पटना. बिहार में जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि सरकार बचाने के लिए उन्होंने गद्दारी तक की, लेकिन अब पार्टी में उनके साथ न्याय नहीं हुआ. अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कहा, “सम्राट चौधरी से पूछिए, सरकार किसने बचाई है.” उन्होंने जेडीयू नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में किसी पर कोई नियंत्रण नहीं है, सिर्फ अनंत सिंह पर कार्रवाई की गई है. उन्होंने यह भी कहा कि अब जनता ही उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है और वही सबका हिसाब करेगी.
बिहार में जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह लगातार पार्टी नेतृत्व पर हमलावर हैं. रविवार को उन्होंने साफ कहा कि अब पार्टी से उनका कोई मतलब नहीं है और वह अपनी पार्टी बनाएंगे. अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को याद करते हुए कहा कि नीतीश जी भगवान थे, इसलिए पार्टी चल गई. अब नीतीश कुमार नहीं हैं तो पार्टी खत्म हो गई.
अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में किसी पर कोई नियंत्रण नहीं है. उन्होंने कहा, “कोई बेटी को टिकट देकर चुनाव लड़ रहा है, कोई मंत्री है, कोई संत्री है और कोई कहीं चुनाव लड़ रहा है. किसी पर काबू नहीं है, सिर्फ अनंत सिंह पर ही काबू किया गया है. जनता सब बता देगी, किसका खाता खुलेगा और किसका नहीं.”
‘हमने हर समय साथ दिया, हमारे जैसी कुर्बानी किसी ने नहीं दी’
जेडीयू से अपने पुराने जुड़ाव का जिक्र करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने हर समय पार्टी का साथ दिया और उनके जैसी कुर्बानी किसी ने नहीं दी. उन्होंने कहा कि पार्टी के जो मालिक थे, वे अब नहीं हैं. उनके मुताबिक, अब पार्टी में कोई दिल्ली से आया है तो कोई मुंबई से आया है और पुराने नेतृत्व जैसी स्थिति नहीं रही.
अनंत सिंह ने कहा कि अब वह जनता के साथ हैं और जनता ही उनकी पार्टी है. उन्होंने कहा, “हमारी जनता भगवान है. कोई हमारे लिए वोट मांगने नहीं जाता था, हम एक सीट लाकर देते थे.” उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे पूछिए कि सरकार किसने बचाई है. अनंत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने पार्टी के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन अब पार्टी में न्याय करने वाला कोई नहीं है.
नीतीश कुमार की मर्जी से हुआ निष्कासन? अनंत सिंह ने दिया जवाब
जेडीयू से निष्कासन के पीछे नीतीश कुमार की सहमति होने के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को अब कुछ पता ही नहीं है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार कुछ नहीं हैं और उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है. हालांकि, उनके इस बयान से पार्टी के भीतर नेतृत्व और फैसले को लेकर उनकी नाराजगी साफ झलकती है. जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात को लेकर पूछे जाने पर अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने इस मुलाकात और अपने निष्कासन के बीच किसी संबंध को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी.
‘जनता करेगी न्याय, 25 महीने और हैं’
अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व और सरकार में बैठे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता सबका हिसाब करेगी. उन्होंने कहा कि जो लोग मंत्री बनकर बैठे हैं, उन्हें भी सब पता चल जाएगा. अनंत सिंह ने कहा, “न्याय करने वाला कोई नहीं है. जनता न्याय करेगी. 25 महीने और हैं, ज्यादा दिन नहीं हैं.” उनके इस बयान को जेडीयू से निष्कासन के बाद पार्टी नेतृत्व के खिलाफ उनकी खुली राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है. अपनी पार्टी बनाने के ऐलान और जनता के भरोसे राजनीति करने के दावे के साथ अनंत सिंह ने साफ कर दिया है कि फिलहाल उनका रुख नरम पड़ने के बजाय और आक्रामक होता दिख रहा है.