नई दिल्ली (Karwa Chauth School Holiday 2026). उत्तर भारत में करवाचौथ का त्योहार उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. शादीशुदा महिलाएं पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. 2026 में करवाचौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा. वर्किंग विमेन, खासकर स्कूली शिक्षिकाओं के मन में करवाचौथ पर सरकारी छुट्टी का ख्याल जरूर आता है. इसके साथ ही पेरेंट्स और बच्चों को भी उत्सुकता रहती है कि इस दिन स्कूल बंद रहेंगे या फिर रेगुलर क्लासेस लगेंगी.
क्या करवाचौथ पर सरकारी छुट्टी होती है?
करवाचौथ पर देशभर में राष्ट्रीय स्तर की सरकारी छुट्टी नहीं होती. हालांकि, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में करवाचौथ के दिन प्रतिबंधित (Restricted Holiday) या विशेष कैजुअल लीव का प्रावधान है. उत्तर प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कैलेंडर के तहत शादीशुदा महिला शिक्षकों को करवाचौथ पर स्पेशल छुट्टी दी जाती है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को शिक्षिकाओं के लिए अवकाश का आदेश दिया है.
क्या सिर्फ शिक्षिकाओं को छुट्टी मिलती है या बच्चों को भी?
यह सबसे बड़ा सवाल है. नियम के अनुसार, करवाचौथ की छुट्टी केवल शादीशुदा महिला कर्मचारियों और शिक्षिकाओं के लिए होती है. पुरुषों (शिक्षकों) और अविवाहित स्टाफ के लिए यह सामान्य वर्किंग डे होता है. बच्चों के लिए स्कूल आमतौर पर खुले रहते हैं. हालांकि, जिन प्राइमरी स्कूलों में केवल महिला शिक्षिकाएं ही होती हैं, वहां लोकल प्रशासन, डीएम या स्कूल के स्तर पर बच्चों के लिए हाफ-डे या छुट्टी का आदेश जारी कर दिया जाता है.
शिक्षिकाओं की एब्सेंस में पढ़ाई कैसे होती है?
जब स्कूल की ज्यादातर महिला टीचर छुट्टी पर होती हैं, तब स्कूल मैनेजमेंट पढ़ाई का नुकसान बचाए रखने के लिए खास सिस्टम अपनाता है:
- सब्स्टिट्यूशन टाइम-टेबल (Adjustment Classes): स्कूल के पुरुष शिक्षक या नॉन-टीचिंग स्टाफ को एक्स्ट्रा पीरियड दिए जाते हैं.
- कंबाइंड क्लासेस: दो-तीन सेक्शन के बच्चों को एक साथ हॉल या बड़े क्लासरूम में बैठाकर रिवीजन या एक्टिविटी कराई जाती है.
- को-करिकुलर और फन एक्टिविटीज: इस दिन को भारी-भरकम पढ़ाई के बजाय ड्रॉइंग, क्विज, सेल्फ-स्टडी या स्पोर्ट्स एक्टिविटीज के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल के प्रिंसिपल करवाचौथ से एक दिन पहले ही ‘एडजस्टमेंट चार्ट’ तैयार कर लेते हैं. इससे किसी भी क्लास का बच्चा बिना गाइडेंस के खाली नहीं रहता है.
स्कूल में छुट्टी के लिए नोटिस का करें इंतजार
अगर आप कंफ्यूजन में हैं कि करवाचौथ के दिन स्कूल जाना है या नहीं तो अपने राज्य के शिक्षा विभाग और स्कूल के ऑफिशियल ग्रुप/सर्कुलर का नोटिफिकेशन चेक कर लें. शिक्षिकाओं के लिए यह दिन पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा है. उनका मान रखते हुए स्कूल मैनेजमेंट सुनिश्चित करता है कि करवाचौथ के दिन बच्चों की पढ़ाई का बैलेंस न बिगड़े.