देवास. मध्य प्रदेश में एक बार फिर जहरीली शराब से मौतों का मामला चर्चा में है. इस बार देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांव में हुई मौतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों का आरोप है कि शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई. कुछ लोगों को उल्टियां होने, चक्कर आने और आंखों की रोशनी प्रभावित होने की शिकायत भी सामने आई है. ग्रामीणों के मुताबिक, 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच दोनों गांवों में 13 लोगों की जान गई. हालांकि, देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जहरीली शराब से मौतों के दावों को भ्रामक बताया है. प्रशासन का कहना है कि मौतें दूसरी बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से हुई हैं.
देवास जिले के चंदाना और बिंजाना गांव में हुई मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों के मुताबिक, चंदाना में 9 और बिंजाना में 4 लोगों की मौत हुई है. मृतकों में अधिकतर मजदूरी करने वाले लोग थे, जिन्हें नियमित रूप से शराब पीने की आदत थी. परिजनों का दावा है कि शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ी. किसी को उल्टियां होने लगीं, तो किसी को चक्कर आने और दिखाई देना कम होने जैसी समस्याएं हुईं. ग्रामीणों ने मौतों के पीछे जहरीली शराब की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.
ग्रामीणों के अनुसार, 15 अक्टूबर को चंदाना गांव में चार दोस्तों ने एक साथ बैठकर शराब पी थी. इनमें दीपक रावत, उम्र 28 वर्ष, जितेंद्र, उम्र 35 वर्ष, ओमप्रकाश, उम्र 35 वर्ष और भीमा, उम्र 55 वर्ष शामिल थे. ग्रामीणों का दावा है कि अगले दिन चारों की मौत हो गई. वहीं, शराब पीने के बाद बीमार हुए कैलाश प्रजापत और संजय का इंदौर के अस्पतालों में उपचार चल रहा है. परिजनों का कहना है कि संजय की आंखों की रोशनी प्रभावित हुई है और वह आईसीयू में भर्ती है. हालांकि, इन मौतों और बीमारियों का कारण जहरीली शराब ही है या कोई अन्य स्वास्थ्यगत समस्या, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.
जांच में जुटा प्रशासन
गांव के पूर्व सरपंच सुनील पटेल ने भी मौतों को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि एक ही दिन में चार लोगों की मौत होना और कई लोगों में उल्टी, चक्कर आने तथा आंखों की रोशनी प्रभावित होने जैसी शिकायतें सामने आना गंभीर मामला है. पूर्व सरपंच के मुताबिक, प्रशासन की टीम गांव पहुंचकर पूछताछ तो कर रही है, लेकिन ग्रामीणों को अब तक कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है. उन्होंने पूरे मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
शराब पीने के बाद चक्कर आए
मृतकों के परिजन भी शराब को ही मौत की वजह बता रहे हैं. राजेंद्र राव का कहना है कि उनके बड़े भाई मोहनलाल शराब पीने के आदी थे और उनकी मौत शराब पीने के बाद हुई. वहीं, नेहा परमार ने अपने परिवार के एक सदस्य की मौत का जिक्र करते हुए बताया कि शराब पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी. उन्हें चक्कर आने लगे और दिखाई देना कम हो गया. अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई. परिजनों का दावा है कि गांव में हुई अन्य मौतों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई दिए. हालांकि, ग्रामीणों के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और सभी मौतों के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट से ही चल सकेगा.