नई दिल्ली (Gujarat University Hostels). पढ़ाई का बढ़ता स्ट्रेस, कम नंबर का डर और परिवार की उम्मीदों का बोझ- कॉलेज-यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स इनसे मानसिक रूप से टूट जाते हैं. कई स्टूडेंट्स इस दबाव को झेल नहीं पाते और हॉस्टल के बंद कमरों में खौफनाक कदम उठा लेते हैं. ऐसी ही दुखद घटनाएं रोकने के लिए सूरत की वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी (VNSGU) ने सराहनीय कदम उठाया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन हॉस्टल में लगे सीलिंग पंखे हटाकर ‘एंटी-सुसाइड स्प्रिंग-लोड’ पंखे लगा रहा है.
2500 में मिला एक पंखा
सूरत की यूनिवर्सिटी में लगाए गए एंटी सुसाइड पंखे की कीमत करीब 2500 रुपये है. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर Kishorsinh Chavda ने बताया कि पंखे पर 10 किलो वजन पड़ते ही पंखा नीचे की तरफ झुक जाता है. इसके बाद पावर सप्लाई भी बंद हो जाती है.
‘एंटी-सुसाइड’ पंखा कैसे काम करता है?
यह साधारण पंखे जैसा ही दिखता है. लेकिन इसके अंदर खास स्प्रिंग मैकेनिज्म लगा होता है. जब भी इस पंखे पर 10 से 25 किलोग्राम से ज्यादा का असामान्य भार पड़ता है- जैसे कि फांसी लगाने की कोशिश में- तो इसकी स्प्रिंग तुरंत खुल जाती है. इससे पंखा छत से नीचे की तरफ झुक जाता है और इसका लॉक हट जाता है. भार संभाल न पाने के कारण फंदा काम नहीं कर पाता और व्यक्ति जमीन पर आ गिरता है. कुछ मॉडल्स में तो जोर का अलार्म भी बजने लगता है. इससे आस-पास के लोगों को तुरंत भनक लग जाती है.
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NCRB के आंकड़े बढ़ा रहे चिंता, कोर्ट ने भी दिखाई सख्ती
नेपाल और भारत के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी सेंसिटिव है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के मुताबिक, भारत में साल 2019 के मुकाबले 2023 में स्टूडेंट्स की खुदकुशी के मामलों में 34% की बढ़ोतरी हुई. यह आंकड़ा 13,892 तक पहुंच गया था. साल 2024 और 2025 में भी चिंताजनक सिलसिला थमा नहीं. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच ने इस पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों को पुख्ता सुरक्षा उपाय और मेंटल हेल्थ केयर सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया.