अक्टूबर-नवंबर में लगा दें स्ट्रॉबेरी की ये उन्नत किस्म, फरवरी-मार्च तक मिलने लगेंगे फल, कम समय में होगी बंपर कमाई

अक्टूबर-नवंबर में लगा दें स्ट्रॉबेरी की ये उन्नत किस्म, फरवरी-मार्च तक मिलने लगेंगे फल, कम समय में होगी बंपर कमाई


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अक्टूबर-नवंबर में लगा दें स्ट्रॉबेरी की ये उन्नत किस्म, मिलेगा बंपर मुनाफा

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Strawberry Farming: किसान कम समय में अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो स्ट्रॉबेरी की खेती एक अच्छा विकल्प हो सकती है. अक्टूबर-नवंबर का महीना इसकी रोपाई के लिए सही माना जाता है. किसान कम जमीन में भी इसकी खेती शुरू कर सकते हैं. इसके लिए खेत में ऊंची क्यारियां बनाना और पौधों के बीच सही दूरी रखना जरूरी है. मौसम और देखभाल के हिसाब से फरवरी-मार्च तक फल मिलने लगते हैं. तैयार स्ट्रॉबेरी को स्थानीय बाजारों और आसपास के बड़े शहरों में बेचकर कमाई की जा सकती है.

Strawberry Farming: अगर आप किसान हैं और ऐसी फसल की तलाश में हैं, जिससे कम समय में आमदनी शुरू हो सके, तो स्ट्रॉबेरी की खेती कर सकते हैं. अक्टूबर-नवंबर का महीना इसकी रोपाई के लिए अच्छा माना जाता है. सही किस्म का चुनाव, पौधों की देखभाल और बाजार में अच्छी मांग हो, तो किसान इस खेती से अच्छी कमाई कर सकते हैं. खास बात यह है कि इसके लिए बहुत ज्यादा जमीन होना जरूरी नहीं है. किसान कम जमीन से भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं. हालांकि, अच्छी पैदावार के लिए पौधों की सही तरीके से रोपाई और देखभाल करना जरूरी है.

कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती करने से पहले सही किस्म का चुनाव करना जरूरी है. कई किसान इसकी खेती तो करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि कौन-सी किस्म लगानी चाहिए.

चंदलर किस्म की रहती है अच्छी मांग
किसान भाई चंदलर किस्म का चुनाव कर सकते हैं. इसकी पौध किसी विश्वसनीय संस्थान से खरीदनी चाहिए, ताकि अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे मिल सकें. खेती के लिए खेत में ऊंची क्यारियां बनाना अच्छा रहता है. इससे पौधों के आसपास पानी जमा होने की समस्या कम होती है और फलों का मिट्टी से संपर्क भी कम रहता है. खेत में पानी की निकासी अच्छी होना जरूरी है, ताकि पौधों को नुकसान न पहुंचे. सही तरीके से क्यारियां तैयार करने और पौधों की देखभाल करने से फसल अच्छी होने की संभावना रहती है.

ऐसे करें स्ट्रॉबेरी के पौधों की रोपाई

स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए ऐसी मिट्टी चुननी चाहिए, जिसमें पर्याप्त जैविक पदार्थ मौजूद हों. पौधों की रोपाई करते समय कतार से कतार के बीच डेढ़ से दो फीट और एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच 25 से 30 सेंटीमीटर की दूरी रख सकते हैं. इससे पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है. अक्टूबर में रोपाई करने पर मौसम और देखभाल के हिसाब से फरवरी-मार्च तक फल मिल सकते हैं.

कहां बेच सकते हैं स्ट्रॉबेरी?

स्ट्रॉबेरी की फसल तैयार होने के बाद किसान इसे स्थानीय बाजार, फल विक्रेताओं और आसपास के बड़े शहरों में बेच सकते हैं. इसके अलावा अपने शहर की अलग-अलग मंडियों और बाजारों में भी इसकी बिक्री कर सकते हैं. खेती शुरू करने से पहले आसपास के बाजार में इसकी मांग और बिक्री की संभावनाओं के बारे में जानकारी लेना फायदेमंद रहेगा. सही किस्म, समय पर रोपाई और उचित देखभाल के साथ किसान स्ट्रॉबेरी की खेती से अच्छी आमदनी हासिल कर सकते हैं.



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