31 एकड़ जमीन पर ऐसा क्या हुआ? M3M इंडिया के खिलाफ कोर्ट का बड़ा आदेश
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450 करोड़ रुपये के कथित जमीन धोखाधड़ी मामले में एम3एम इंडिया और उसके प्रवर्तकों को राहत नहीं मिली है. दिल्ली की अदालत ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी कार्यवाही बरकरार रखी है. मामला गुरुग्राम के चौमा गांव में करीब 31 एकड़ जमीन से जुड़ा है. आखिर एमजीएफ डेवलपमेंट्स ने क्या आरोप लगाए हैं?
M3M इंडिया के खिलाफ केस
नई दिल्ली: दिल्ली की अदालत में एम3एम इंडिया और उसके प्रवर्तकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. यह मामला गुरुग्राम की जमीन से जुड़ा है. आरोप है कि जमीन के सौदे में पूरी रकम का भुगतान नहीं किया गया. आरोपियों ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी. लेकिन दिल्ली की अदालत ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी कार्यवाही बरकरार रखी है. आखिर क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं.
दिल्ली की अदालत ने क्या आदेश दिया?
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने इस मामले में आदेश दिया. उन्होंने एम3एम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रवर्तकों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई की. इन याचिकाओं में आरोपियों ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ कथित अपराधों का संज्ञान लिया गया था. अदालत ने अब धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी कार्यवाही को बरकरार रखा है. इसका मतलब है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी.
क्या है 450 करोड़ रुपये का जमीन विवाद?
यह मामला एमजीएफ डेवलपमेंट्स लिमिटेड की शिकायत से जुड़ा है. कंपनी ने एम3एम इंडिया और समूह की अन्य कंपनियों पर आरोप लगाए हैं. शिकायत के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच जमीन की अदला-बदली को लेकर एक समझौता हुआ था.
आरोप है कि समझौते के तहत तय पूरी रकम का भुगतान नहीं किया गया. इसके बावजूद एम3एम और समूह की अन्य कंपनियों ने गुरुग्राम के चौमा गांव में करीब 31 एकड़ जमीन पर अधिकार हासिल कर लिया. इस मामले में कथित धोखाधड़ी की रकम करीब 450 करोड़ रुपये बताई गई है.
किन धाराओं के तहत जारी रहेगी कार्रवाई?
अदालत ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420, 120-बी और 34 के तहत कार्यवाही बरकरार रखी है. ये धाराएं धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और साझा इरादे से जुड़े मामलों में लागू होती हैं. अदालत ने निचली अदालत को मामले की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश भी दिया है. साथ ही, आरोपियों को 27 अक्टूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने के लिए कहा गया है.