Jobs With Highest Divorce Rates: रिश्ते तबाह कर देती हैं ये 7 नौकरियां, बर्बाद हो जाती है शादीशुदा जिंदगी

Jobs With Highest Divorce Rates: रिश्ते तबाह कर देती हैं ये 7 नौकरियां, बर्बाद हो जाती है शादीशुदा जिंदगी


नई दिल्ली (Jobs With Highest Divorce Rates). जिंदगी चलाने के लिए लोग दिन-रात मेहनत करके बढ़िया करियर चुनते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपका प्रोफेशन पर्सनल लाइफ और शादीशुदा रिश्ते पर असर डाल सकता है? विभिन्न रिसर्च में साबित हुआ है कि कुछ नौकरियों में वर्क प्रेशर, अनियमित समय और स्ट्रेस का असर पति-पत्नी के रिश्तों पर पड़ने लगता है. करियर और खुशहाल फैमिली लाइफ की कामना सभी करते हैं. लेकिन कई बार जॉब ही रिश्तों में दूरियों की वजह बन जाती है.

करियर और परिवार के बीच तालमेल बिठाना हर किसी के बस की बात नहीं होती. कुछ खास प्रोफेशन में काम करने वालों को लंबे समय तक घर से दूर रहना पड़ता है या नाइट शिफ्ट करनी पड़ती हैं. इससे पार्टनर को समय देना मुमकिन नहीं हो पाता. बातचीत कम होने और मेंटल स्ट्रेस बढ़ने पर दूरियां आनी स्वाभाविक हैं. जानिए कुछ ऐसी जॉब्स, जिनमें तलाक की दर सबसे ज्यादा पाई गई है. इससे आप समझ सकेंगे कि वर्क-लाइफ बैलेंस क्यों इतना जरूरी है.

इन नौकरियों में बहुत मुश्किल है वर्क लाइफ बैलेंस

monster.com पर छपी रिसर्च के अनुसार, भारत के महानगरों और कॉर्पोरेट हब में पिछले कुछ वर्षों में पारिवारिक मामलों और आपसी कलह के मामलों में तेजी आई है. करियर और रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जिन नौकरियों में वर्किंग आवर्स फिक्स नहीं होते या लगातार मानसिक दबाव बना रहता है, वहां कपल्स एक-दूसरे के लिए वक्त नहीं निकाल पाते हैं. जानिए 7 ऐसी जॉब्स, जिनमें काम के तनाव और लाइफस्टाइल के कारण रिश्तों के टूटने या तलाक की आशंका सबसे ज्यादा आंकी गई है.

1. पुलिस और सुरक्षा कर्मी

भारतीय समाज में पुलिस विभाग की नौकरी बेहद चैलेंजिंग मानी जाती है. 24 घंटे की ड्यूटी, छुट्टियों की अनिश्चितता और हर समय गंभीर कानून-व्यवस्था के मामलों में उलझे रहने के कारण ये अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते. लगातार हाई-स्ट्रेस माहौल में रहने के कारण घर का फैमिली बैलेंस बिगड़ने का खतरा रहता है.

2. मीडिया और पत्रकारिता से जुड़े लोग

पत्रकारिता एक ऐसा प्रोफेशन है, जिसमें ‘समय’ की कोई सीमा नहीं होती. कई बार त्योहारों और फैमिली फंक्शंस में भी छुट्टी या ब्रेक मिल पाना मुश्किल हो जाता है. ब्रेकिंग न्यूज, फील्ड रिपोर्टिंग और अनियमित वर्किंग आवर्स के कारण जर्नलिस्ट्स की पर्सनल लाइफ काफी प्रभावित होती है. पारिवारिक आयोजनों से दूरी और मानसिक थकान कई बार वैवाहिक जीवन में तनाव का कारण बन जाती है.

3. डॉक्टर और हेल्थकेयर वर्कर्स

मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोग (खास तौर पर सर्जन, रेजिडेंट डॉक्टर और हॉस्पिटल का इमरजेंसी स्टाफ) बहुत ज्यादा स्ट्रेसफुल और लंबी शिफ्ट्स का सामना करते हैं. रात-रात भर हॉस्पिटल में रहना और मानसिक रूप से हमेशा अलर्ट रहना पारिवारिक जीवन और शादीशुदा रिश्तों पर गहरा असर डालता है.

4. एयरलाइंस और एविएशन प्रोफेशनल्स

एविएशन सेक्टर में काम करने वाले पायलट और केबिन क्रू के लिए अलग-अलग टाइम जोन और हफ्तों घर से दूर रहना आम बात है. लगातार यात्रा और अनियमित स्लीप शेड्यूल के कारण पार्टनर के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताना असंभव सा हो जाता है. इससे रिश्तों में दूरियां आनी शुरू हो जाती हैं.

5. हॉस्पिटैलिटी और होटल इंडस्ट्री

होटल, रेस्तरां और रिसॉर्ट्स में काम करने वाले शेफ, मैनेजर और सर्विस स्टाफ को अमूमन वीकेंड्स, त्योहारों और छुट्टियों के दिनों में सबसे ज्यादा काम करना पड़ता है. जब परिवार छुट्टी मना रहा होता है, तब ये लोग ड्यूटी पर होते हैं. समय का यह अंतर पति-पत्नी के बीच दूरियां बढ़ा देता है.

6. मर्चेंट नेवी और शिपिंग प्रोफेशनल्स

मर्चेंट नेवी की नौकरी में व्यक्ति को महीनों तक समंदर में जहाज पर रहना पड़ता है. इस दौरान इंटरनेट या संपर्क के साधन सीमित होने के कारण अपनों से बातचीत का दायरा सिमट जाता है. यह दूरी कई बार लंबे समय में रिश्तों को कमजोर कर देता है.

7. लीगल प्रोफेशनल्स और वकील

वकीलों का जीवन कोर्ट की तारीखों, क्लाइंट्स की बैठकों और फाइलों की स्टडी के बीच बीतता है. कोर्ट के तनाव को घर ले आना और हर बात में तार्किक बहस करने की आदत (जो वकीलों में पेशेवर रूप से आ जाती है) वैवाहिक जीवन में संवादहीनता और तनाव पैदा कर देती है.

भारत के महानगरों (जैसे बेंगलुरु, गुरुग्राम, पुणे और नोएडा) में आईटी, कॉर्पोरेट सेक्टर, सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े लोगों में भी तलाक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.



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