China Stock Market Crash news: भारत की तरह क्‍यों बिखर रहा चीन का शेयर बाजार, 3.5 ट्रिलियन डॉलर स्वाहा, वहां क्‍या द‍िक्‍कत?

China Stock Market Crash news: भारत की तरह क्‍यों बिखर रहा चीन का शेयर बाजार, 3.5 ट्रिलियन डॉलर स्वाहा, वहां क्‍या द‍िक्‍कत?


Agency:एजेंसियां

Last Updated:

चीन का शेयर बाजार भारी मंदी की चपेट में है और मई से अब तक 3.5 ट्रिलियन डॉलर स्वाहा हो चुके हैं. एक्‍सपर्ट कह रहे क‍ि इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे घटती घरेलू मांग, कंपनियों की भयंकर प्राइस वॉर और दिग्गज कंपनियों के मुनाफे में आई भारी कमी है. इसके अलावा, डूबती अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए चीनी सरकार की तरफ से किसी बड़े राहत पैकेज का ऐलान न होने से भी बाजार में निराशा का माहौल है और निवेशकों का भरोसा टूट चुका है.

Zoom

चीन के स्‍टॉक मार्केट में साढ़े तीन ट्र‍िल‍ियन डॉलर का नुकसान.

भारत की तरह ही चीन के शेयर बाजार में भी इस वक्‍त कोहराम मचा हुआ है. मई के अपने उच्चतम स्तर से अब तक दुनिया के इस दूसरे सबसे बड़े इक्विटी बाजार को 3.5 ट्रिलियन डॉलर का भारी नुकसान हो चुका है. निवेशकों में गहरी निराशा का माहौल है क्योंकि चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती का सीधा असर अब कॉर्पोरेट जगत के मुनाफे पर दिखने लगा है, और सरकार की तरफ से किसी बड़े राहत पैकेज की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है.

लगातार बिकवाली के चलते चीनी बेंचमार्क CSI 300 इंडेक्स पूरी तरह से बियर मार्केट यानी मंदी के दौर में प्रवेश कर गया है. वहीं, हांगकांग का टेक इंडेक्स भी पिछले दो सालों की अपनी सारी बढ़त गंवाने की कगार पर है. इस तबाही के पीछे मुख्य रूप से लगातार घटती घरेलू खपत और कंपनियों के बीच चल रही प्राइस वॉर जिम्मेदार है. इसका असर बैंकों से लेकर इलेक्ट्रिक कार (EV) निर्माताओं और AI डेवलपर्स तक सभी पर पड़ रहा है.

दिग्गज कंपनियों की कमाई पर भारी चोट

तीसरी तिमाही के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं. बैटरी बनाने वाली दिग्गज कंपनी CATL कमजोर डिमांड और भारी प्रतिस्पर्धा का शिकार हुई है. AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने वाली चाइना मोबाइल के मुनाफे में साल-दर-साल 8% की गिरावट आई है. गैनफेंग लिथियम जैसी प्रमुख कंपनी भी गिरती कीमतों के कारण अनुमानित मुनाफा कमाने में विफल रही है.

MSCI चीन इंडेक्स के अर्निंग्स अनुमानों में 4% और हैंग सेंग टेक इंडेक्स के मुनाफे के अनुमानों में 13% से ज्यादा की गिरावट आई है. मुनाफे के इस दबाव ने इंटरनेट कंपनियों के कैश रिजर्व को सुखा दिया है. स्थिति यह है कि भारी-भरकम AI प्रोजेक्ट्स को फंड करने के लिए अलीबाबा (Alibaba) जैसी कंपनियों को 10 बिलियन डॉलर के स्टॉक सेल के जरिए बाजार से पैसा जुटाने पर मजबूर होना पड़ा है.

सरकार कैसे कर रही बचाने की कोश‍िश

बाजार में निवेशकों का भरोसा इस कदर टूट चुका है कि ट्रेडिंग वॉल्यूम पिछले साल जुलाई के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया है. हालांकि, बाजार को पूरी तरह क्रैश होने से बचाने के लिए चीनी सरकार नेशनल टीम यानी स्टेट फंड्स के जरिए दखल दे रही है. लेकिन नीति-निर्माता मौजूदा 4.5% – 5% की जीडीपी ग्रोथ से संतुष्ट नजर आ रहे हैं. जानकारों का मानना है कि जब तक सरकार अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए कोई बड़ा स्टिमुलस पैकेज नहीं लाती, तब तक बाजार के लंबी अवधि में उबरने के आसार बेहद कम हैं.



Source link