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‘अपने सैनिकों के शव तक ठुकरा दिए थे’: भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया कारगिल

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India At UN: भारत ने आतंकवाद और मजहबी आजादी के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को बेनकाब कर दिया है. असाधारण परिस्थितियों में ‘अंतिम संस्कार के अधिकारों’ पर आयोजित विशेष सत्र के दौरान भारत की राजनयिक भाविका मंगलानंदन ने वैश्विक मानवाधिकार पैरोकारों और पाकिस्तान दोनों को आईना दिखाया.

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यूएन में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया.

संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर भारत ने आतंकवाद और मजहबी आजादी को लेकर पाकिस्तान के पाखंड की धज्जियां उड़ा दीं. भारत ने दुनिया को आईना दिखाते हुए कहा कि आज आतंकियों के अधिकारों पर तो खूब शोर मचता है. लेकिन आतंकवाद का दंश झेलने वाले बेगुनाह पीड़ितों के अधिकारों पर सब खामोश हो जाते हैं. धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था से जुड़े स्पेशल रैपोर्टियर के साथ इंटरएक्टिव डायलॉग के दौरान भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी भाविका मंगलानंदन ने यह तीखा बयान दिया. यह सत्र असाधारण परिस्थितियों में अंतिम संस्कार के अधिकारों पर केंद्रित था.

भाविका मंगलानंदन ने दो टूक कहा कि मानवाधिकारों की पैरवी करने वाले आतंकियों के हक में खड़े हो जाते हैं. वहीं निर्दोष पीड़ितों के दर्द को पूरी तरह भुला दिया जाता है. उन्होंने आतंकवाद को पनाह देने वाले मुल्कों के दोहरे चरित्र को बेनकाब करते हुए वैश्विक मंच पर कड़ा संदेश दिया. इस दोहरे मापदंड को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. भारत ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना दुनिया की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान, पाकिस्तान ने अपने मारे गए सैनिकों के शव लेने से इनकार कर दिया था, जबकि भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी सैनिकों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ और इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाया था. उन्होंने कहा, “मैं पाकिस्तान को याद दिलाना चाहती हूं कि भारतीय सेना ने ही कई पाकिस्तानी सैनिकों को सैन्य सम्मान के साथ और इस्लामी रीति-रिवाजों के अनुसार दफनाया था.”

जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को खारिज करते हुए, मंगलानंदन ने कहा कि भारत को उपदेश देने के बजाय, पाकिस्तान को अपने अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों और वहां हो रहे घटनाक्रमों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की घटती आबादी और उनके अधिकारों के उल्लंघन पर भी चिंता जताई.

कारगिल युद्ध 3 मई से 26 जुलाई 1999 के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ा गया था, जिसमें भारतीय सेना ने ऊंचे पहाड़ी इलाकों में आमने-सामने की लड़ाई और रात के समय हमले करने के लिए अपनी जमीनी सेना को सफलतापूर्वक तैनात किया था. मंगलानंदन ने कहा कि “भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का जो गहरा जुनून है, उसे उसके अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हिस्सों – जैसे कि रावलकोट – में हो रहे घटनाक्रमों की ओर मोड़ना चाहिए.”



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