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मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का मुद्दा केंद्र में आ गया है. राज्य में ओबीसी आरक्षण और इससे जुड़े अन्य अहम मुद्दों को पूरी आक्रामकता के साथ उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ी रणनीति तैयार की है.
कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश में बनाई स्पेशल कमेटी (AI तस्वीर)
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का मुद्दा केंद्र में आ गया है. राज्य में ओबीसी आरक्षण और इससे जुड़े अन्य अहम मुद्दों को पूरी आक्रामकता के साथ उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ी रणनीति तैयार की है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग के हितों, अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष प्रदेश स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है.
क्यों पड़ी इस कमेटी की जरूरत?
मध्य प्रदेश की राजनीति में ओबीसी मतदाता हमेशा से ही किसी भी दल की हार-जीत तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाते आए हैं. ऐसे में इस वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक उत्थान के साथ-साथ उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस अब सड़क से लेकर सदन तक आक्रामक तेवर दिखाने के मूड में है.
पार्टी ने इस अहम समिति में अपने कद्दावर और अनुभवी नेताओं को शामिल किया है, ताकि हर मोर्चे पर सरकार को घेरा जा सके.
अरुण यादव
कमलेश्वर पटेल
हीना कांवरे
सिद्धार्थ कुशवाहा
दिनेश गुर्जर
राजकुमार पटेल
मध्य प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष (पदेन सदस्य)
यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नई कमेटी राज्य में ओबीसी आरक्षण के पेच और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को किस प्रकार जनता के बीच लेकर जाती है और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ता है.