DK Shivakumar News: हाई-टेक गैजेट्स के जरिए राजनेताओं की जासूसी के एक बड़े मामले में कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि हाल ही में उनसे मुलाकात करने आए एक व्यक्ति ने मेटा एआई से लैस स्मार्ट चश्मा पहन रखा था, जिससे उन्हें तुरंत खुफिया स्टिंग ऑपरेशन की आशंका हुई. शिवकुमार का दावा है कि इस संदिग्ध गतिविधि के बाद जब उस शख्स की पड़ताल कराई गई, तो राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाने वाले एक बड़े गुप्त नेटवर्क की कड़ियां सामने आ गईं.
एशियानेट सुवर्णा न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में, शिवकुमार ने बताया कि कैसे एक व्यक्ति, जिसने खुद को व्यवसायी बताया था, उनसे व्यापार के मामलों पर चर्चा करने के बहाने मिलने आया और फिर बातचीत को राजनीति की ओर मोड़ दिया. कांग्रेस नेता ने कहा कि उस व्यक्ति का चश्मा देखकर उन्हें शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों से उसके बैकग्राउंड की जांच करने को कहा.
सुवर्णा न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शिवकुमार ने कहा, “मेरे पास ईश्वर की दी हुई एक विशेष शक्ति है. किसी के चेहरे को देखकर ही मैं समझ सकता हूं कि वह मुझसे मिलने क्यों आया है और उसके इरादे क्या हो सकते हैं. मुझे चेहरे पढ़ना आता है.” उनके बताए अनुसार, मिलने आए व्यक्ति ने शुरुआत में तो व्यापार के बारे में बात की, लेकिन बाद में वह एक निजी कमरे में चला गया, अपना लैपटॉप खोला और राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा करने लगा। शिवकुमार ने बताया कि वह व्यक्ति बहुत ही आत्मविश्वास के साथ राजनीतिक चालों पर बात कर रहा था, जिससे उन्हें उसके चश्मे को और ध्यान से देखने की ज़रूरत महसूस हुई.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बाद की जांच से पता चला कि उस व्यक्ति ने उनके और कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली के साथ बैठकों के दौरान ‘मेटा ग्लास’ (Meta glasses) पहन रखे थे, लेकिन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और एक केंद्रीय मंत्री सहित अन्य प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के साथ बैठकों के दौरान उसने ऐसा नहीं किया. शिवकुमार ने कहा कि जुटाई गई जानकारी से यह भी संकेत मिलता है कि अन्य नेता और मंत्री भी इस तरह के ऑपरेशनों के संभावित निशाने हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों को सतर्क रहने की सलाह दी थी.
‘सुवर्णा न्यूज़’ के अनुसार, उन्होंने कहा, “किसने कहा कि मेरे मामले से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन में कोई कार्रवाई नहीं हुई है? हर बात सार्वजनिक रूप से नहीं बताई जा सकती.” उन्होंने आगे कहा कि सही समय आने पर वह और अधिक जानकारी का खुलासा करेंगे. हालांकि, इन आरोपों पर अभी भी विवाद है, और कथित ऑपरेशन तथा इसके पीछे शामिल लोगों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
ये खुलासे ऐसे समय में हुए हैं जब कर्नाटक के राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशनों को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है. 8 अक्टूबर को, शिवकुमार ने अपने कैबिनेट सहयोगियों को चेतावनी दी थी कि मंत्रियों को फंसाने की कोशिशें की जा रही हैं. बाद में उन्होंने दावा किया कि उनके पास उन लोगों की पहचान से जुड़े सबूत हैं जो इन कथित कोशिशों के पीछे हैं.