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Chhatarpur News: रोहित ने लोकल 18 से कहा, ‘मैं सुबह 6 बजे से दोपहर दो बजे तक घर पर चाउमीन, फिंगर, मोमो और भी तमाम तरह के स्पाइसी फूड आइटम तैयार करता हूं. इसके बाद ठेला घर से निकालता हूं. मार्केट में शाम चार बजे मेरा ठेला लग जाता है. रात 8 बजे तक पूरा माल खत्म हो जाता है.’
छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर के 24 वर्षीय रोहित ने हरियाणा में रहकर पढ़ाई की. कक्षा 10वीं तक सब ठीक चल रहा था लेकिन पिता की मौत और लॉकडाउन के चलते उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी और टेलरिंग का काम सीखना पड़ा. कुछ साल शहर में रहकर सिलाई का काम भी किया. इसके बाद स्पाइसी फूड बनाने का बिजनेस शुरू किया. शहर में रहकर व्यापार किया. इसके बाद छतरपुर आकर इस काम को आगे बढ़ाया. आज रोहित इस व्यवसाय में बढ़िया कमाई कर रहे हैं.
छतरपुर के लवकुश नगर के रहने वाले रोहित ने लोकल 18 से कहा कि हरियाणा में उनके माता-पिता रहते थे. वहीं हरियाणा बोर्ड से 10वीं पास की थी लेकिन घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते पढ़ाई छोड़नी पड़ी. पापा की डेथ हो गई. मैंने कोटक एग्रीकल्चर कॉलेज में एडमिशन भी लिया था लेकिन लॉकडाउन के चलते मम्मी का काम छूट गया और घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई. इसके बाद पढ़ाई-लिखाई छोड़कर कपड़ा कंपनी में नौकरी करनी पड़ी. मेरे साथ पढ़ने वाले कई दोस्तों की सरकारी नौकरी भी लग गई.
घर के खराब आर्थिक हालात ने बनाया टेलर
रोहित बताते हैं कि घर के खराब आर्थिक हालात ने उन्हें टेलर बना दिया था. कंपनी में काम करता था लेकिन कंपनी में मजा नहीं आता था. टारगेट ज्यादा देते थे. सिस्टम समझ नहीं आता था. नौकर की तरह काम कराते थे. इसके बाद दिल्ली में स्पाइसी फूड बनाना सीखा. दिल्ली में दो से तीन महीने स्पाइसी फूड बनाया भी. फिर स्पाइसी फूड बनाने का काम शुरू किया. यह व्यवसाय छोटा है लेकिन खुद का है, अपना है. इसे रोहित मोमो हब नाम दिया है.
स्पाइसी फूड बिजनेस की शुरुआत
रोहित ने आगे कहा कि मैं सुबह 6 बजे से दोपहर दो बजे तक चाउमीन, फिंगर, मोमो और भी तमाम तरह के स्पाइसी फूड तैयार करता हूं. इसके बाद ठेला घर से निकालता हूं. मार्केट में शाम चार बजे ठेला लग जाता है. रात 8 बजे तक पूरा माल खत्म हो जाता है. छतरपुर जिले में अभी तीन महीने पहले ही स्पाइसी फूड बिजनेस शुरू किया है. इससे पहले बुआ के वहां यह काम करता था. फिलहाल कस्टमर धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं. यह काम खुद का है, तो काम का टारगेट नहीं है, इसलिए अब पहले से अच्छी स्थिति है.