छत्तीसगढ़ चक्रवाती तूफान अलर्ट! भारी बारिश की संभावना, खातीगुड़ा बांध से छोड़ा पानी, बस्तर में बाढ़ का खतरा

छत्तीसगढ़ चक्रवाती तूफान अलर्ट! भारी बारिश की संभावना, खातीगुड़ा बांध से छोड़ा पानी, बस्तर में बाढ़ का खतरा


Last Updated:

Chhattisgarh Cyclone Alert: छत्तीसगढ़ में 25 से 29 अक्टूबर के बीच चक्रवाती तूफान के असर से भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को धान कटाई रोकने की सलाह दी है. वहीं, उड़ीसा के खातीगुड़ा बांध के दो गेट खोले जाने के बाद बस्तर प्रशासन ने इंद्रावती नदी तट के इलाकों में अलर्ट जारी किया है.

Zoom

इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध के दो गेट खोल दिए गए.

रिपोर्ट: तनु वर्मा/श्रीनिवास नायडू

रायपुर/जगदलपुर: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान के प्रभाव से भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम में आ रहे इस बड़े बदलाव को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है. 25 से 29 अक्टूबर के बीच प्रदेश के विभिन्न जिलों में तेज बारिश का दौर देखा जा सकता है.

किसानों के लिए कृषि विश्वविद्यालय की सलाह
मौसम की स्थिति को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों के लिए विशेष मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है. विश्वविद्यालय ने किसानों को तत्काल धान की कटाई रोकने की सलाह दी है. साथ ही कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं. खेतों में पानी भरने से होने वाले नुकसान से बचने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करने को कहा गया है.

मंत्री रामविचार नेताम ने दिए अलर्ट के निर्देश
चक्रवाती तूफान की आशंका के मद्देनजर मंत्री रामविचार नेताम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और किसानों व ग्रामीणों तक समय पर जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.

उड़ीसा के खातीगुड़ा बांध से छोड़ा गया पानी
चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए उड़ीसा ने इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध के दो गेट खोल दिए हैं. कल दोपहर 3 बजे बांध के गेट नंबर 3 और नंबर 6 को खोला गया. इन दोनों गेटों से कुल 133.53 घन मीटर प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा जा रहा है.

बस्तर और जगदलपुर में बढ़ेगा जलस्तर
खातीगुड़ा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर लगभग 2.5 फीट तक बढ़ने का अनुमान है. बांध का पानी बस्तर तक पहुंचने में लगभग 7 से 8 घंटे का समय लग सकता है. इसके बाद इंद्रावती नदी का यह तेज बहाव बस्तर जिले और जगदलपुर क्षेत्र तक पहुंच जाएगा.

बस्तर जिला प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
आगामी भारी बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए बस्तर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. जिला प्रशासन ने इंद्रावती नदी से लगे तटीय इलाकों में रहने वाले सभी लोगों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं.



Source link