नई दिल्ली (Difference Between UGC NET, SET and PhD). अगर पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनकर युवाओं का भविष्य संवारना चाहते हैं तो ‘यूजीसी नेट’, ‘सेट’ और ‘पीएचडी’ जैसे शब्द जरूर सुने होंगे. लेकिन अक्सर लाखों युवा तीनों के बीच फर्क को लेकर कंफ्यूज्ड रहते हैं. किसी को लगता है कि नेट पास करने से सब हो जाएगा तो कोई सोचता है कि बिना पीएचडी के कॉलेज में नौकरी मिलना नामुमकिन है. जानकारी के अभाव में कई युवा सही करियर नहीं चुन पाते.
यूजीसी नेट, सेट और पीएचडी में क्या अंतर है?
यूजीसी नेट, सेट और पीएचडी को एक ही समझते हैं तो अब जानकारी को अपग्रेड करने का वक्त आ चुका है. ये तीनों एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं. इनका आपस में कोई मेल नहीं है. जानिए यूजीसी नेट, सेट और पीएचडी के बीच सभी जरूरी अंतर.
यूजीसी नेट क्या है? (देशभर के लिए पात्रता)
यूजीसी नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की तरफ से ली जाने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है. देश के किसी भी केंद्रीय, राज्य या प्राइवेट यूनिवर्सिटी और कॉलेज में ‘असिस्टेंट प्रोफेसर’ बनने या जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) पाकर स्कॉलरशिप के साथ पीएचडी करने के लिए यूजीसी नेट परीक्षा पास करना अनिवार्य है. इसे पास करने वाले उम्मीदवार पूरे भारत के किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए योग्य माने जाते हैं.
SET क्या है? (राज्य स्तर का टेस्ट)
3. पीएचडी क्या है? (रिसर्च की सर्वोच्च डिग्री)
नेट और सेट सिर्फ पात्रता परीक्षाएं हैं, वहीं PhD (Doctor of Philosophy) फुल टाइम रिसर्च डिग्री है. इसमें किसी एक खास विषय पर गहराई से रिसर्च करते हैं, नई थीसिस लिखते हैं और अपने नाम के आगे ‘डॉक्टर’ (Dr.) लगाते हैं. वर्तमान नियमों के अनुसार, देश की कई टॉप यूनिवर्सिटीज में प्रोफेसर बनने या प्रमोशन पाने के लिए PhD को बहुत अहम माना गया है.
नेट, सेट और पीएचडी में मुख्य अंतर क्या हैं?
- नेचर: नेट और सेट कॉम्पिटिटिव एग्जाम हैं, जबकि PhD एकेडमिक रिसर्च डिग्री कोर्स है. इसमें 3 से 5 साल का समय लगता है.
- स्कोप: NET पूरे देश में मान्य है, SET केवल संबंधित राज्य में मान्य है और PhD पूरी दुनिया में डॉक्टरल डिग्री के रूप में मान्य है.
- मकसद: नेट/सेट प्रोफेसर बनने के योग्य बनाते हैं, जबकि पीएचडी इंडिपेंडेंट रिसर्चर और विषय का एक्सपर्ट बनाती है.
नेट, सेट और पीएचडी में से क्या चुनना सही रहेगा?
अगर आप तुरंत कॉलेज लेक्चरर बनना चाहते हैं तो मास्टर्स की डिग्री लेने के तुरंत बाद यूजीसी नेट या सेट की तैयारी करनी चाहिए. अगर आप एकेडमिक दुनिया में लंबी छलांग लगाना चाहते हैं और प्रोफेसर पद पर परमानेंट करियर और प्रमोशन चाहते हैं तो नेट क्लियर करने के बाद किसी अच्छी यूनिवर्सिटी से PhD जरूर पूरी कर लें. मौजूदा दौर में नेट और पीएचडी का कॉम्बो करियर को सबसे मजबूत और सुरक्षित बनाता है.