॉर्पोरेट सेक्टर में भी करियर बना सकते हैं:

  • प्राइवेट सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक्स: बड़े कॉर्पोरेट घराने, एविऐशन सेक्टर और प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियां सैन्य अनुशासन में ढले पूर्व अग्निवीरों को सुपरवाइजरी और मैनेजमेंट रोल्स में प्राथमिकता देने की घोषणा कर चुकी हैं.
  • स्किल सर्टिफिकेट: सेवामुक्ति पर हर अग्निवीर को स्किल सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इससे देशी और विदेशी कंपनियों में उनकी योग्यता प्रमाणित होगी.



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