मौत की सजा वापस, ब्यूटी कॉन्टेस्ट पर बैन! बुर्किना फासो में हो क्या रहा है? सैन्य सरकार के नए नियमों से बवाल

मौत की सजा वापस, ब्यूटी कॉन्टेस्ट पर बैन! बुर्किना फासो में हो क्या रहा है? सैन्य सरकार के नए नियमों से बवाल


होमफोटोनॉलेज

मृत्युदंड की वापसी, ब्यूटी कॉन्टेस्ट पर लगी रोक! बुर्किना फासो में क्यों बवाल

Last Updated:

Burkina Faso:पश्चिम अफ्रीकी देश बुर्किना फासो की सैन्य सरकार ने देश में नियमों को कड़ा करते हुए गंभीर अपराधों के लिए मृत्युदंड को बहाल कर दिया है. इसके साथ ही, सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर ब्यूटी कॉन्टेस्ट के आयोजन पर भी रोक लगा दी है. वहीं सरकार का कहना है कि यह देश में शांति, संप्रभुता और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है. इसको लेकर अफ्रीकी देशों सहित कई जगह पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहा है.

बुर्किना फासो की अंतरिम संसद ने नए आपराधिक कानून को मंजूरी दी है. इसके तहत आतंकवाद, देशद्रोह और जासूसी जैसे गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान तय किया गया है. इससे पहले देश में लंबे समय से मृत्युदंड देने पर रोक लगी हुई थी.

संचार, संस्कृति, कला और पर्यटन मंत्रालय ने देश भर में राष्ट्रीय और स्थानीय ब्यूटी कॉन्टेस्ट के आयोजन पर रोक लगा दी है. अधिकारियों का कहना है कि ये प्रतियोगिताएं देश की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक मूल्यों और मानवीय गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए. जब तक इन प्रतियोगिताओं के लिए नए दिशा-निर्देश तैयार नहीं हो जाते, तब तक किसी भी नए आयोजन को मंजूरी नहीं दी जाएगी.

ब्यूटी पेजेंट्स पर रोक के बीच सरकार ने महिलाओं को शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं. हाल ही में सरकार ने ‘हाकिली मूसो’ (HAKILI Mousso) नाम से एक राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता शुरू की. इसमें मैथ, फीजिक्स और केमिस्ट्री के क्षेत्र में युवा महिलाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया.

Add News18 as
Preferred Source on Google

सितंबर 2022 में तख्तापलट के जरिए सत्ता में आए कैप्टन इब्राहिम ट्राओरे की अगुवाई वाली सरकार के शासनकाल में बुर्किना फासो लगातार अपने सामाजिक और कानूनी ढांचे में बड़े बदलाव कर रहा है. जहां एक तरफ मानवाधिकार संगठन मृत्युदंड की वापसी पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं.

इस नए कानून के पक्ष में सभी 71 सांसदों ने मतदान किया. इस फैसले के साथ ही 2018 में मौत की सजा खत्म करने के लिए उठाए गए कदम को पलट दिया गया है. बुर्कीना फासो में आखिरी बार फांसी दिए जाने का मामला 1988 का है.

इन कदमों को देश की राष्ट्रीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. बुर्किना फासो के न्याय मंत्री एडासो रोड्रिग बयाला ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि आतंकवाद से निपटने और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए कठोर सजा जरूरी है.

लेटेस्ट कॉमर्स डील्स, खास डिस्काउंट और बेहतरीन शॉपिंग ऑफर देखने के लिए कंपेयर इंड‍ियादेखें.



Source link