शरीर में खून की हो गई है कमी? डाइट में शामिल करें ये चीजें, फॉलो करें 7 दिन का आसान डाइट प्लान, डॉक्‍टर ने किया सजेस्‍ट

शरीर में खून की हो गई है कमी? डाइट में शामिल करें ये चीजें, फॉलो करें 7 दिन का आसान डाइट प्लान, डॉक्‍टर ने किया सजेस्‍ट


Hemoglobin Badhane Ke Upay : क्या आपको भी थोड़ी दूर चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर थकान महसूस होने लगती है? कई बार बिना ज्यादा काम किए भी कमजोरी महसूस होती है, चक्कर आते हैं या सांस फूलने लगती है. इन लक्षणों की वजह ज्‍यादातर शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया हो सकती है.
शरीर में हीमोग्लोबिन का काम फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर उसे शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना होता है. जब इसकी मात्रा कम होने लगती है, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और थकान व कमजोरी जैसी परेशानियां महसूस हो सकती हैं. महिलाओं में पीरियड्स के दौरान ज्यादा खून बहना, खाने में आयरन की कमी, गर्भावस्था और कुछ बीमारियां भी एनीमिया की वजह बन सकती हैं.

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बीएलके मैक्‍स सुपर स्‍पेशैलिटी हॉस्‍पिटल के इंटरनल मेडिसीन डॉ राजेंद्र कुमार सिंघल(Dr. Rajinder Kumar Singal in Internal Medicine) ने अपने एक आर्टिकल में बताया कि ‘हम अगर अगर आपके शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम है, तो आपको बार-बार थकान महसूस होना, त्वचा का पीला पड़ना, चक्कर आना या सांस फूलने जैसी परेशानियां हो सकती हैं. कुछ लोगों को दूसरों के मुकाबले ज्यादा ठंड लगती है या दिल की धड़कन तेज महसूस होती है. ये सभी एनीमिया यानी खून की कमी के आम लक्षण हो सकते हैं. हालांकि, इन लक्षणों की दूसरी वजहें भी हो सकती हैं. ऐसे में सही खानपान की अहम भूमिका होती है. आयरन, विटामिन बी12, फोलेट और विटामिन सी से भरपूर चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना हीमोग्लोबिन के स्तर को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.’

खून की कमी दूर करने के लिए कैसा होना चाहिए 7 दिन का डाइट प्लान?

अगर आप शाकाहारी हैं या नॉनवेज खाते हैं, तो अपनी पसंद के मुताबिक इन विकल्पों को रोज के खाने में शामिल कर सकते हैं. कोशिश करें कि भोजन में दालें, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, फल, मेवे और प्रोटीन के अच्छे स्रोत हों.

आइए जानते हैं कि इस एक हफ्ते के डाइट प्लान.Image : Canva

पहला दिन: नाश्ते से लेकर रात के खाने तक-
सुबह का नाश्ता: मूंगफली और करी पत्ते वाला पोहा बनाएं. चाहें तो इसमें मटर भी डाल सकते हैं.
ब्रंच में: एक अमरूद या अनार खाएं. अमरूद विटामिन सी का अच्छा स्रोत है, जो पौधों से मिलने वाले आयरन को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है.
दोपहर का खाना: राजमा, चावल और ताजा सलाद लें. सलाद पर नींबू निचोड़ना न भूलें.
शाम का नाश्ता: दो खजूर और थोड़े बादाम खा सकते हैं.
रात का खाना: पालक पनीर या पालक टोफू के साथ मिस्सी रोटी लें.

दूसरा दिन: दाल और हरी सब्जियों पर दें ध्यान-
सुबह का नाश्ता: पालक भरकर मूंग दाल का चीला बनाएं. यह स्वादिष्ट होने के साथ प्रोटीन भी देता है.
ब्रंच में: एक संतरा या आंवला खाएं. चाहें तो बिना अतिरिक्त चीनी का जूस भी ले सकते हैं. पूरा फल खाना बेहतर विकल्प हो सकता है.
दोपहर का खाना: काला चना, दो रोटियां और हल्की पकी हुई ब्रोकोली खाएं. नॉनवेज पसंद करते हैं तो चने की जगह चिकन करी ले सकते हैं.
शाम का नाश्ता: थोड़े भुने हुए कद्दू के बीज खाएं.
रात का खाना: मेथी का थेपला, सब्जी और थोड़ी दही लें. ध्यान रखें कि दही को आयरन से भरपूर भोजन के साथ लेने के बजाय अलग समय पर लेना उपयोगी हो सकता है.

तीसरा दिन: अंकुरित अनाज और सोया को बनाएं डाइट का हिस्सा-
सुबह का नाश्ता: अंकुरित मूंग में टमाटर, प्याज और नींबू मिलाकर सलाद बनाएं.
ब्रंच में: एक सेब खाएं.
दोपहर का खाना: सहजन वाली सांभर, चावल और चुकंदर की सब्जी लें.
शाम का नाश्ता: नींबू और हल्के मसालों के साथ उबला हुआ मक्का खाएं.
रात का खाना: सोया चंक्स और मटर की सब्जी के साथ मल्टीग्रेन रोटी लें. सोया प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और इसमें कुछ मात्रा में आयरन भी मिलता है.

चौथा दिन: बाजरा और दालों को दें जगह-
सुबह का नाश्ता: सब्जियां डालकर बाजरे की खिचड़ी बनाएं.
ब्रंच में: कुछ भीगे हुए काले मुनक्के और दो अखरोट खा सकते हैं.
दोपहर का खाना: पनीर भुर्जी, दो ज्वार की रोटियां और अंकुरित अनाज का सलाद लें. अंडा खाते हैं तो पनीर की जगह अंडा करी ले सकते हैं.
शाम का नाश्ता: एक छोटी कटोरी भुने हुए मखाने खाएं.
रात का खाना: टमाटर की ग्रेवी में लौकी के कोफ्ते और रोटी लें. साथ में अपनी पसंद की कोई मौसमी सब्जी भी शामिल कर सकते हैं.

पांचवां दिन: मेथी, मसूर दाल और तिल खाएं-
सुबह का नाश्ता: कम तेल में मेथी का पराठा बनाएं और पुदीने की चटनी के साथ खाएं.
ब्रंच में: एक संतरा या मौसंबी लें.
दोपहर का खाना: मसूर की दाल, चावल और पालक की सब्जी खाएं. दाल में नींबू का रस या खाने के साथ विटामिन सी वाला फल लेना फायदेमंद हो सकता है.
शाम का नाश्ता: थोड़े खजूर और भुने हुए तिल खाएं.
रात का खाना: टोफू और शिमला मिर्च की सब्जी के साथ रोटी लें. अगर आप मछली खाते हैं, तो अपनी पसंद के मुताबिक ग्रिल्ड फिश भी चुन सकते हैं.

छठा दिन: रागी और साबुत अनाज को करें शामिल-
सुबह का नाश्ता: टमाटर की चटनी के साथ रागी डोसा खाएं.
बीच सुबह में: एक छोटी कटोरी पपीता लें.
दोपहर का खाना: सोया कीमा, दो रोटियां और प्याज-नींबू का सलाद खाएं. नॉनवेज पसंद करने वाले लोग मटन कीमा चुन सकते हैं.
शाम का नाश्ता: मुरमुरे में मूंगफली और अंकुरित अनाज मिलाकर भेल बना लें.
रात का खाना: गाजर, मटर और बीन्स की मिक्स वेज सब्जी के साथ बाजरे की रोटी खाएं.

सातवां दिन: दाल और हरी सब्जियों से करें दिन पूरा-
सुबह का नाश्ता: मटर और गाजर डालकर ओट्स उपमा बनाएं.
बीच सुबह में: चुकंदर और गाजर की स्मूदी ले सकते हैं. इसमें अतिरिक्त चीनी डालने से बचें.
दोपहर का खाना: काले चने की ग्रेवी, रोटी और पत्तागोभी की सब्जी खाएं.
शाम का नाश्ता: गुड़ और मूंगफली की चिक्की का एक छोटा टुकड़ा लें. हालांकि, गुड़ को खून की कमी का इलाज न समझें.
रात का खाना: पालक वाली दाल, चावल और अपनी पसंद की मौसमी सब्जी लें.

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान-

-सिर्फ पालक, चुकंदर या अनार खाने से खून की कमी दूर होने की गारंटी नहीं है. शरीर को आयरन के साथ दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी चाहिए.
-दालें, राजमा, चना, सोया, तिल, कद्दू के बीज और हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन के अच्छे स्रोत हैं.
-वहीं, नींबू, अमरूद, आंवला और संतरा जैसे विटामिन सी वाले खाद्य पदार्थ आयरन के अवशोषण में मदद करते हैं.
-खाने के तुरंत पहले या बाद में चाय-कॉफी पीने से बचें, क्योंकि इनमें मौजूद कुछ तत्व आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं. इन्हें भोजन से कुछ समय अलग लेना बेहतर है.

अगर लगातार थकान, कमजोरी या चक्कर आ रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह से हीमोग्लोबिन की जांच कराएं. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर आयरन, विटामिन बी12 और फोलेट की जांच भी करा सकते हैं. आयरन की गोली या सिरप अपनी मर्जी से शुरू न करें, क्योंकि हर तरह के एनीमिया का इलाज एक जैसा नहीं होता.

याद रखें, पौष्टिक डाइट शरीर को जरूरी पोषण देने और हीमोग्लोबिन सुधारने में मदद कर सकती है, लेकिन खून की कमी दूर होने में कितना समय लगेगा, यह उसकी वजह और गंभीरता पर निर्भर करता है.



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