Indoor Plants: इन 3 पौधों को ले आएं घर, प्रदूषण नहीं कर पाएगा एंट्री, कमरे का वातावरण रहेगा साफ

Indoor Plants: इन 3 पौधों को ले आएं घर, प्रदूषण नहीं कर पाएगा एंट्री, कमरे का वातावरण रहेगा साफ


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Tips and Tricks: सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने लगा है. इससे बचने के लिए एक्सपर्ट्स ने इनडोर प्लांट्स लगाने की सलाह दी है. इनमें अरालिया स्नो व्हाइट, स्नेक प्लांट और एरिका पाम मुख्य हैं. ये पौधे घर की हवा साफ रखते हैं. इन्हें ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है.

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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण लगातार अब बढ़ने लगा है. सुबह और शाम को प्रदूषण की धुंध नजर आने लगी है. लोगों के चेहरे पर मास्क एक बार फिर लौट आए हैं. लोगों ने प्रदूषण से बचने के उपाय अभी से ही शुरू कर दिए हैं. बात करें एयर क्वालिटी इंडेक्स की तो दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स एक बार फिर 200 के करीब पहुंच चुका है. सर्दियों में इसके 300 से लेकर 400 तक पहुंचने की संभावना हर साल बन जाती है. ऐसे में आप खुद को बाहर मास्क लगाकर बचा सकते हैं लेकिन घर के अंदर आने वाले प्रदूषण से कैसे बचें तो उसका सरल उपाय है इनडोर प्लांट्स.

इनडोर प्लांट्स में भी कुछ खास प्लांट ऐसे होते हैं जो सिर्फ प्रदूषण को कम करने का ही काम करते हैं. कौन से हैं वो इनडोर प्लांट्स यही जानने के लिए जब दिल्ली की सबसे पुरानी नर्सरी जोकि छतरपुर में मौजूद है उसके मालिक गया प्रसाद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सारे इनडोर प्लांट्स प्रदूषण को कम करने का काम नहीं करते हैं. सिर्फ तीन खास प्लांट हैं जो प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

अरालिया स्नो व्हाइट है सबसे ताकतवर
एक्सपर्ट गया प्रसाद ने बताया कि इन सभी पौधों में टॉप पौधा है अरालिया स्नो व्हाइट जोकि प्रदूषण को कम करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह आकार में बहुत छोटा होता है और देखने में बेहद खूबसूरत भी लगता है. इसे अगर आपने घर के अंदर रख लिया तो यह आपके घर की खूबसूरती को भी बढ़ाएगा और साथ में ही प्रदूषण को कम करने में यह सबसे अच्छा पौधा माना जाता है. इसकी सफेद पत्तियां प्रदूषण के कण को सोखने का काम करती है. प्रदूषण बढ़ते ही इस पौधे के डिमांड बढ़ जाती है. इसकी कीमत 400 रुपए से शुरू होती है.

स्नेक प्लांट और एरिका पाम
गया प्रसाद ने बताया कि स्नेक प्लांट और एरिका पाम यह दो पौधे ऐसे हैं जिनका रोल प्रदूषण को कम करने में हमेशा से ही जरूरी माना गया है. जब भी सर्दियां शुरू होती है सबसे ज्यादा यह दो पौधे बिकते हैं. इस साल भी इन दोनों पौधों की डिमांड बढ़ चुकी है. उन्होंने बताया कि इन दोनों पौधों के आकार अलग-अलग होते हैं. छोटे आकार के पौधे ढाई सौ रुपए के जबकि बड़े आकार के पौधे 800 रुपए तक होते हैं.

इनडोर प्लांट का इस तरह रखें ध्यान
गया प्रसाद ने बताया कि इनडोर प्लांट्स जल्दी इसलिए खराब हो जाते हैं क्योंकि लोग इनडोर प्लांट्स को एक तो छाये में रखना होता है. इन सबके बावजूद रोज पानी डालते हैं. उसकी मिट्टी रोज गीली होती है. ज्यादा गीली मिट्टी इनडोर प्लांट्स को खराब कर देती है. लोग अक्सर शिकायत लेकर के आते हैं कि आपके पास से पौधा लेकर गए थे यह खराब हो गया. लोग अपनी गलती नहीं देखते हैं कि उन्होंने ध्यान से इस पौधे को नहीं रखा. असल में इनडोर प्लांट्स में कम पानी डालना होता है. हफ्ते में 2 से 3 बार सिर्फ पानी डालना होता है, क्योंकि यह छाए में रहते हैं तो मिट्टी कितनी गीली है यही देखकर पानी डालना होता है. खाद की बात करें तो इसमें भर में वर्मी कम्पोस्ट और गोबर की खाद डालने से ये पौधे लंबे वक्त तक टिके रहते हैं.

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