लखनऊ: सर्दियों के मौसम में सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह कोहरा, स्मॉग और धुंध होती है. कई बार सड़कों पर विजिबिलिटी इतनी कम हो जाती है कि सामने से आ रही गाड़ी भी ठीक से दिखाई नहीं देती. ऐसे में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना जानलेवा साबित हो सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में सर्दियों के दौरान बड़े एक्सप्रेसवे पर वाहनों की स्पीड लिमिट कम करने का फैसला लिया गया है. यह नई स्पीड लिमिट 1 नवंबर 2026 से लागू होगी और 15 फरवरी 2027 तक रहेगी.
एक्सप्रेसवे का संचालन संभालने वाली यूपीडा (UPEIDA) ने प्रदेश के पांच बड़े एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार को लेकर नए नियम तय किए हैं. इनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे शामिल हैं. आम दिनों में इन एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 100 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है. लेकिन सर्दियों में इनकी रफ्तार कम रखनी होगी.
सर्दियों में कितनी रहेगी गाड़ियों की स्पीड लिमिट?
नई व्यवस्था के तहत हल्के वाहनों, यात्री बसों और भारी मालवाहक वाहनों के लिए अलग-अलग स्पीड लिमिट तय की गई है. इतना ही नहीं, दिन और रात के समय भी गाड़ियों की रफ्तार अलग-अलग रखी गई है. यानी अगर आप सर्दियों में इन एक्सप्रेसवे पर सफर करने जा रहे हैं तो घर से निकलने से पहले नई स्पीड लिमिट जरूर जान लें.
अधिकतम स्पीड लिमिट 80KM/hour रहेगी
कार, जीप और आठ सीट तक वाले निजी वाहनों की बात करें तो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक अधिकतम स्पीड लिमिट 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी. वहीं रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक इन वाहनों को अधिकतम 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जा सकेगा.
बसों की स्पीड 60KM/hour रहेगी
यात्री बसों और टेंपो ट्रैवलर जैसे वाहनों के लिए भी रफ्तार कम रखी गई है. इनके लिए दिन में यानी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक अधिकतम स्पीड लिमिट 60 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. जबकि रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक ये वाहन अधिकतम 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे.
ट्रक-डंपर की स्पीड 50 KM/Hour रहेगी
वहीं ट्रक, डंपर और ट्रक-ट्रेलर जैसे भारी मालवाहक वाहनों के लिए दिन के समय अधिकतम स्पीड लिमिट 50 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है. रात के समय यानी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक इन वाहनों की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
स्पीड लिमिट तोड़ी तो कटेगा चालान
यूपीडा ने नई स्पीड लिमिट को लागू करने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में भी जरूरी बदलाव किए हैं. एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों और रडार सेंसर की मदद से वाहनों की रफ्तार पर नजर रखी जाएगी. अगर कोई गाड़ी तय सीमा से ज्यादा तेज चलती हुई पकड़ी जाती है तो उसका ऑनलाइन चालान कट सकता है. इसलिए जल्दबाजी में गाड़ी चलाने से बचें और एक्सप्रेसवे पर लगे स्पीड लिमिट के बोर्ड को ध्यान से देखें.
कोहरा ज्यादा हुआ तो रोके जा सकते हैं वाहन
सर्दियों में सिर्फ स्पीड लिमिट कम करना ही नहीं, बल्कि कम विजिबिलिटी के दौरान हादसों को रोकना भी जरूरी है. इसके लिए कोहरा बहुत ज्यादा होने पर विशेष इंतजाम किए जाएंगे. अगर किसी एक्सप्रेसवे पर विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो जाती है तो वाहनों को सुरक्षित जगहों पर रोका जा सकता है. इसके लिए टोल प्लाजा, पार्किंग एरिया और पेट्रोल पंप जैसी जगहों का इस्तेमाल किया जाएगा.
पुलिस रखेगी सुरक्षा की निगरानी
कोहरा कम होने और सड़क पर दिखाई देने की स्थिति बेहतर होने के बाद ही वाहनों को आगे जाने दिया जाएगा. जरूरत पड़ने पर पुलिस और एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम की निगरानी में गाड़ियों को धीरे-धीरे काफिले के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा. इससे पीछे से गाड़ियों के टकराने और बड़े सड़क हादसे होने का खतरा कम किया जा सकेगा.