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Khandwa News: खंडवा के खालवा में कृषि विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर महाराष्ट्र से आए अवैध डीएपी खाद से भरे तीन ट्रकों को जब्त किया है. एक ट्रक मौके से भाग निकला. खाद के नकली होने की आशंका पर सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान ने बड़ा खुलासा किया है.
खंडवा में पकड़ी गई अवैध डीएपी.
Khandwa News: खंडवा की खालवा तहसील में अवैध डीएपी खाद से भरे ट्रकों को पकड़े जाने का बड़ा मामला सामने आया है. मुखबिर की सटीक सूचना पर कृषि विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से यह बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने शेखपुरा-खालवा मार्ग पर घेराबंदी कर अवैध डीएपी खाद से भरे तीन ट्रकों को जब्त कर लिया है. इस कार्रवाई के दौरान एक ट्रक चालक वाहन को लेकर मौके से भागने में सफल रहा.
कार्रवाई के दौरान वाहन चालकों ने ट्रकों को तेज रफ्तार में भगाने का प्रयास किया. इस पर खालवा थाना प्रभारी और कृषि विस्तार अधिकारी गोरेलाल वास्कले ने तत्परता दिखाई. उन्होंने तुरंत वाहनों का पीछा किया और उन्हें रोक लिया. इसके बाद तीनों ट्रकों को खालवा थाने लाया गया. जानकारी के मुताबिक, यह खाद महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश लाई जा रही थी. तीनों ट्रक डीएपी खाद के बोरों से भरे हुए थे.
छिपाकर बेची जा रही थी खाद!
जानकारी के अनुसार, खालवा क्षेत्र में कई दिनों से 1800 से 2000 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से डीएपी खाद बेचे जाने की सूचना मिल रही थी. पुलिस, प्रशासन और कृषि विभाग को लगातार अवैध बिक्री और कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद अधिकारियों ने संयुक्त टीम बनाकर यह कार्रवाई की.
डुप्लीकेट लग रही खाद, सैंपल लिए
पकड़ी गई खाद की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह खाद डुप्लीकेट या अमानक लग रही है. कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर खाद के सैंपल ले लिए हैं. इन सैंपलों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खाद की वास्तविक गुणवत्ता स्पष्ट हो सकेगी.
महाराष्ट्र से धारणी से जुड़ा मामला
इस मामले को लेकर भारतीय किसान संघ ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. किसान संघ का कहना है कि महाराष्ट्र के धारणी क्षेत्र के व्यापारियों और ट्रक ड्राइवरों की कॉल डिटेल निकाली जानी चाहिए. इससे इस अवैध कारोबार के मुख्य नेटवर्क और सरगना का खुलासा हो सकेगा.
किसान नेताओं का दावा है कि करीब एक-डेढ़ महीने से महाराष्ट्र से लगातार खाद के ट्रक आ रहे थे. यह अवैध सप्लाई रोशनी, पटाजन, आशापुर और हरसूद के ग्रामीण इलाकों में की जा रही थी. पुलिस और कृषि विभाग इस पूरी घटना की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं.