तिलक वर्मा का खुलासा, गंभीर-कोटक ने कहा था, अंत तक टिके रहे तो जीतेंगे
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Tilak Varma Reactions: न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने रोमांचक जीत दर्ज की. 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 15वें ओवर में 112 रन पर 6 विकेट गंवा दिए थे. ऐसे संकट में तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली और कोच गौतम गंभीर व सितांशु कोटक के भरोसे पर खरे उतरे. तिलक ने जीत के बाद कहा कि कोच गौतम गंभीर ने सितांशु कोटक ने मैच से पहले उन्हें जीत मंत्र दिया था.
तिलक वर्मा को हेड कोच गौतम गंभीर और सितांशु कोटक ने यूं किया था मोटिवेट.
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसे मुकाबले देखने को मिलते हैं जो दर्शकों की सांसें थाम देते हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम ने एक बार फिर अपनी अद्भुत क्षमता और जुझारू रवैये का परिचय दिया. मुश्किल परिस्थितियों से उबरकर भारत को रोमांचक जीत दिलाने वाले युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा इस मैच के असली नायक बनकर उभरे. उनकी यह पारी न सिर्फ उनके करियर की बेहतरीन पारियों में गिनी जाएगी, बल्कि युवा खिलाड़ियों के दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता का भी एक बेहतरीन उदाहरण है. जीत के बाद तिलक ने खुलासा किया कि मैच से पहले हेड कोच गौतम गंभीर और बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने उनसे कहा था कि अगर वह क्रीज पर अंत तक टिके रहे तो फिर भारत मैच जीत जाएगा.
मैच में भारत के सामने जीत के लिए 180 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था. लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती चली गई. एक समय ऐसा आया जब भारतीय पारी पूरी तरह लड़खड़ा गई. रन गति लगातार बढ़ती जा रही थी और दबाव बढ़ता जा रहा था. स्थिति यह थी कि 15वें ओवर तक टीम ने मात्र 112 के कुल स्कोर पर अपने छह बड़े विकेट गंवा दिए थे. क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों पर अत्यधिक दबाव था और ऐसा लग रहा था कि मैच न्यूजीलैंड की झोली में जा चुका है.
कोच का भरोसा और तिलक का संकल्प
ऐसे कठिन समय में तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभाली. मैच के बाद तिलक ने खुलासा किया कि मुकाबले से पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने उनसे खास बातचीत की थी. कोचों ने उन पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा था कि पूरा देश उनसे उम्मीद लगाए बैठा है. उन्होंने तिलक से कहा था कि यदि वे पिच पर अंत तक टिके रहे, तो भारत इस मुकाबले को आसानी से जीत सकता है. कोचों के इस विश्वास ने तिलक को मानसिक रूप से मजबूत किया और उन्होंने मैदान पर उतरकर इसे सच कर दिखाया.
अहम साझेदारियों ने पलटा पासा
संकट की इस घड़ी में तिलक को पहले नमन धीर का साथ मिला. नमन ने आते ही तेजी से रन बनाते हुए 17 गेंदों पर 31 रनों की बहुमूल्य पारी खेली. दोनों बल्लेबाजों के बीच मात्र 25 गेंदों पर 42 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिससे मैच में भारत की वापसी की उम्मीदें फिर से जाग उठीं. हालांकि, मिचेल सैंटनर के एक ओवर में नमन के आउट होने से थोड़ी मुश्किल जरूर हुई, लेकिन तिलक ने हिम्मत नहीं हारी. इसके बाद क्रीज पर आए नीतीश कुमार रेड्डी, और दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर विपक्षी गेंदबाजों के होश उड़ा दिए. तिलक और नीतीश (जिन्होंने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए) के बीच 30 गेंदों पर नाबाद 69 रनों की अविजित साझेदारी हुई. दोनों ने सूझबूझ और आक्रामक खेल का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए भारत को चार विकेट से ऐतिहासिक जीत दिला दी.
जीत के बाद तिलक की भावनाएं
मैच के बाद अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए तिलक वर्मा ने कहा कि उन्हें खुद पर बहुत गर्व है. उन्होंने बताया कि पिच थोड़ी धीमी थी, जिसके कारण स्पिनरों के खिलाफ रन बनाना आसान नहीं था. उन्होंने नमन धीर से भी यही बात कही थी कि अगर वे अंत तक टिके रहें, तो मैच को काफी पहले समाप्त किया जा सकता है. तिलक ने मुस्कुराते हुए अंत में कहा, ‘इसके बाद हैदराबाद के दोनों खिलाड़ी मैं और नीतीश रेड्डी क्रीज पर एक साथ थे. हमें इस बात की बेहद खुशी है कि हम टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाने में सफल रहे.’