जर्मनी में इंटरनेशनल ट्रेड हब खोलेगा भारत? पीयूष गोयल ने कही बड़ी बात
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पीयूष गोयल ने आर्थिक विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी अहम बताया. उन्होंने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार की भूमिका सुविधाएं उपलब्ध कराने की होनी चाहिए, न कि कारोबार में अनावश्यक हस्तक्षेप करने की.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जर्मनी की यात्रा पर हैं. (फाइल फोटो)
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी में रह रहे भारतीय समुदाय से भारत में निवेश बढ़ाने, भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात ऑर्डर जुटाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी पहुंच मजबूत करने में सहयोग करने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय अपने पेशेवर नेटवर्क, कारोबारी अनुभव और स्थानीय संपर्कों का इस्तेमाल कर भारत की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं. बर्लिन में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय भारत और जर्मनी के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ की भूमिका निभा सकता है. इसके माध्यम से भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजारों तक पहुंचने, नए कारोबारी साझेदार बनाने और सेवाओं से जुड़े अनुबंध हासिल करने में मदद मिल सकती है.
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत मुक्त व्यापार समझौतों और मजबूत आर्थिक एवं भू-राजनीतिक साझेदारियों के जरिए दूसरे देशों के साथ अपने आर्थिक संबंधों का विस्तार कर रहा है. इसका उद्देश्य व्यापार बढ़ाने के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति को और मजबूत करना है. गोयल ने कहा कि भारत में विनिर्माण क्षेत्र का बड़े पैमाने पर विस्तार करने और सेवा क्षेत्र को मजबूत बनाने की व्यापक संभावनाएं हैं. हालांकि, इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए देश के भीतर और विदेशों में रहने वाले भारतीयों का योगदान जरूरी है. उन्होंने कहा कि हम महत्वाकांक्षा का निर्माण नहीं कर सकते. यह महत्वाकांक्षा और आगे बढ़ने की प्रेरणा लोगों से ही आनी चाहिए. उन्होंने भारतीय प्रवासियों के ज्ञान, पूंजी, अनुभव और संपर्कों को देश की विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण बताया.
जर्मनी में वेयरहाउस बनाने की बात का समर्थन
जर्मनी में छोटे कारोबारियों को यूरोपीय ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर गोयल ने कहा कि सरकार विदेश में वेयरहाउस बनाने की पहल को समर्थन दे सकती है. इसके लिए किसी उद्योग संगठन या भारतीय समुदाय के संघ को इसके पेशेवर प्रबंधन की जिम्मेदारी लेनी होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सीधे ऐसे वेयरहाउस की स्थापना नहीं करेगी, लेकिन फंडिंग, बीमा, सुरक्षा और ऑपरेशन की स्पष्ट व्यवस्था होने पर सहयोग दे सकती है. इस सुविधा के जरिए भारतीय निर्यातक जर्मनी में अपना सामान रखकर स्थानीय बाजार में उसकी बिक्री आसान बना सकेंगे. साथ ही सभी निर्यातकों को निष्पक्ष पहुंच सुनिश्चित करनी होगी.
निजी क्षेत्र की भागीदारी को बताया अहम
पीयूष गोयल ने आर्थिक विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी अहम बताया. उन्होंने भारत के सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार की भूमिका सुविधाएं उपलब्ध कराने की होनी चाहिए, न कि कारोबार में अनावश्यक हस्तक्षेप करने की. जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत विनायक गुप्ते ने बताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 53 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि जर्मनी में भारतीय समुदाय की संख्या 3.32 लाख से अधिक हो चुकी है. यह समुदाय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वित्त और अन्य क्षेत्रों में योगदान देने के साथ दोनों देशों के व्यापारिक और जन-संबंधों को मजबूत कर रहा है.