खड़गे के बयान पर भड़की BJP, PM मोदी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयान के बाद बीजेपी ने तीखा हमला बोला है. पार्टी ने टिप्पणी को ‘जहरीली राजनीति’ बताते हुए खड़गे से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की. विवाद पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ. SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर बोलते समय एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री के पद छोड़ने को लेकर टिप्पणी की. इसके जवाब में खड़गे ने कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा.’ बीजेपी प्रवक्ता सीआर केसवन के अलावा अमित शाह और नितिन नबीन ने भी बयान की आलोचना की. कांग्रेस SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाती रही है जबकि बीजेपी ने उसके आरोपों को खारिज किया है.
मल्लिकार्जुन खड़गे की पटना में प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी से सियासी विवाद बढ़ गया है. (फाइल फोटो PTI)
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी ने खड़गे पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘जहरीली राजनीति’ करार दिया है. पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित व्यक्तिगत टिप्पणी के लिए बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व राजनीतिक विरोध के नाम पर सार्वजनिक संवाद का स्तर गिरा रहा है. इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. मामला अब सिर्फ खड़गे की टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा. इसे लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं.
विवाद रविवार को बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ. यहां खड़गे श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. अपने संबोधन में उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए. इसी दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी के पद छोड़ने को लेकर टिप्पणी की. रिपोर्ट के मुताबिक जवाब देते हुए खड़गे ने कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा.’ इस टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया. बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री पर निजी हमला बताया है जबकि खड़गे की टिप्पणी से पहले भाषण में चुनावी सूची को लेकर आरोप लगाए जा रहे थे.
सीआर केसवन बोले- कांग्रेस ने संवाद का स्तर गिराया
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने खड़गे की टिप्पणी की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि यह राहुल गांधी की ‘असभ्य और असंस्कृत जहरीली नफरत की राजनीति’ को दर्शाती है. केसवन ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियां करना कांग्रेस नेतृत्व का बार-बार का तरीका बन गया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सार्वजनिक संवाद को बेहद निचले स्तर पर पहुंचा दिया है. बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक खड़गे की टिप्पणी केवल प्रधानमंत्री का अपमान नहीं बल्कि उन्हें मिले जनादेश का भी अपमान है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष और पूरे पार्टी नेतृत्व से तत्काल बिना शर्त माफी मांगने की मांग की.
अमित शाह ने भी खड़गे के बयान पर जताई नाराजगी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी खड़गे के बयान की आलोचना की. उन्होंने टिप्पणी को अभद्र बताते हुए कांग्रेस पर प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को निशाना बनाने का आरोप लगाया. शाह ने पहले हुए विवादों का भी जिक्र किया जिनमें प्रधानमंत्री की मां और उनकी पृष्ठभूमि को लेकर की गई टिप्पणियां शामिल थीं. उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी ठोस राजनीतिक मुद्दों पर बात करने के बजाय व्यक्तिगत हमले करती है.
नितिन नबीन ने बताया वैचारिक दिवालियापन
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी खड़गे की टिप्पणी पर नाराजगी जताई. उन्होंने इसे कांग्रेस का ‘वैचारिक दिवालियापन’ बताया. नबीन ने कहा कि राजनीतिक विरोध गरिमा के साथ होना चाहिए. उन्होंने सार्वजनिक भाषणों में दिवंगत परिजनों का उल्लेख करके निशाना साधने पर भी सवाल उठाए. बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस से बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग की है.
SIR को लेकर खड़गे ने उठाए थे सवाल
पटना में अपने संबोधन के दौरान खड़गे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमलावर थे. कांग्रेस का आरोप है कि SIR के जरिए विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं. बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है. इसी राजनीतिक बहस के बीच खड़गे की टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया. अब इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या खड़गे माफी मांगते हैं, इस पर सियासी नजरें रहेंगी.